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हरियाणा सरकार का निर्णय: अब धान की सीधी बुआई पर मिलेंगे 4000 रुपये, ढाई एकड़ की शर्त हटाई

Tue, 03 May 2022 07:42 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Tue, 03 May 2022 07:42 PM IST
सार

विशेषज्ञों का कहना है कि धान की पारंपरिक रोपाई की तुलना में सीधी बिजाई में लगभग 25-30 प्रतिशत पानी और श्रम की बचत होती है। साथ ही डीएसआर और पारंपरिक तकनीक से धान की पैदावार लगभग समान होती है। 

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Farmers will get Rs 4000 per acre on direct sowing of paddy in Haryana
धान - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

गिरते भूजल को बचाने के लिए हरियाणा सरकार ने इस बार प्रदेश में एक लाख एकड़ में धान की सीधी बिजाई का लक्ष्य रखा है। धान का कटोरा कहे जाने वाले करनाल, कुरुक्षेत्र, कैथल समेत 12 जिलों को यह लक्ष्य दिया गया है। इसके साथ ही सरकार ने इस योजना में सभी जिलों के लिए कुल 40 करोड़ रुपये का बजट रखा है।

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हरियाणा सरकार ने यह भी घोषणा कि है किसान 20 मई के बाद धान की सीधी बिजाई कर सकते है। वहीं, पारंपरिक धान की रोपाई 15 जून के बाद शुरू होगी। आंकड़ों के अनुसार, राज्य में धान की खेती का कुल क्षेत्रफल लगभग 13 लाख हेक्टेयर है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, धान की सीधी बिजाई में पारंपरिक बुआई की अपेक्षा पानी की खपत कम होती है। 
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कम पानी वाले क्षेत्रों में भी धान की सीधी बिजाई बतौर विकल्प हो सकती है। विशेषज्ञों का कहना है कि धान की पारंपरिक रोपाई की तुलना में सीधी बिजाई में लगभग 25-30 प्रतिशत पानी और श्रम की बचत होती है। साथ ही डीएसआर और पारंपरिक तकनीक से धान की पैदावार लगभग समान होती है। 

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इस बार प्रति एकड़ चार हजार प्रोत्साहन राशि, 2.5 एकड़ तक की शर्त हटाई
सरकार ने इस वर्ष 1000 रुपये प्रोत्साहन राशि घटा दी है। पहले 5000 रुपये (प्रति एकड़) प्रोत्साहन राशि दी जाती थी लेकिन इस वर्ष इसे घटाकर 4000 रुपये कर दिया है। हालांकि, पहले किसान अधिकतम 2.5 एकड़ में ही सीधी बिजाई करके प्रोत्साहन राशि का लाभ ले सकता था लेकिन अब सरकार ने इस शर्त का खत्म कर दिया है। 

किसान कितने भी एकड़ में बिजाई कर सकता है। इस योजना का लाभ लेने के लिए 30 जून तक किसानों को मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर आवेदन करना होगा। फसल का भौतिक सत्यापन करने के बाद संबंधित किसानों को सीधे बैंक खाते में प्रोत्साहन राशि डाली जाएगी। इस कमेटी में कृषि अधिकारी, पटवारी नंबरदार शामिल रहेंगे।

किसानों को चाहिए कि वह नई तकनीक से धान की बिजाई करें। इससे न केवल भूजल बचेगा, बल्कि उनका खर्च भी बचेगा और सरकार इसके बदले प्रोत्साहन राशि भी दे रही है। डॉ. सुमिता मिश्रा, एसीएस, कृषि विभाग   

जिला लक्ष्य (एकड़) राशि (करोड़)
जींद 11000   4.4
कैथल 11000 4.4
करनाल 10000 4
कुरुक्षेत्र 10000   4
फतेहाबाद 9000 3.6
सिरसा 8000  3.2
हिसार 8000 3.2
रोहतक 8000 3.2
अंबाला 7000 2.8
यमुनानगर 6000 2.4
पानीपत 6000 2.4
सोनीपत 6000 2.4

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