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Hindi News ›   Chandigarh ›   Farmers protest outside of DC office in Sangrur

संगरूर में डीसी दफ्तर के बाहर पराली लेकर धरने पर बैठे किसान, जमकर की नारेबाजी

Sat, 13 Oct 2018 01:35 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, संगरूर (पंजाब)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, संगरूर (पंजाब) Updated Sat, 13 Oct 2018 01:35 AM IST
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Farmers protest outside of DC office in Sangrur
धरने पर बैठे किसान

पराली जलाने के लिए किसानों और प्रशासन के बीच चल रही कश्मकश के कारण शुक्रवार को किसान पराली की ट्रालियां भरकर ले आए और संगरूर डीसी दफ्तर के बाहर सड़क पर फेंक दी। किसानों ने पराली पर बैठकर धरना लगा दिया और जमकर नारेबाजी की। इस मौके पर किसान मोर्चा के जिला कन्वीनर भूपिंदर सिंह लौंगोवाल और बलवीर जलूर ने कहा कि गांव बड़रूखां, कुंनरा, साहोके और लौंगोवाल के किसान पराली लेकर आए हैं। 

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उन्होंने प्रशासन से सवाल किया कि प्रशासन इस पराली का क्या करेगा, प्रशासन जो पराली का करेगा, वही किसान करने को तैयार हैं। उन्होंने कहा कि किसानों के पास पराली जलाने के सिवाय अन्य कोई विकल्प नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार उनके खेतों से खुद पराली काटकर ले जाए अथवा उन्हें पांच हजार रुपये प्रति एकड़ मुआवजा दे।
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 इसके अलावा किसानों के पास इसका कोई हल नहीं है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार और केंद्र सरकार किसानों को जलील करने के लिए पराली जलाने के लिए कानून सख्त कर रही है लेकिन इसके समाधान के लिए कुछ नहीं कर रही है। इस मौके पर सुख सिंह साहोके, तेजिंदर सिंह ढडरियां, हरदेव सिंह दुल्लट, बलहार सिंह रत्तोके, राम सिंह, बलवीर सिंह कुंनरा, गुरप्रीत सिंह सहित बड़ी तदाद में किसान मौजूद थे।
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किसान बोले-एसएमएस से कटाई करने बाद पराली नहीं आती किसी काम
रोपड़ में एसएमएस के जरिये धान की कटाई न करवाने को लेकर प्रशासन द्वारा कंबाइन मालिक के खिलाफ कानूनी कारवाई की गई है। पुलिस द्वारा खेती बाडी विभाग की शिकायत पर कंबाइन मालिक के खिलाफ डीसी के नियमों की उलंघना का केस दर्ज कर कंबाइन को इंपाउंड कर लिया गया है। जिला के गांव सीहों माजरा में कंबाइन से धान की कटाई कराई जा रही थी, लेकिन कटाई के समय कंबाइन में एसएमएस मशीन का प्रयोग नहीं किया जा रहा। 

इसकी सूचना मिलने पर एसजीएम हरजोत कौर खेतीबाड़ी विभाग के अधिकारियों और पुलिस के साथ मौका देखने गए तो एसएमएस का प्रयोग किये बिना धान की कटाई कराई जा रही थी। जिस पर एसडीएम ने पुलिस को तुरंत कंबाइन मालिक के खिलाफ कार्रवाई की हिदायत दी। एसएडीएम ने किसानों से कहा कि वह मंजूरी लेकर बिना एसएमएस के धान की कटाई करा सकते हैं।

 जबकि बिना मंजूरी के एसएमएस के जरिये ही धान की कटाई कराई जा सकती है। उधर कंबाइन मालिक गुरप्रीत सिंह ने एसडीएम से कहा कि वह तो किसान के कहने पर ही बिना एसएमएस के जरिये धान की कटाई कर रहा था। उसने कहा कि जमींदार कहता है कि हमें पराली की जरूरत है तो ही वह बिना एसएमएस के कटाई करते हैं और वह धक्के से बिना एसएमएस का प्रयोग किये धान की कटाई नहीं करते। बता दें कि एसएसएस ऐसी तकनीक है, जो कंबाइन में जुड़कर पराली खेत में फैला देती है।

रेतीली जमीन पर यह तकनीक कामयाब नहीं

Farmers protest outside of DC office in Sangrur
मौके पर मौजूद जांच अधिकारी

इस दौरान जमीन मालिक ने कहा कि वह धान की कटाई के बाद पराली को आग नहीं लगाना चाहते, बल्कि उन्हें पशुओं के लिए धान की जरूरत है। उन्होंने कहा कि वह गुज्जरों को भी पराली देते हैं और एसएमएस के जरिये कटाई करने के बाद पराली किसी काम नहीं आती। ऐसी जगह पर अगर किसी किसान के आलू की खेती करनी है तो वह एसएमएस के जरिये कटाई के बाद नहीं हो सकती। उन्होंने कहा कि एसएमएस के जरिये कंबाइन धीरे चलती है तथा काम देरी से होता है। जबकि एसएमएस के जरिए धान की कटाई का रेट 2500 रुपये है और बिना एसएमएस के जरिये धान की कटाई का रेट 1500 रुपये है।   

कंबाइन मालिक पर केस दर्ज
थाना सिंह भगवंतपुर के एएसआई सुरिंदर सिंह ने बताया कि खेतीबाड़ी अफसर हरपाल सिंह की शिकायत के बाद कंबाइन मालिक गुरप्रीत सिंह पर नियमों की उल्लंघना का मामला दर्ज किया गया है। कंबाइन मालिक गुरप्रीत सिंह पर केस दर्ज कर
 कंबाइन को इंपाउंड किया गया है।

मंजूरी के लिए पूरा दिन हुआ परेशान
गांव शेखुपुरा वासी किसान रनवीर सिंह ने कहा कि कुछ दिन पहले डिप्टी कमिश्नर सुमित जारंगल ने पराली को आग न लगाने संबंधी किसानों को जागरूक करने के लिए रखी एक मीटिंग में एसएमएस के बिना धान की कटाई करने के लिए प्रशासन से मंजूरी लेने के लिए उसे पूरा दिन काफी परेशान होना पड़ा। मीटिंग में बात उठाने के बाद डीसी ने तुरंत एसएमएस के बिना धान कटाने के लिए मंजूरी वाली फाइल मंगवाकर दस्तखत कर दिये और सुबह मंजूरी देने का आश्वासन दिया।

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