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Farmer Protest : केंद्रीय मंत्री से कृषि वैज्ञानिक ने अवार्ड लेने से किया इनकार, बोले-मेरा जमीर इजाजत नहीं देता
Wed, 09 Dec 2020 05:09 PM IST
निवेदिता शर्मा
अमर उजाला, लुधियाना (पंजाब)
अमर उजाला, लुधियाना (पंजाब)
Published by: निवेदिता शर्मा
Updated Wed, 09 Dec 2020 05:09 PM IST
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अवार्ड लेने से इंकार करते पंजाब के कृषि वैज्ञानिक वरिंदर पाल सिंह।
- फोटो : Twitter
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कृषि कानूनों के विरोध में धरने पर बैठक किसानों के समर्थन में पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल सहित कई गण्यमान्य लोगों ने अपने अवॉर्ड वापस कर दिए हैं। इसी कड़ी में नाम जुड़ा है पंजाब एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी के प्रसिद्ध मृदा वैज्ञानिक वरिंदर पाल सिंह का।
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बेहतरीन खोज के लिए वरिंदर पाल सिंह को फर्टिलाइजर एसोसिएशन ऑफ इंडिया की तरफ से गोल्डन जुबली अवॉर्ड से सम्मानित किया जाना था। इसके लिए सोमवार को दिल्ली में एक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इसी दौरान वरिंदर पाल सिंह ने केंद्रीय मंत्री रसायन एवं उर्वरक मंत्री डीवी सदानंद गौड़ा के हाथ से अवॉर्ड लेने से इनकार दिया। मंच पर पहुंचकर उन्होंने कहा कि वह इस अवॉर्ड के लिए सरकार का धन्यवाद करते हैं। भविष्य में वह इसी तरह मेहनत से काम करते रहेंगे। लेकिन इस समय पंजाब का किसान सड़कों पर है, ऐसे में वह उन किसानों के समर्थन में यह अवॉर्ड नहीं लेंगे। अवॉर्ड लेने से इनकार करने का वीडियो इस समय सोशल मीडिया पर वायरल है।
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बता दें कि वरिंदर पाल सिंह की गिनती देश के बड़े कृषि वैज्ञानिकों में होती है। उन्होंने एक ऐसी तकनीक को विकसित किया है, जिससे खेत में कम यूरिया डालकर अच्छी फसल पैदा की जा सकती है। उनकी इस तकनीक के चलते पंजाब को एक वर्ष में 750 करोड़ की बचत होगी।
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बेहतरीन खोज के लिए उन्हें फर्टिलाइजर एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने गोल्डन जुबली अवॉर्ड से सम्मानित करना था। सोमवार को दिल्ली में एक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इसमें रसायन एवं उर्वरक मंत्री डीवी सदानंद गौड़ा की तरफ से वरिंदर पाल सिंह को सम्मानित किया जाना था। समारोह में जैसे ही वरिंदर पाल सिंह का नाम लिया गया, वह मंच पर आए।
मंच पर पहुंचते ही उन्होंने सबसे पहले एसोसिएशन और मंत्री गौड़ा का आभार व्यक्त किया। इसके बाद अवॉर्ड लेने से इनकार कर माफी मांगते हुए उन्होंने कहा कि इस समय देश में संकट की स्थिति है, देश का किसान सड़कों पर है। इसलिए मेरा जमीर मुझे इजाजत नहीं देता कि मैं यह अवार्ड लूं। मुझे आशा है कि हम देश के लिए एकजुट होकर काम करेंगे। सरकार को किसानों की बात को जरूर सुनना चाहिए। मैंने जो यह काम किया है, वह किसानों के लिए किया है। यह अवार्ड लेकर मुझे लगता है, मैं कुछ गलती करूंगा। इस अवॉर्ड के लिए मैं केंद्रीय मंत्री और एफएआई का आभार व्यक्त करता हूं।