किराया बढ़ते ही लोगों को ऐसे लूटता है रेलवे
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रेलवे द्वारा जब-जब किराया बढ़ाया जाता है, चंडीगढ़ के यात्रियों से एक रुपये के चार रुपये तक भी वसूले जाते हैं। राउंड फिगर के नाम पर यह दोहरा बोझ डाला जाता है।
बुधवार को हुई रेल किराए की बढ़ोतरी में जन शताब्दी, गरीब रथ और इलाहबाद के लिए थर्ड एसी से यात्रा करने वालों को यह अतरिक्त बोझ उठाना होगा।
आखिर ऐसा क्यों
रेजगारी और खुले पैसों की समस्या के नाम पर रेलवे ने किराया पांच और दस रुपये के गुणांक में रखने का फैसला लिया था। ऐसे में अब जब किराया बढ़ता है तो एक रुपये की जगह पांच रुपये ले लिए जाते हैं। जैसे किराया अगर 476 रुपये बनता है तो उसे 480 रुपये कर दिया गया है।
एक रुपया कम कर 475 करने की जगह पूरे चार रुपये बढ़ा दिए गए। हालांकि रेलवे के नियम के अनुसार यदि किराया 476 बनेगा तो 475 रुपये लिए जाएंगे, लेकिन ऐसा नहीं किया जाता है। इसी तरह किराया 222 या 223 रुपये बनता है तो यात्रियों से दो से तीन रुपये अतिरिक्त वसूल कर उसे पांच या दस के गुणक में लाया जाता है।
इससे पहले जब रेलवे ने जब पिछले साल किराए में बढ़ोतरी की थी तब भी ऐसे ही यात्रियों पर दोहरी मार पड़ी थी। इसके बाद जब सुपरफास्ट और रिजर्वेशन चार्जेस बढ़े थे तब भी इसी तरह से यात्रियों से अतिरिक्त पैसे लिए गए थे।
इन ट्रेनों के यात्रियों से होगी अतिरिक्त वसूली
1. चंडीगढ़ से सुबह नई दिल्ली जाने वाली जन शताब्दी एक्सप्रेस में एसी चेयरकार का बेस फेयर 374 रुपये है। यात्रियों से 40 रुपये आरक्षण चार्ज और 45 रुपये सुपरफास्ट चार्ज लिए जाता है। इसके साथ 17 रुपये सर्विस टैक्स लिया जा रहा है।
ऐसे में कुल किराया 476 रुपये बनता है। रेलवे के नियम के अनुसार यात्रियों से 475 रुपये लिए जाने चाहिए, लेकिन किराया 480 रुपये तय किया गया है।
2. चंडीगढ़ से जयपुर जाने वाले गरीब रथ का बेस फेयर 557 रुपये है। रिजर्वेशन चार्ज और सुपरफास्ट चार्ज 85 रुपये व सर्विस टैक्स 24 रुपये है। कुल किराया 666 रुपये बनता है। लेकिन किराया 670 रुपये तय किया गया है।
3. चंडीगढ़ से इलाहाबाद का थर्ड एसी का बेस फेयर 1094 रुपये है। रिजर्वेशन चार्ज 40 रुपये है, जबकि सर्विस टैक्स 42 रुपये है। कुल किराया 1176 रुपये बनता है। ऐसे में यात्रियों से 1175 की बजाय 1180 रुपये वसूले जा रहे हैं।