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Chandigarh News: भरी गई अतिरिक्त राशि पानी के नए बिलों में होगी समायोजित, बांटे जा रहे बिलों पर लगाई रोक
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-सेक्टरों में पानी की 25 प्रतिशत बढ़ी हुई दरें होंगी वापस, सीएमओ ने जारी किए निर्देश
-बार-बार मामले को टाल रहे एचएसवीपी के अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) के सेक्टरों में पानी के बिलों को लेकर बढ़ते विवाद के बाद हरियाणा के मुख्यमंत्री कार्यालय ने कड़ा संज्ञान लिया है। सीएमओ ने एचएसवीपी मुख्यालय को सेक्टरों में बांटे जा रहे पानी के बिलों पर तुरंत प्रभाव से रोक लगाने और पहले से जमा कराई गई राशि को नए बिलों में समायोजित कर नए सिरे से बिल आंवटन के निर्देश दिए हैं। इससे प्रदेश के एक लाख से अधिक सेक्टरवासियों को राहत मिली है।
ऑल सेक्टर रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन ने राज्यस्तरीय बैठक बुलाकर आंदोलन शुरू करने की चेतावनी देते हुए मुख्यमंत्री मनोहर लाल से हस्तक्षेप की मांग की थी। अब समस्याओं के समाधान के बाद एसोसिएशन ने राज्यस्तरीय बैठक बुलाने के निर्णय को फिलहाल स्थगित कर दिया है। एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष कुलदीप वत्स ने बताया कि एचएसवीपी की कार्यप्रणाली से लोग परेशान हैं। सीएम की घोषणा के बावजूद एचएसवीपी के उच्च अधिकारी निर्णय लागू करने में आनाकानी करते हैं। इस मामले में भी लगभग एक लाख परिवारों द्वारा भरी एक्सेस अमाउंट को पानी के नए बिलों में एडजस्ट करने के बजाय उच्चाधिकारी फाइल सीएमओ में अटकी होने व कोई दिशा-निर्देश प्राप्त नहीं होने की बात कहकर मामले पर लीपापोती कर रहे हैं और सेक्टरों में संशोधित बिल बांटने की प्रकिया शुरू कर रखी है। इस पूरे मामले को लेकर सीएम के मुख्य प्रधान सचिव राजेश खुल्लर को अवगत करवाया गया। इसके बाद इस मामले पर उचित कार्रवाई हुई और मामले का समाधान हुआ, जबकि इससे पहले कई बार एचएसवीपी के अधिकारियों को अवगत कराया, उन्होंने कोई बात नहीं सुनी।
25 प्रतिशत बढ़ोतरी के बांट दिए थे बिल
फरवरी में सेक्टरों की पेयजल आपूर्ति की दरों में सीधे 25 प्रतिशत की बढ़ोतरी कर दी गई थी। सेक्टरवासियों के विरोध के बाद सीएम ने 2 अगस्त को पेयजल आपूर्ति की 25 प्रतिशत की बढ़ोतरी व एरियर को वापस लेने की घोषणा की थी। फरवरी से लेकर अगस्त तक विभिन्न सेक्टरों के लगभग एक लाख परिवारों ने 25 प्रतिशत की बढ़ी हुई दरों से गलत बिलों का भुगतान कर दिया। वर्तमान में एचएसवीपी द्वारा पानी के संशोधित बिल बांटने की प्रकिया शुरू कर दी गई थी। लेकिन जो लोग 25 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ गलत बिलों का भुगतान कर चुके हैं, उनकी एक्सेस अमाउंट को आगामी बिलों में एडजस्ट नहीं किया गया। इसके चलते लोगों में रोष बढ़ रहा था।
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-बार-बार मामले को टाल रहे एचएसवीपी के अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) के सेक्टरों में पानी के बिलों को लेकर बढ़ते विवाद के बाद हरियाणा के मुख्यमंत्री कार्यालय ने कड़ा संज्ञान लिया है। सीएमओ ने एचएसवीपी मुख्यालय को सेक्टरों में बांटे जा रहे पानी के बिलों पर तुरंत प्रभाव से रोक लगाने और पहले से जमा कराई गई राशि को नए बिलों में समायोजित कर नए सिरे से बिल आंवटन के निर्देश दिए हैं। इससे प्रदेश के एक लाख से अधिक सेक्टरवासियों को राहत मिली है।
ऑल सेक्टर रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन ने राज्यस्तरीय बैठक बुलाकर आंदोलन शुरू करने की चेतावनी देते हुए मुख्यमंत्री मनोहर लाल से हस्तक्षेप की मांग की थी। अब समस्याओं के समाधान के बाद एसोसिएशन ने राज्यस्तरीय बैठक बुलाने के निर्णय को फिलहाल स्थगित कर दिया है। एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष कुलदीप वत्स ने बताया कि एचएसवीपी की कार्यप्रणाली से लोग परेशान हैं। सीएम की घोषणा के बावजूद एचएसवीपी के उच्च अधिकारी निर्णय लागू करने में आनाकानी करते हैं। इस मामले में भी लगभग एक लाख परिवारों द्वारा भरी एक्सेस अमाउंट को पानी के नए बिलों में एडजस्ट करने के बजाय उच्चाधिकारी फाइल सीएमओ में अटकी होने व कोई दिशा-निर्देश प्राप्त नहीं होने की बात कहकर मामले पर लीपापोती कर रहे हैं और सेक्टरों में संशोधित बिल बांटने की प्रकिया शुरू कर रखी है। इस पूरे मामले को लेकर सीएम के मुख्य प्रधान सचिव राजेश खुल्लर को अवगत करवाया गया। इसके बाद इस मामले पर उचित कार्रवाई हुई और मामले का समाधान हुआ, जबकि इससे पहले कई बार एचएसवीपी के अधिकारियों को अवगत कराया, उन्होंने कोई बात नहीं सुनी।
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25 प्रतिशत बढ़ोतरी के बांट दिए थे बिल
फरवरी में सेक्टरों की पेयजल आपूर्ति की दरों में सीधे 25 प्रतिशत की बढ़ोतरी कर दी गई थी। सेक्टरवासियों के विरोध के बाद सीएम ने 2 अगस्त को पेयजल आपूर्ति की 25 प्रतिशत की बढ़ोतरी व एरियर को वापस लेने की घोषणा की थी। फरवरी से लेकर अगस्त तक विभिन्न सेक्टरों के लगभग एक लाख परिवारों ने 25 प्रतिशत की बढ़ी हुई दरों से गलत बिलों का भुगतान कर दिया। वर्तमान में एचएसवीपी द्वारा पानी के संशोधित बिल बांटने की प्रकिया शुरू कर दी गई थी। लेकिन जो लोग 25 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ गलत बिलों का भुगतान कर चुके हैं, उनकी एक्सेस अमाउंट को आगामी बिलों में एडजस्ट नहीं किया गया। इसके चलते लोगों में रोष बढ़ रहा था।
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