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साड़ी की शौकीन हैं तो यहां आपके लिए बहुत कुछ
अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Thu, 09 Jan 2014 01:25 AM IST
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सेक्टर 35 के किसान भवन में आजकल आप 11 राज्यों की साड़ियों की बहार देख सकते हैं। ये साड़ियां इन राज्यों की हस्तकला का नमूना हैं।
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यह प्रदर्शनी 17 जनवरी तक चलेगी। इस प्रदर्शनी में न सिर्फ साड़ियां बल्कि इन राज्यों के कारीगरों द्वारा तैयार सूट, शाल, चादरें, गलीचे, पर्दे, रजाइयां और ऊनी वस्त्र भी खरीद सकते हैं।
इस प्रदर्शनी की कुछ खास साड़ियों की जानकारी हम आपके लिए लाए हैं।
आंध्र प्रदेश का स्टाल
इस स्टाल पर मौजूद नागेश्वर राम ने बताया कि उनके पास 20 हजार से ज्यादा मूल्य तक की साड़ियां हैं। नारायणपट साड़ी आंध्र प्रदेश की खास पहचान मानी जाती है।
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इसकी कीमत 3 हजार रुपये से 4500 रुपये तक है। एक अन्य पंचमपली साड़ी की खासियत यह है कि यह धागे को डाई करके बुनी जाती है। ये साड़ियां प्रिंटेड ही होती हैं।
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इनकी रेंज 4500 से 10,500 रुपये तक है। आंध्र प्रदेश की महंगी साड़ियों में उपाडा साड़ी है। इसमें जरी की कढ़ाई होती है। कीमत 10,500 से 20,500 रुपये तक है।
कर्नाटक स्टाल
इस स्टाल पर मौजूद प्रवीन कुमार चौधरी ने बताया कि कर्नाटक की साड़ियां अपनी क्षेत्रीय विशेषताओं की वजह से काफी प्रसिद्ध हैं।
मलकलमुरु साड़ी भी चितदुर्ग जिले के मलकममुरु में ही बनाई जाती है। इसकी खासियत यह है कि साड़ी तैयार होने के बाद पल्लू और बार्डर जोड़ा जाता है।
इसकी कीमत 5400 से 12 हजार रुपये तक है। कर्नाटक के बंगालकोट जिले के इलकल में इलकल साड़ियां बनाई जाती हैं।
इस इलाके में ये साड़ियां आठवीं सदी से बनाई जा रही हैं और ये कर्नाटक की परंपरागत साड़ियों में आती हैं। इलकल साड़ियों की रेंड पांच हजार से 18 हजार रुपये तक है।
कोलकाता स्टाल
इस स्टाल पर मौजूद सुभारकर ने बताया कि कोलकता की तांत और कांथा की साड़ियां काफी प्रसिद्ध हैं। तांत की साड़ी की कीमत 850 रुपये की है। कांथा की साड़ी में सिल्क पर हाथ की कढ़ाई होती है। इसकी कीमत 3600 रुपये है।
बनारसी स्टाल
इस स्टाल पर मौजूद वकील अहमद ने बताया कि बनारसी वर्क में साड़ी और सूट दोनों उपलब्ध हैं। तनछुई जामावार साड़ी प्योर सिल्क से तैयार होती है।
इसे तान सिल्क भी कहते हैं। इसकी कीमत 15000 रुपये है। अडा पाटली साड़ी ही पारंपरिक बनारसी साड़ी है। इसमें दो तरह की कढ़ाई और रंग होता है।
इसकी कीमत दस हजार रुपये है। इसी तरह उपाडा सिल्क साड़ी 15 हजार रुपये है। कॉटन सिल्क के बनारसी सूट हैं जो शिफॉन के दुपट्टे के साथ आते हैं। इनकी कीमत 2000 रुपये है।
गुजरात स्टाल
इस स्टाल पर मौजूद तेजस भाई ने बताया कि हमारे पास सूट और ओढ़नी की बेराइटी है। बांधनी सूट टाई एंड डाई की तकनीक से तैयार होते हैं।
इसके कुर्ते पर काठियावाड़ी वर्क होता है। इसकी कीमत 1850 रुपये है। इसी तरह कच्छ वर्क वाले सूट हैं। इनमें जूट का धागा इस्तेमाल होता है। इनमें भी दो तरह के टांके होते हैं सिंधी टांका और कच्छ टांका। इनकी कीमत भी 1850 रुपये है।