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जींद यूनिवर्सिटी के इस फॉर्मूले से बीएड का पेपर लीक करना आसान है, जानिए क्या है मामला

Mon, 25 Jun 2018 03:21 PM IST
रवींद्र नैन/अमर उजाला, पानीपत(हरियाणा)
रवींद्र नैन/अमर उजाला, पानीपत(हरियाणा) Updated Mon, 25 Jun 2018 03:21 PM IST
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exam paper leak, bed paper leak via jind university formula is very easy process
पेपर लीक
बीएड की परीक्षा के लिए जींद यूनिवर्सिटी ने नया फार्मूला अपनाया है, जिससे पेपर को लीक करना आसान है। इसके तहत एक घंटा पहले ही पेपर डाउनलोड होता है। प्रश्न-पत्र डाउनलोड करने के लिए निजी कॉलेजों को आईडी और पासवर्ड भी दिए गए हैं। इस फार्मूले से आसानी से पेपर लीक किए जा सकते हैं। शनिवार को जींद की चौ. रणबीर सिंह यूनिवर्सिटी से संबंधित कॉलेजों में बीएड द्वितीय वर्ष का पहला पेपर सुबह साढ़े 9 बजे से ही सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था। यूनिवर्सिटी के वीसी ने भी बाद में इसकी पुष्टि भी कर दी थी। हालांकि पेपर रद्द करने से यह कहते हुए इनकार कर दिया कि पेपर शुरू होने के बाद यह वायरल हुआ। बताया जा रहा है कि रोहतक के एक कॉलेज में लापरवाही के कारण ऐसा हुआ है।
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यह है यूनिवर्सिटी की प्रक्रिया
बीएड परीक्षा के लिए जींद यूनिवर्सिटी की ओर से बीएड कॉलेजों को आईडी और पासवर्ड दिए गए हैं। पेपर अपलोड किए जाने के बाद यह आदेश दिए गए हैं कि साढ़े 8 से 10 बजे तक पेपर डाउनलोड करने होंगे और इनका ओटीपी यूनिवर्सिटी को भेजना होगा। ऐसे में कॉलेज अगर चाहे तो साढे़ आठ बजे भी पेपर डाउनलोड कर सकते हैं जबकि पेपर साढे़ 9 बजे शुरू होता है। अब जो बीएड कॉलेज पेपर लीक करना चाहे व आसानी से कर सकता है। पेपर डाउनलोडिंग से लेकर परीक्षार्थी तक पेपर पहुंचाने तक यूनिवर्सिटी का कोई नुमाइंदा मौजूद नहीं रहता। यह पूरी प्रक्रिया ही खामियों से भरी है।
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जींद यूनिवर्सिटी से जुड़े हैं पानीपत के 21 बीएड कॉलेज
जींद यूनिवर्सिटी से पानीपत के 21 और सोनीपत के 37 बीएड कॉलेज संबंधित हैं। इनमें से एडेड कॉलेज फिलहाल मुरथल विवि से जुड़े हैं लेकिन उनकी भी द्वितीय वर्ष की परीक्षा जींद यूनिवर्सिटी के अंतर्गत ली जा रही है। प्रथम वर्ष के दो पेपर हो चुके हैं जबकि द्वितीय वर्ष के शनिवार से शुरू हुए हैं। बीएड द्वितीय वर्ष का पहला पेपर शनिवार को ज्ञान एवं पाठ्यक्रम विषय का था। इसके लीक होने की चर्चा रही। पानीपत के एनसी कॉलेज ऑफ एजुकेशन, एलसीआरटी कॉलेज ऑफ एजुकेशन, एलएनटी कॉलेज ऑफ एजुकेशन, ताऊ देवीलाल मेमोरियल कॉलेज ऑफ एजुकेशन तथा भगवान परशुराम कॉलेज ऑफ एजुकेशन आदि बीएड कालेजों में परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं।
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पेपर रद्द होने का विद्यार्थियों में बना रहता है डर
शनिवार को रोहतक में बीएड का पेपर लीक होकर वायरल होने से विद्यार्थियों में पेपर रद्द होने का डर बना रहा। परीक्षा देकर आए एक निजी कॉलेज के बाहर विद्यार्थियों ने बताया कि उनके पास वायरल पेपर नहीं आया लेकिन उनका पेपर अच्छा हुआ है। ऐसे में पेपर रद्द हुआ तो यह परेशान करने वाला होगा। वे नहीं चाहते कि पेपर रद्द हो। उन्होंने बताया कि यूनिवर्सिटी की इस प्रक्रिया से किसी न किसी दिन पेपर के लीक होने और किसी पेपर के रद्द होने का भय बना रह सकता है।  


शनिवार को बीएड द्वितीय वर्ष का पहला ही पेपर था। पेपर वायरल होने की चर्चाएं तो रहीं, लेकिन बच्चों से ऐसे कोई साक्ष्य प्राप्त नहीं हुए। वहीं पेपर रद्द होने संबंधी कोई भी आदेश यूनिवर्सिटी की ओर से नहीं आए।
-डॉ. वंदना, प्राचार्या, लक्ष्य कॉलेज ऑफ एजूकेशन, नौल्था, पानीपत
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