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दूषित हो गई चंडीगढ़ की आबोहवा, सांस की बीमारी है तो संभल कर आएं शहर, वरना पछताएंगे
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Fri, 19 Oct 2018 12:56 PM IST
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वायु प्रदूषण
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चंडीगढ़ में प्रदूषण का स्तर काफी बढ़ गया है। अगर आपको सांस की बीमारी है और किसी वजह से शहर आ रहे हैं, तो संभल जाएं, मास्क लगाकर ही आएं। वीरवार को एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूई) 150 पार कर गया। सेक्टर-50 में एक्यूई 187 दर्ज किया गया। पिछले कई दिनों से शहर में हवा की गुणवत्ता ठीक थी। खासकर बारिश के बाद से, मगर वीरवार को अचानक शहर की हवा प्रदूषित हो गई।
विशेषज्ञों ने बताया कि अगले दो दिन शहर की आबोहवा खराब रहेगी। इसकी दो बड़ी वजहें हैं। पहला, मौसम का बदलना और दूसरा दशहरा। दशहरा के दौरान होने वाली आतिशबाजी से शहर की हवा के प्रभावित होने के आसार हैं। ऐसे में अस्थमा पीड़ित लोगों को थोड़ा बचकर रहना होगा। जो लोग सांस की बीमारी से पीड़ित वे सुबह व शाम को मास्क लगाकर रखें।
किस दिन कितना रहा एयर क्वालिटी इंडेक्स
दिनांक जगह एक्यूआई
18 अक्तूबर सेक्टर 50 187
18 अक्तूबर इंडस्ट्रियल एरिया 128
17 अक्तूबर सेक्टर 50 83
16 अक्तूबर इंडस्ट्रियल एरिया 85
15 अक्तूबर सेक्टर 17 65
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विशेषज्ञों ने बताया कि अगले दो दिन शहर की आबोहवा खराब रहेगी। इसकी दो बड़ी वजहें हैं। पहला, मौसम का बदलना और दूसरा दशहरा। दशहरा के दौरान होने वाली आतिशबाजी से शहर की हवा के प्रभावित होने के आसार हैं। ऐसे में अस्थमा पीड़ित लोगों को थोड़ा बचकर रहना होगा। जो लोग सांस की बीमारी से पीड़ित वे सुबह व शाम को मास्क लगाकर रखें।
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किस दिन कितना रहा एयर क्वालिटी इंडेक्स
दिनांक जगह एक्यूआई
18 अक्तूबर सेक्टर 50 187
18 अक्तूबर इंडस्ट्रियल एरिया 128
17 अक्तूबर सेक्टर 50 83
16 अक्तूबर इंडस्ट्रियल एरिया 85
15 अक्तूबर सेक्टर 17 65
प्रदूषण की क्या वजहें
air pollution
पर्यावरण से जुड़े विशेषज्ञों ने बताया कि शहर में प्रदूषण का स्तर तभी बढ़ता है, जब मौसम के रुख में बदलाव आए और आसपास के प्रदेशों में पराली जलाई जाए। पंजाब व हरियाणा दोनों प्रदेशों में इस समय पराली जलाई जा रही है। इसका थोड़ा बहुत असर शहर की हवा पर पड़ रहा है। साथ ही मौसम बदलने से वायुमंडलीय सीमा परत नीचे की ओर बढ़ी है। इससे प्रदूषण के कण नीचे रह रहे हैं। तीसरी वजह लगातार शहर में वाहनों की संख्या बढ़ना भी है। दीपावली के मौके पर तो पांच से आठ हजार नए वाहन सड़कों पर दौड़ने लगेंगे। इसका भी प्रदूषण का फर्क पड़ना तय है।
हाईकोर्ट के फैसले से राहत
आतिशबाजी पर हाईकोर्ट के फैसले से दीपावली पर प्रदूषण से राहत मिलने की संभावना है। हाईकोर्ट ने दशहरा, दीपावली व गुरुपर्व पर आतिशबाजी के लिए समय तय कर दिया है। फैसले के बाद तय समय तक ही लोग आतिशबाजी कर पाएंगे। पिछली बार देखा गया था कि हाईकोर्ट के फैसले से काफी हद तक हवा की गुणवत्ता ठीक थी। हालांकि ध्वनि प्रदूषण के स्तर पर कोई कमी नहीं आई थी। विशेषज्ञों ने बताया कि ये सब हाईकोर्ट के फैसले को एजेंसी किस तरह से लागू करवाती हैं और लोग कितने जागरूक होते हैं। लोगों को शहर की आबोहवा के बारे में सोचना होगा। वरना कुछ सालों में यहां भी दिल्ली जैसे हालात हो सकते हैं।
सेटेलाइट का डाटा देखें तो पिछले साल के मुकाबले पराली कम जलाई जा रही है। ठंड बढ़ने से वायुमंडलीय सीमा परत की हाइट कम हुई है। इससे प्रदूषण बढ़ा है। मौसम साफ होने से प्रदूषण का स्तर नीचे आने की संभावना है।
- रविंद्रा खैवाल, एडिशनल प्रोफेसर, इन्वायरमेंट हेल्थ पीजीआई
हाईकोर्ट के फैसले से राहत
आतिशबाजी पर हाईकोर्ट के फैसले से दीपावली पर प्रदूषण से राहत मिलने की संभावना है। हाईकोर्ट ने दशहरा, दीपावली व गुरुपर्व पर आतिशबाजी के लिए समय तय कर दिया है। फैसले के बाद तय समय तक ही लोग आतिशबाजी कर पाएंगे। पिछली बार देखा गया था कि हाईकोर्ट के फैसले से काफी हद तक हवा की गुणवत्ता ठीक थी। हालांकि ध्वनि प्रदूषण के स्तर पर कोई कमी नहीं आई थी। विशेषज्ञों ने बताया कि ये सब हाईकोर्ट के फैसले को एजेंसी किस तरह से लागू करवाती हैं और लोग कितने जागरूक होते हैं। लोगों को शहर की आबोहवा के बारे में सोचना होगा। वरना कुछ सालों में यहां भी दिल्ली जैसे हालात हो सकते हैं।
सेटेलाइट का डाटा देखें तो पिछले साल के मुकाबले पराली कम जलाई जा रही है। ठंड बढ़ने से वायुमंडलीय सीमा परत की हाइट कम हुई है। इससे प्रदूषण बढ़ा है। मौसम साफ होने से प्रदूषण का स्तर नीचे आने की संभावना है।
- रविंद्रा खैवाल, एडिशनल प्रोफेसर, इन्वायरमेंट हेल्थ पीजीआई