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Chandigarh News: आधुनिक मंडीकरण से किसानों को सुविधाएं देने पर जोर
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अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। पंजाब मंडी बोर्ड के चेयरमैन हरचंद सिंह बरसट ने कहा कि किसानों को बेहतर सुविधाएं देने और मंडीकरण व्यवस्था को आधुनिक बनाने के लिए बोर्ड लगातार नई पहल कर रहा है। उत्तराखंड में आयोजित राष्ट्रीय कांफ्रेंस में उन्होंने फलों और सब्जियों की थोक मंडियों में खाद्य नुकसान और बर्बादी रोकने के विषय पर पंजाब की पहलों की जानकारी दी।
बरसट ने कहा कि देश में बढ़ती आबादी को देखते हुए फसलों की बेहतर सप्लाई चेन और प्रबंधन जरूरी है। किसानों को मंडियों में उनकी फसल का उचित मूल्य और बेहतर प्रबंधन मिलना चाहिए। उन्होंने बताया कि पंजाब में 158 मार्केट कमेटियों के अधीन 152 मुख्य यार्ड, 285 सब-यार्ड और 1428 खरीद केंद्र हैं। बोर्ड 64,878 किलोमीटर लिंक सड़कों का रखरखाव भी कर रहा है।
उन्होंने बताया कि मंडियों में पारदर्शिता के लिए 2022-23 से ई-ऑक्शन व्यवस्था लागू है। इसके तहत अब तक करीब 1846 प्लॉट बेचकर लगभग 746 करोड़ रुपये की आमदनी हुई है। किसानों को व्हाट्सएप पर क्यूआर कोड वाले जे-फॉर्म जारी करने की पहल के लिए बोर्ड को राष्ट्रीय पुरस्कार भी मिला है।
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बरसट ने बताया कि मेहमदपुर में करीब 60 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक मंडी विकसित की जाएगी। इसके अलावा मंडियों में सोलर प्लांट, शेड और रोड सेफ्टी परियोजनाओं पर भी काम किया जा रहा है।
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चंडीगढ़। पंजाब मंडी बोर्ड के चेयरमैन हरचंद सिंह बरसट ने कहा कि किसानों को बेहतर सुविधाएं देने और मंडीकरण व्यवस्था को आधुनिक बनाने के लिए बोर्ड लगातार नई पहल कर रहा है। उत्तराखंड में आयोजित राष्ट्रीय कांफ्रेंस में उन्होंने फलों और सब्जियों की थोक मंडियों में खाद्य नुकसान और बर्बादी रोकने के विषय पर पंजाब की पहलों की जानकारी दी।
बरसट ने कहा कि देश में बढ़ती आबादी को देखते हुए फसलों की बेहतर सप्लाई चेन और प्रबंधन जरूरी है। किसानों को मंडियों में उनकी फसल का उचित मूल्य और बेहतर प्रबंधन मिलना चाहिए। उन्होंने बताया कि पंजाब में 158 मार्केट कमेटियों के अधीन 152 मुख्य यार्ड, 285 सब-यार्ड और 1428 खरीद केंद्र हैं। बोर्ड 64,878 किलोमीटर लिंक सड़कों का रखरखाव भी कर रहा है।
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उन्होंने बताया कि मंडियों में पारदर्शिता के लिए 2022-23 से ई-ऑक्शन व्यवस्था लागू है। इसके तहत अब तक करीब 1846 प्लॉट बेचकर लगभग 746 करोड़ रुपये की आमदनी हुई है। किसानों को व्हाट्सएप पर क्यूआर कोड वाले जे-फॉर्म जारी करने की पहल के लिए बोर्ड को राष्ट्रीय पुरस्कार भी मिला है।
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बरसट ने बताया कि मेहमदपुर में करीब 60 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक मंडी विकसित की जाएगी। इसके अलावा मंडियों में सोलर प्लांट, शेड और रोड सेफ्टी परियोजनाओं पर भी काम किया जा रहा है।