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गीजर चलाने से भी होगी बिजली की बचत
ब्यूरो/अमर उजाला, मोहाली
Updated Tue, 08 Apr 2014 02:38 PM IST
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अब गीजर से पानी गर्म करने पर बिजली की अधिक खपत नहीं होगी। शहर की प्रमुख हस्ती एवं गमाडा के रिटायर्ड एक्सईएन एनएस कलसी ने एक ऐसी तकनीक तैयार की है। जिसके प्रयोग से पानी गर्म करने में 30 प्रतिशत तक की बिजली बचत होगी। वहीं, यह तकनीक कोई मंहगी भी नहीं है।
उन्होंने तकनीक के बारे बताया कि जब प्लंबर घरों में बाथरूम की फीटिंग करते हैं। तो पानी वाले गीजर का कनेक्शन सीधे पानी वाली टंकी से जोड़ देते हैं। सर्दियों के मौसम में टंकी के पानी का तापमान दो से चार डिग्री तक होता है। जबकि ट्यूबवेेल से सीधे आने वाले पानी का तापमान 20 डिग्री तक होता है।
उन्होंने बताया कि उन्होंने गीजर को टंकी के अलावा सीधे ट्यूबवेल की सप्लाई से जोड़ा गया। इसके रिजल्ट काफी बढ़िया रहे। इससे जहां पानी जल्दी गर्म हो गया। वहीं, बिजली की 30 प्रतिशत तक की बचत संभव है।
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उन्होंने बताया कि नहाने और कपड़े धोने के लिए 28 डिग्री से लेकर 30 डिग्री पानी के तापमान की जरूर होती है। सीधे पानी की सप्लाई का तापमान 20 डिग्री है। उसका तापमान 30 डिग्री तक करने के लिए दस डिग्री बिजली की जरूरत होती है। जबकि टंकी वाले पानी का तापमान काफी कम होता है।
ऐसे में लोगों की बिजली की खपत ज्यादा होती है। उन्होंने कहा कि सेक्टर-66 से 69 व 76 से 80 में ट्यूबवेलों से पानी की सप्लाई होती है। ऐसे में वहां के लोग यदि सुबह छह बजे से नौ बजे तक गीजर को सीधी पानी की सप्लाई दें, तो वह इस चीज का लाभ उठा सकते हैं।
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उन्होंने तकनीक के बारे बताया कि जब प्लंबर घरों में बाथरूम की फीटिंग करते हैं। तो पानी वाले गीजर का कनेक्शन सीधे पानी वाली टंकी से जोड़ देते हैं। सर्दियों के मौसम में टंकी के पानी का तापमान दो से चार डिग्री तक होता है। जबकि ट्यूबवेेल से सीधे आने वाले पानी का तापमान 20 डिग्री तक होता है।
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उन्होंने बताया कि उन्होंने गीजर को टंकी के अलावा सीधे ट्यूबवेल की सप्लाई से जोड़ा गया। इसके रिजल्ट काफी बढ़िया रहे। इससे जहां पानी जल्दी गर्म हो गया। वहीं, बिजली की 30 प्रतिशत तक की बचत संभव है।
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उन्होंने बताया कि नहाने और कपड़े धोने के लिए 28 डिग्री से लेकर 30 डिग्री पानी के तापमान की जरूर होती है। सीधे पानी की सप्लाई का तापमान 20 डिग्री है। उसका तापमान 30 डिग्री तक करने के लिए दस डिग्री बिजली की जरूरत होती है। जबकि टंकी वाले पानी का तापमान काफी कम होता है।
ऐसे में लोगों की बिजली की खपत ज्यादा होती है। उन्होंने कहा कि सेक्टर-66 से 69 व 76 से 80 में ट्यूबवेलों से पानी की सप्लाई होती है। ऐसे में वहां के लोग यदि सुबह छह बजे से नौ बजे तक गीजर को सीधी पानी की सप्लाई दें, तो वह इस चीज का लाभ उठा सकते हैं।