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बिजली नहीं होगी महंगी, पर देना होगा एफएसए
अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Fri, 27 Dec 2013 03:16 PM IST
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एक ही साल में लोकसभा और विधानसभा चुनाव के कारण भले ही हरियाणा की दोनों बिजली वितरण कंपनियों ने 7300 करोड़ रुपये के घाटे के बावजूद बिजली दरें न बढ़ाने का फैसला किया है।
मगर 45 लाख उपभोक्ताओं से फ्यूल सरचार्ज एरियर (एफएसए) के नाम पर वसूली जा रही राशि अगले तीन साल जारी रखने का आग्रह किया है। यह आग्रह हरियाणा बिजली नियामक आयोग से किया गया है।
उत्तर और दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण कंपनियों ने आयोग के पास अगले तीन वित्त वर्षों 2014-15, 15-16, 16-17 के लिए सालाना राजस्व जरूरत (एआरआर ) दायर की हैं।
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दोनों निगमों ने आयोग के पास अपना अनुमानित राजस्व और खर्च का ब्योरा दिया है। उत्तर हरियाणा ने 2014-15 में 2246 और दक्षिण हरियाणा निगम ने 1617 करोड़ रुपये का घाटा दिखाया है।
इसमें अगर चालू वित्त वर्ष का घाटा जोड़ लिया जाए तो यह 7300 करोड़ से ज्यादा बनता है। उत्तर हरियाणा ने 2015-16 में 1174 करोड़ और दक्षिण हरियाणा ने 240 करोड़ का घाटा दिखाया है।
वर्ष 2016-17 में उत्तर हरियाणा निगम ने 343 करोड़ और दक्षिण हरियाणा ने 1702 करोड़ रुपये का घाटा दिखाया है। तीनों साल 7322 करोड़ का घाटा दिखाया गया है।
उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम ने आयोग से आग्रह किया है कि 2014-15 में घाटे के बावजूद बिजली दरें न बढ़ाई जाएं, मगर इस समय जो फ्यूल सरचार्ज एरियर (एफएसए) वसूला जा रहा है, उसे अगले तीन साल तक वसूलने की इजाजत दी जाए।
साथ में आग्रह किया कि वर्ष 2015-16 और 2016-17 में घाटे की भरपाई के लिए बिजली दरें बढ़ाई जाएं।
यह है फ्यूल सरचार्ज एरियर
बिजली नियामक आयोग जिस रेट पर बिजली वितरण कंपनियों की एआरआर तय करता है, उसमें बिजली खरीदने की दर भी शामिल होती है। अगर बिजली निगम उससे ज्यादा महंगी दर पर बिजली खरीदते हैं तो उस अंतर को फ्यूल सरचार्ज एरियर कहते हैं।
यह वसूला जा रहा है फ्यूल सरचार्ज एरियर
घरेलू
100 यूनिट तक खर्च करने वाले उपभोक्ताओं के लिए 40 यूनिटों पर 77 पैसे और 41 से 100 यूनिट तक 106 पैसे प्रति यूनिट।
100 से 800 यूनिट तक खर्च करने वाले उपभोक्ताओं के लिए 250 यूनिट तक 106 पैसे, 251 से 500 यूनिट तक 115 पैसे और 501 से 800 यूनिट तक 127 पैसे प्रति यूनिट।
800 यूनिट से ज्यादा खर्च करने वाले उपभोक्ताओं के लिए सभी यूनिटों पर 127 पैसे प्रति यूनिट।
गैर घरेलू उपभोक्ताओं पर 119 पैसे से 129 पैसे प्रति यूनिट
एचटी इंडस्ट्री पर 124 पैसे प्रति यूनिट
एलटी इंडस्ट्री पर 121से 129 पैसे प्रति यूनिट
थोक सप्लाई उपभोक्ताओं पर 115 पैसे से 125 पैसे प्रति यूनिट।
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मगर 45 लाख उपभोक्ताओं से फ्यूल सरचार्ज एरियर (एफएसए) के नाम पर वसूली जा रही राशि अगले तीन साल जारी रखने का आग्रह किया है। यह आग्रह हरियाणा बिजली नियामक आयोग से किया गया है।
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उत्तर और दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण कंपनियों ने आयोग के पास अगले तीन वित्त वर्षों 2014-15, 15-16, 16-17 के लिए सालाना राजस्व जरूरत (एआरआर ) दायर की हैं।
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दोनों निगमों ने आयोग के पास अपना अनुमानित राजस्व और खर्च का ब्योरा दिया है। उत्तर हरियाणा ने 2014-15 में 2246 और दक्षिण हरियाणा निगम ने 1617 करोड़ रुपये का घाटा दिखाया है।
इसमें अगर चालू वित्त वर्ष का घाटा जोड़ लिया जाए तो यह 7300 करोड़ से ज्यादा बनता है। उत्तर हरियाणा ने 2015-16 में 1174 करोड़ और दक्षिण हरियाणा ने 240 करोड़ का घाटा दिखाया है।
वर्ष 2016-17 में उत्तर हरियाणा निगम ने 343 करोड़ और दक्षिण हरियाणा ने 1702 करोड़ रुपये का घाटा दिखाया है। तीनों साल 7322 करोड़ का घाटा दिखाया गया है।
उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम ने आयोग से आग्रह किया है कि 2014-15 में घाटे के बावजूद बिजली दरें न बढ़ाई जाएं, मगर इस समय जो फ्यूल सरचार्ज एरियर (एफएसए) वसूला जा रहा है, उसे अगले तीन साल तक वसूलने की इजाजत दी जाए।
साथ में आग्रह किया कि वर्ष 2015-16 और 2016-17 में घाटे की भरपाई के लिए बिजली दरें बढ़ाई जाएं।
यह है फ्यूल सरचार्ज एरियर
बिजली नियामक आयोग जिस रेट पर बिजली वितरण कंपनियों की एआरआर तय करता है, उसमें बिजली खरीदने की दर भी शामिल होती है। अगर बिजली निगम उससे ज्यादा महंगी दर पर बिजली खरीदते हैं तो उस अंतर को फ्यूल सरचार्ज एरियर कहते हैं।
यह वसूला जा रहा है फ्यूल सरचार्ज एरियर
घरेलू
100 यूनिट तक खर्च करने वाले उपभोक्ताओं के लिए 40 यूनिटों पर 77 पैसे और 41 से 100 यूनिट तक 106 पैसे प्रति यूनिट।
100 से 800 यूनिट तक खर्च करने वाले उपभोक्ताओं के लिए 250 यूनिट तक 106 पैसे, 251 से 500 यूनिट तक 115 पैसे और 501 से 800 यूनिट तक 127 पैसे प्रति यूनिट।
800 यूनिट से ज्यादा खर्च करने वाले उपभोक्ताओं के लिए सभी यूनिटों पर 127 पैसे प्रति यूनिट।
गैर घरेलू उपभोक्ताओं पर 119 पैसे से 129 पैसे प्रति यूनिट
एचटी इंडस्ट्री पर 124 पैसे प्रति यूनिट
एलटी इंडस्ट्री पर 121से 129 पैसे प्रति यूनिट
थोक सप्लाई उपभोक्ताओं पर 115 पैसे से 125 पैसे प्रति यूनिट।