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कारनामा: लॉकडाउन में घर बंद कर हिमाचल गया परिवार, बिजली विभाग ने भेजा दो लाख का बिल
Wed, 19 Aug 2020 10:02 PM IST
ajay kumar
संवाद न्यूज एजेंसी, खरड़ (पंजाब)
संवाद न्यूज एजेंसी, खरड़ (पंजाब)
Published by: ajay kumar
Updated Wed, 19 Aug 2020 10:02 PM IST
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बिजली बिल दिखाता व्यक्ति।
कोरोना महामारी के कारण मंदी का शिकार हो रही जनता को पंजाब स्टेट पावर कार्पोरेशन लिमिटेड (पावरकॉम) की ओर से लाखों रुपये के बिजली बिल भेजकर परेशान किया जा रहा है। इस संबंध में खरड़ के शिवजोत एनक्लेव के फ्लैट नंबर 505 में रहने वाले शशिकांत ने बताया कि वह पहली मंजिल पर फ्लैट में रहते हैं। उनकी पत्नी प्रोमिला देवी के नाम पर बिजली का मीटर लगा है। जिसका नंबर 3000678652 है।
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इसी साल फरवरी में मीटर की कुल रीडिंग 21429 थी और बिल 24470 आया था। इसके बाद मार्च में कोरोना लॉकडाउन के बाद अप्रैल में वह घर को बंद कर हिमाचल प्रदेश चले गए थे। लेकिन इसके बावजूद पावरकॉम ने उनके बंद घर का अगस्त में बिजली बिल एक लाख 94 हजार 590 रुपये का भेज दिया है।
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उन्होंने बताया कि 30 जुलाई को पावरकॉम के जेई ने उनका मीटर भी उतार लिया जो कि करीब 24 हजार रुपये जमा करवाने के बाद ही दोबारा लगाया गया। उनके मीटर की अब तक की कुल यूनिट खपत करीब 22139 है। जबकि दो साल में उनकी कुल 7661 यूनिट बिजली खपत हुई है।
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अब विभाग ने बंद घर का करीब दो लाख रुपये का बिल भेजकर उनकी नींद उड़ा दी है। इस संबंधी भाजपा जिला जनरल सचिव नरिंदर राणा ने कहा कि कोरोना महामारी के दौरान केन्द्र सरकार ने 80 करोड़ लोगों को राहत सामग्री पहुंचाई है। गरीब महिलाओं को 500-500 और किसानों को दो-दो हजार रुपये उनके बैंक खातों में ट्रांसफर किए हैं। लेकिन पंजाब सरकार लोगों को राहत देने के बजाय अनापशनाप औसतन बिजली बिल भेजकर लूट रही है। उन्होंने कहा कि अगर दस दिन में उक्त उपभोक्ता का बिल ठीक नहीं किया गया तो भाजपा कार्यकर्ता बिजली दफ्तर का घेराव करेंगे।