चुनावी जंग में फंसे बाजवा को ऐसे मिलेगी ऑक्सीजन
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एक तरफ पार्टी से बागी होकर लड़े दो बड़े नेता अशोक शर्मा और नरेश पुरी कांग्रेस में वापस लौटेंगे। जिन्हें शामिल कराने के लिए पंजाब प्रभारी शकील अहमद खुद बुधवार को गुरदासपुर पहुंचेंगे।
साथ ही शकील हलके के बाकी नाराज नेताओं को मनाएंगे, कैप्टन गुट के नेताओं को भी बाजवा के साथ चलने को राजी करेंगे। पूर्व विधायक अशोक शर्मा टिकट न मिलने पर पिछले विधानसभा चुनाव में बागी होकर पठानकोट से चुनाव लड़े थे। वहीं, दिग्गज नेता रघुनाथ सहायपुरी के पुत्र नरेश पुरी भी टिकट न मिलने पर सुजानपुर से आजाद चुनाव लड़े थे। कांग्रेस ने दोनों को निष्कासित कर दिया था।
दोनों नेताओं को खेमे में वापस लाने की योजना
अपना चुनाव सिर पर देख बाजवा ने इन दोनों नेताओं को खेमे में वापस लाने की योजना बनाई है। जिस पर हाईकमान ने भी मुहर लगा दी है। उधर, गुरदासपुर से विधानसभा चुनाव हारने वाले रमन बहल भी बाजवा से नाराज चल रहे थे। क्योंकि बाजवा ने प्रदेश के नेताओं को तो संगठन में एडजस्ट कर दिया, बहल को कुछ नहीं मिला था। बटाला के अश्वनी सेखड़ी भी खुश नहीं हैं। उधर, कैप्टन गुट के दो नेता विधायक तृत्प राजिंदर सिंह बाजवा और सुखजिंदर सिंह रंधावा भी अब तक बाजवा के साथ नहीं चले हैं।
प्रचार मुहिम जोर पकड़ने की उम्मीद
तृप्त राजिंदर का तो बाजवा के साथ हमेशा से छत्तीस का आंकड़ा रहा है। बाजवा ने इन्हें भी मनाने की कोशिश की है। अब पंजाब प्रभारी शकील अहमद इन सब नाराज नेताओं को बाजवा के साथ चलाने के लिए पहल करेंगे। शकील दोनों नेताओं को पार्टी में शामिल करने के साथ-साथ नाराज नेताओं से बात करेंगे। जिसके बाद बाजवा की प्रचार मुहिम जोर पकड़ने की उम्मीद है।