{"_id":"687804fc568e0012b800d7b4","slug":"elections-will-be-held-by-raising-hands-election-officers-will-count-and-declare-the-winner-chandigarh-news-c-16-pkl1043-764876-2025-07-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chandigarh News: हाथ खड़े करके ही होंगे चुनाव, चुनाव अधिकारी गिनेंगे और विजेता की करेंगे घोषणा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chandigarh News: हाथ खड़े करके ही होंगे चुनाव, चुनाव अधिकारी गिनेंगे और विजेता की करेंगे घोषणा
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चंडीगढ़। शहर में अब मेयर, सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर का चुनाव हाथ खड़े करके ही किया जाएगा। नगर निगम ने इसकी अधिसूचना जारी कर दी है। कुछ दिन पहले ही पंजाब के राज्यपाल एवं चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाबचंद कटारिया ने इसे मंजूरी दी थी।
अधिसूचना के अनुसार अगर किसी पद पर दो या उससे ज्यादा उम्मीदवार होंगे, तो जो सबसे ज्यादा हाथ उठाकर समर्थन पाएगा, वही मेयर बनेगा। चुनाव की अध्यक्षता करने वाला अधिकारी यह देखेगा कि किसे कितने वोट मिले और उसकी पुष्टि भी करेगा। पूरी प्रक्रिया को लिखित रूप में रिकॉर्ड किया जाएगा। अगर दो उम्मीदवारों को बराबर वोट मिलते हैं तो फैसला लॉटरी के जरिए होगा। लॉटरी उसी समय और उम्मीदवारों की मौजूदगी में निकाली जाएगी। जिस उम्मीदवार के नाम की लॉटरी निकलेगी, उसे एक अतिरिक्त वोट मिला माना जाएगा और उसे ही मेयर घोषित किया जाएगा। इस चुनाव की पूरी रिकॉर्डिंग की जाएगी और कम से कम 90 दिन तक उसे संभाल कर रखा जाएगा। इसके साथ ही चंडीगढ़ नगर निगम (प्रक्रिया और कार्य संचालन) विनियम, 1996 की धारा 7 से लेकर 16 तक को समाप्त कर दिया गया है। यह संशोधन चंडीगढ़ प्रशासन की ओर से पंजाब म्यूनिसिपल कारपोरेशन एक्ट, 1976 की धारा 398(2) के तहत किया गया है, जो चंडीगढ़ पर भी लागू होता है।
विज्ञापन
अधिसूचना के अनुसार अगर किसी पद पर दो या उससे ज्यादा उम्मीदवार होंगे, तो जो सबसे ज्यादा हाथ उठाकर समर्थन पाएगा, वही मेयर बनेगा। चुनाव की अध्यक्षता करने वाला अधिकारी यह देखेगा कि किसे कितने वोट मिले और उसकी पुष्टि भी करेगा। पूरी प्रक्रिया को लिखित रूप में रिकॉर्ड किया जाएगा। अगर दो उम्मीदवारों को बराबर वोट मिलते हैं तो फैसला लॉटरी के जरिए होगा। लॉटरी उसी समय और उम्मीदवारों की मौजूदगी में निकाली जाएगी। जिस उम्मीदवार के नाम की लॉटरी निकलेगी, उसे एक अतिरिक्त वोट मिला माना जाएगा और उसे ही मेयर घोषित किया जाएगा। इस चुनाव की पूरी रिकॉर्डिंग की जाएगी और कम से कम 90 दिन तक उसे संभाल कर रखा जाएगा। इसके साथ ही चंडीगढ़ नगर निगम (प्रक्रिया और कार्य संचालन) विनियम, 1996 की धारा 7 से लेकर 16 तक को समाप्त कर दिया गया है। यह संशोधन चंडीगढ़ प्रशासन की ओर से पंजाब म्यूनिसिपल कारपोरेशन एक्ट, 1976 की धारा 398(2) के तहत किया गया है, जो चंडीगढ़ पर भी लागू होता है।
विज्ञापन