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लोन लिया नहीं चुकाने का नोटिस भेज दिया
अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Fri, 06 Dec 2013 09:12 AM IST
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छात्रों ने वकील राम भाटिया के जरिये आईजी आरपी उपाध्याय को दिवंगत पार्षद अरशद खां और पीएनबी के मैनेजर की शिकायत दी। छात्रों ने दोनों पर एजुकेशन लोन के नाम पर धोखाधड़ी करने के आरोप लगाए हैं। आईजी ने आश्वासन दिया की इस मामले की जांच कराई जाएगी।
वकील राम भाटिया ने बताया की 2007 में बुड़ैल के छात्र दिवंगत पार्षद अरशद खां के संपर्क में आए थे। अरशद खां ने छात्रों को अपनी कम्युनिटी का बताते हुए कहा था कि वे बुड़ैल स्थित पीएनबी बैंक की शाखा से उन्हें एजुकेशन लोन दिलवाकर उनका दाखिला बेहतर संस्थान में करवा देंगे।
कोर्स पूरा होने और नौकरी मिल जाने के बाद उन्हें लोन की राशि चुकानी होगी। नौकरी न लगने तक उन्हें किसी तरह के पैसे की अदायगी नहीं करनी होगी।
इसके बाद अरशद खां ने बैंक शाखा के तत्कालीन मैनेजर के साथ मिलकर सभी छात्राें से बैंक के लोन फार्मों पर साइन करवा लिए। वकील के अनुसार छात्रों को किसी प्रकार का लोन नहीं मिला।
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छात्रों को न तो कोई कोर्स करवाया गया और न ही उन्हें कोई नौकरी दिलाई गई। अब बैंक की तरफ से उन्हें लोन के पैसे चुकाने का नोटिस आ गया है।
भाटिया ने बताया की छात्रों को यह भी पता नहीं है कि बैंक की तरफ से उन्हें कितना लोन दिया गया था और लोन के पैसे किस के खाते मे भेजे गए थे।
उन्होंने पुलिस से यह जांच कराने की मांग की है कि आखिर किस प्रकार छात्रों को लोन सैंक्शन किया गया था।
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वकील राम भाटिया ने बताया की 2007 में बुड़ैल के छात्र दिवंगत पार्षद अरशद खां के संपर्क में आए थे। अरशद खां ने छात्रों को अपनी कम्युनिटी का बताते हुए कहा था कि वे बुड़ैल स्थित पीएनबी बैंक की शाखा से उन्हें एजुकेशन लोन दिलवाकर उनका दाखिला बेहतर संस्थान में करवा देंगे।
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कोर्स पूरा होने और नौकरी मिल जाने के बाद उन्हें लोन की राशि चुकानी होगी। नौकरी न लगने तक उन्हें किसी तरह के पैसे की अदायगी नहीं करनी होगी।
इसके बाद अरशद खां ने बैंक शाखा के तत्कालीन मैनेजर के साथ मिलकर सभी छात्राें से बैंक के लोन फार्मों पर साइन करवा लिए। वकील के अनुसार छात्रों को किसी प्रकार का लोन नहीं मिला।
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छात्रों को न तो कोई कोर्स करवाया गया और न ही उन्हें कोई नौकरी दिलाई गई। अब बैंक की तरफ से उन्हें लोन के पैसे चुकाने का नोटिस आ गया है।
भाटिया ने बताया की छात्रों को यह भी पता नहीं है कि बैंक की तरफ से उन्हें कितना लोन दिया गया था और लोन के पैसे किस के खाते मे भेजे गए थे।
उन्होंने पुलिस से यह जांच कराने की मांग की है कि आखिर किस प्रकार छात्रों को लोन सैंक्शन किया गया था।