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Punjab News: पीएसआईईसी में करोड़ों के घपले में ED ने कसा शिकंजा, निगम से रिकॉर्ड किया तलब
Thu, 22 Dec 2022 12:07 AM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Thu, 22 Dec 2022 12:07 AM IST
सार
सूत्रों से पता चला है कि मोहाली के औद्योगिक क्षेत्र फेज-9 स्थित एक प्रसिद्ध कंपनी के लैप्स प्लॉटों के बेचने में धोखाधड़ी की विजिलेंस जांच कर रही है। इससे सरकार को 700 करोड़ का नुकसान हुआ था। हालांकि इस मामले की सर्वे और वेरिफिकेशन का काम पूरा हो चुका है।
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प्रवर्तन निदेशालय।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
पंजाब लघु उद्योग एवं निर्यात निगम (पीएसआईईसी) में लगभग 400 औद्योगिक प्लॉटों की बिक्री में करोड़ों के घपले में विजिलेंस के साथ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। ईडी ने पीएसआईईसी से प्लॉटों से जुड़ा सारा रिकॉर्ड तलब किया है। ईडी की ओर से पत्र लिखे जाने के बाद निगम के उच्च अधिकारियों की नींद उड़ गई है। इनका रिकॉर्ड जुटाना मुश्किल है क्योंकि निगम का कहना है कि इससे जुड़ा रिकॉर्ड खराब हो चुका है। हालांकि, विजिलेंस पहले ही रिकॉर्ड संभालने के आदेश जारी कर चुकी है।
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साल 2018 में यह मामला उस समय सामने आया, जब विजिलेंस को समाजसेवी सतनाम दाऊं की शिकायत मिली कि पीएसआईईसी में औद्योगिक प्लॉटों को रिकॉर्ड में छेड़छाड़ कर बेचा गया है। इससे सरकार को करोड़ों के राजस्व का भी नुकसान हुआ। विजिलेंस ने जांच के बाद कुछ लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने सिफारिश की लेकिन केस दर्ज नहीं किया गया, क्योंकि उस समय दलील दी गई कि सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने मामले की जांच के लिए तीन सीनियर आईएएस अधिकारियों की एक कमेटी बनाई है लेकिन कमेटी बनाने का पत्र अभी तक सामने नहीं आया है।
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इसके बाद साल 2021 में इस मामले को आम आदमी पार्टी ने गंभीरता से उठाया था। मौजूदा वित्त मंत्री हरपाल चीमा इसे लेकर सड़कों पर उतरे थे। साल 2022 में प्रदेश में आप सरकार बनने के बाद मामले की जांच शुरू हुई। विभाग के तत्कालीन मंत्री सुंदर शाम अरोड़ा से भी पूछताछ की गई । केस में एआईजी स्तर के अधिकारी को रिश्वत देते समय विजिलेंस ने अरोड़ा को काबू किया था।
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मोहाली के मामले में सीएफएसएल रिपोर्ट आई
सूत्रों से पता चला है कि मोहाली के औद्योगिक क्षेत्र फेज-9 स्थित एक प्रसिद्ध कंपनी के लैप्स प्लॉटों के बेचने में धोखाधड़ी की विजिलेंस जांच कर रही है। इससे सरकार को 700 करोड़ का नुकसान हुआ था। हालांकि इस मामले की सर्वे और वेरिफिकेशन का काम पूरा हो चुका है। सीएफएसएल रिपोर्ट भी आ चुकी है जिसमें छेड़छाड़ की बात सामने चुकी है। हालांकि अभी केस दर्ज नहीं हुआ है।