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Hindi News ›   Chandigarh ›   Due to Pressure from India, Pakistan Ban Referendum 2020 by Sikh for Justice Organization

भारत के दबाव का असर, रेफरेंडम 2020 टीम और रजिस्ट्रेशन पर पाकिस्तान सरकार ने लगाया प्रतिबंध

Mon, 15 Apr 2019 10:16 AM IST
खुशबू गोयल अशोक नीर, अमर उजाला, अमृतसर(पंजाब)
अशोक नीर, अमर उजाला, अमृतसर(पंजाब) Published by: खुशबू गोयल Updated Mon, 15 Apr 2019 10:16 AM IST
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Due to Pressure from India, Pakistan Ban Referendum 2020 by Sikh for Justice Organization
सांकेतिक तस्वीर
पाकिस्तान सरकार ने गुरुद्वारा पंजा साहिब में खालिस्तान समर्थक संस्था सिख फॉर जस्टिस (एसएफजे) द्वारा रेफरेंडम-2020 के लिए किए जाने वाले रजिस्ट्रेशन पर प्रतिबंध लगा दिया है। करतारपुर कॉरिडोर पर 16 अप्रैल को होने वाली बैठक से पहले पाकिस्तान ने यह अहम कदम उठाया है। इसे भारत द्वारा बनाए गए दबाव का असर माना जा रहा है।
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एसएफजे के सदस्य गुरपतवंत सिंह पन्नू ने दावा किया कि खालिस्तानी समर्थकों को आधिकारिक तौर पर खालिस्तान रेफरेंडम के लिए टीम 2020 का पंजीकरण शुरू करने के लिए आमंत्रित किया गया था। पाक सरकार द्वारा पाकिस्तान सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष के माध्यम से यह निमंत्रण दिया गया था।
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14 अप्रैल को गुरुद्वारा पंजा साहिब में आयोजित धार्मिक दीवान पर देश-विदेश से पहुंची संगत के सामने इसकी घोषणा की जानी थी, लेकिन अप्रैल के पहले सप्ताह में पाकिस्तान पहुंचे उत्तरी अमेरिका और यूरोप के खालिस्तान के कार्यकर्ताओं को गुरुद्वारा पंजा साहिब में खालिस्तान के बैनर लगाने की अनुमति नहीं दी गई। पाकिस्तान सरकार ने उन्हें रेफरेंडम-2020 के लिए सदस्यों की रजिस्ट्रेस्शन करने की निर्धारित योजना को रोकने के लिए मजबूर किया।
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मोदी सरकार पर तानाशाह बनने का आरोप लगाया

पन्नू ने एक संदेश के माध्यम से आरोप लगाया कि पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान और आर्मी चीफ बाजवा ने मोदी सरकार के तानाशाही दबाव के आगे घुटने टेक दिए हैं। पाकिस्तान सरकार द्वारा कॉरिडोर के लिए गठित कमेटी में खालिस्तानी गोपाल चावला को शामिल करने के बाद भारत ने दो अप्रैल की बैठक रद्द कर दी थी।

पन्नू ने पाकिस्तान से खालिस्तानी मूवमेंट का समर्थन कर रहे गोपाल सिंह चावला का बचाव करते हुए कहा कि वह पंजाब इंडिपेंडेंस रेफरेंडम-2020 के साथ नहीं जुड़ा है। पन्नू ने कहा कि अब खालिस्तान रेफरेंडम के लिए सदस्यों की भर्ती का अभियान गुरुद्वारा साहिब, स्टॉकटन (कैलिफोर्निया) से शुरू किया जाएगा।  

क्या है रेफरेंडम-2020
सिख फॉर जस्टिस (एसएफजे) रेफरेंडम-2020 के माध्यम से देश-विदेश में बैठे सिखों से यह जानना चाहती है अलग पंजाब के बारे में वे क्या सोचते हैं? रेफरेंडम-2020 करवाने के लिए यह संस्था कई वर्षों से दुनिया भर में प्रचार कर रही है। एसएफजे इससे अलग सिख राज्य की मांग को हवा देने के फिराक में है। उसने विदेशों में बैठे भारतीय व विदेशी वकीलों के सहयोग से इस मूवमेंट को शुरू किया था। विदेशों में बैठी कई सिख संस्थाओं ने इस मूवमेंट का विरोध किया है।
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