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सेक्टर-37 की कोठी कब्जाने के मामले में डीएसपी का भाई गिरफ्तार

Fri, 05 Mar 2021 02:34 AM IST
Panchkula Bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Fri, 05 Mar 2021 02:34 AM IST
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DSP's brother arrested in grabbing Kothi of Sector-37
चंडीगढ़। सेक्टर-37 की कोठी पर कब्जा करने के मामले में वीरवार को पुलिस ने तीसरे आरोपी व चंडीगढ़ डीएसपी के भाई सतपाल डागर को भी गिरफ्तार कर लिया। साथ ही पुलिस ने अब तीन साल पुराने वैट घोटाले को भी खंगालना शुरू कर दिया है। दरअसल, पुलिस की जांच में सामने आया है कि आरोपी पत्रकार संजीव महाजन की पत्नी के खाते में इंडस्विफ्ट फार्मा कंपनी से हर महीने डेढ़ लाख रुपये आते हैं। कंपनी का नाम तीन साल पहले पांच करोड़ के वैट घोटाले में सामने आया था।
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साल 2018 में यूटी प्रशासन ने अपनी जांच में पाया था कि कंपनी के पांच करोड़ के टैक्स के मामले को मात्र पांच हजार रुपये में निपटा दिया गया था। पहले इस मामले की जांच विजिलेंस कर रही थी, लेकिन बाद में इसकी जांच क्राइम ब्रांच को सौंप दी गई थी। बताया जा रहा है कि उस समय क्राइम ब्रांच में तैनात पुलिस अधिकारी संजीव महाजन के काफी करीबी थे। पुलिस ने अब कंपनी के मालिक एनवी रतन मुंजाल को पूछताछ के लिए बुलाया है। चंडीगढ़ पुलिस ने बताया कि तीनों आरोपियों को शुक्रवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा। इस दौरान पुलिस दोबारा से रिमांड की मांग करेगी। इसके साथ ही जिन पुलिस अफसरों के नाम इस मामले में जुड़ रहे हैं, उन्हें भी पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा।
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संजीव महाजन की अब तक 9 करोड़ की संपत्ति सामने आई
पुलिस ने बुधवार को आरोपी पत्रकार संजीव महाजन के बयान के आधार पर सेक्टर-37 स्थित उसके घर को खंगाला था। जहां से कई संपत्तियों के दस्तावेज व बैंकों की पासबुक पुलिस ने जब्त की थी। अब तक की कार्रवाई में पुलिस को पत्रकार के पास से लगभग 9 करोड़ रुपये की संपत्ति की जानकारी मिली है। पुलिस इन संपत्तियों कीे जांच के साथ ही बैंक में हुए लेनदेन का ब्योरा भी खंगालने में जुट गई है। वीरवार को पुलिस ने सेक्टर-38 में प्रॉपर्टी डीलर मनीष गुप्ता के घर को भी खंगाला। इस दौरान पुलिस ने वहां से संपत्तियों के दस्तावेज और कुछ पासबुक उठाई हैं।
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जालसाजी में शामिल शराब व्यापारी के भी पैसे हड़पे
इस मामले के आरोपी शराब व्यापारी अरविंद सिंगला से भी संजीव महाजन व उसके साथियों ने पैसे हड़प लिए थे। पुलिस के मुताबिक, सिंगला ने सेक्टर 37 की कोठी की जीपीए अपने नाम कराने के नाम पर पैसे लगाए थे। साथ ही डील रखी थी कि जब कोठी पर फैसला हो जाए तो उसे 50 फीसदी हिस्सा दिया जाए, लेकिन बात 33 फीसदी पर तय हुई। जब जीपीए कैंसिल हुआ तो अरविंद सिंगला को सिर्फ 33 लाख रुपये दिए गए। टोकन मनी के तौर पर 11 लाख और उस पर बनने वाले ब्याज को संजीव महाजन और उसके साथियों ने हड़प लिया।
संपत्ति ज्यादा मिली तो केस जा सकता है ईडी के पास
फिलहाल, मामले में जो आरोपी गिरफ्तार हुए हैं, उनकी संपत्तियों और बैंक खातों को पुलिस खंगाल रही है। पुलिस का कहना है कि अनुमान से ज्यादा संपत्ति मिली तो यह केस प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को भी दिया जा सकता है। क्योंकि पुलिस कोठी कब्जाने और उसके मालिक के अपहरण का केस सुलझा रही है। संपत्ति का मामला आएगा तो ईडी को मामला स्थानांतरित कर देंगे।
एस्टेट ऑफिस की फाइल जलाने का मामला भी संदेह के घेरे में
बीते जनवरी माह में एस्टेट ऑफिस की फाइलें जलाने का मामला भी संदेह के घेरे में आ गया है। पुलिस एफआईआर के अनुसार, सेक्टर-37 स्थित कोठी के फर्जी सौदे की एसआईटी जांच की जानकारी मिलने के बाद 24 जनवरी को संजीव महाजन मौसी का बेटा बनकर नई दिल्ली स्थित अपना घर आश्रम में कोठी मालिक राहुल मेहता को लेने पहुंचा था। इस मामले में पुलिस को शक है कि एस्टेट ऑफिस में फर्जी दस्तावेज व नकली गवाह वाले सुबूत मिटाने के लिए पत्रकार ने ही यह फाइलें जलवाईं थीं। इस मामले में पुलिस फिर से जांच शुरू करेगी।

अटावा में होटल सहित कई संपत्तियों का ब्योरा मिला
2017 में 75 लाख में खरीदी गई सेक्टर-37 स्थित कोठी के दस्तावेजों व भुगतान की जांच
2017 में ही मंहगी गाड़ी खरीदने की जांच
2019 में अटावा स्थित होटल पत्नी के नाम पर खरीदने की जांच
2019-20 में कैंबवाला में साझेदारी में खरीदी गए प्लॉट की जांच
सनी एनक्लेव में साले की 10 मरले की कोठी में साझेदारी की जांच
पंजाब के तोंगा में रिश्तेदार के साथ साझेदारी में किए गए व्यवसाय की जांच
चंडीगढ़ में अन्य संपत्तियों की जांच
क्या कहते हैं अधिकारी
पूछताछ के दौरान संजीव महाजन की कई संपत्तियों का विवरण मिला है। वहीं, फार्मा कंपनी से उसकी पत्नी को वेतन मिलने की भी बात सामने आई है। कर्मचारी न होने के बावजूद यह पैसे पत्नी के खाते में कैसे आ रहे थे। कंपनी के मालिक को भी पूछताछ के लिए बुलाएंगे। केस में आरोपी सतपाल डागर को गिरफ्तार कर लिया गया है। हमारी कोशिश रहेगी कि आरोपियों का रिमांड बढ़वा सकें। -कुलदीप चहल, एसएसपी
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