नेताजी सुभाष चंद्र बोस के ड्राइवर रहे गुरदियाल सिंह ने सम्मान लेने से किया इंकार, बताई ये वजह
जो सम्मान मुझे मिलना चाहिए था, वह नहीं मिला, अब मैं इस सम्मान का क्या करूंगा। मुझे नहीं चाहिए यह सम्मान। यह कहना है नेताजी सुभाष चंद्र बोस के ड्राइवर रहे स्वतंत्रता सेनानी गुरदियाल सिंह का। जिन्हें गणतंत्र दिवस पर पुलिस लाइन में सम्मानित करने के लिए बुलाया गया था।
कैबिनेट मंत्री विजयइंद्र सिंगला ने जैसे ही उन्हें सम्मान देना चाहा, उन्होंने साफ इंकार कर दिया। ऐन मौके पर सम्मान लेने से इंकार कर देने से मौके पर मौजूद अधिकारियों के हाथ-पांव फूल गए।
92 वर्षीय स्वतंत्रता सेनानी गुरदियाल सिंह ने अपना रोष जाहिर करते कहा कि विगत 15 अगस्त को उन्हें राष्ट्रपति की तरफ से सम्मानित किया जाना था। जिला प्रशासन के अधिकारियों की लापरवाही की वजह से उन्हें सम्मान नहीं मिल पाया। इससे वह बहुत निराश हैं।
स्वतंत्रता सेनानी गुरदियाल सिंह की पुत्रवधू मनप्रीत कौर ने बताया कि विगत 15 अगस्त समागम के दौरान स्वतंत्रता सेनानी गुरदियाल सिंह का राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित करने के लिए चयन हुआ था। जिसके बाद उन्होंने प्रशासन को फाइल बनाकर भेजने की अपील की थी।
इसके लिए उन्होंने सभी दस्तावेज डीसी दफ्तर की एमई ब्रांच को दे दिए थे। बाद में पटवारी जांच के लिए आए थे और उन्होंने भी जांच में सब कुछ ठीक बताया था। उन्होंने आरोप लगाया कि एमई ब्रांच की ओर से फाइल आगे न भेजे जाने के कारण स्वतंत्रता सेनानी गुरदियाल सिंह राष्ट्रपति से मिलने वाले सम्मान से वंचित रह गए।
हालांकि समागम के दौरान जब उन्होंने सम्मान लेने से इंकार कर दिया तो मंत्री सिंगला ने सम्मान उनकी झोली में रख दिया, जिसे उनके परिवार वालों ने लेने से इंकार करते हुए लौटा दिया। इसके बाद सिंगला ने मौके पर मौजूद डीसी घनश्याम थोरी को तुरंत इसकी जांच करने के आदेश दिए और लापरवाही करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की बात कही।