फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Doctors refuse to treat pregnant HIV sufferers

HIV ग्रस्त गर्भवती के इलाज से डॉक्टरों का इंकार

Thu, 17 Apr 2014 12:59 PM IST
अमर उजाला, चंडीगढ़
अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Thu, 17 Apr 2014 12:59 PM IST
विज्ञापन
Doctors refuse to treat pregnant HIV sufferers
स्थानीय सिविल अस्पताल में बुधवार को प्रसव के लिए लाई गई महिला की मेडिकल जांच में एचआईवी की पुष्टि होने पर डॉक्टरों ने महिला का इलाज करने से साफ इंकार कर दिया।
विज्ञापन

महिला दर्द से कराहती हुई पट्टी और तरनतारन के अस्पताल के चक्कर काटती रही लेकिन डॉक्टरों को उसपर तरस नहीं आया।
समाज सेवी हरि कृष्ण लाल अरोड़ा ने जब मामले को अदालत के सामने उठाया तब जाकर महिला को भर्ती कर इलाज शुरू किया गया।
सीमावर्ती गांव कलस निवासी महिला के पति ने बताया कि वह 14 अप्रैल को वह अपनी पत्नी को तकलीफ होने पर उसे सिविल अस्पताल लाया।
यहां उसकी मेडिकल जांच के लिए कहा गया। जांच में महिला में एचआईवी की पुष्टि हुई।
अस्पताल में तैनात डॉक्टरों ने उसे दाखिल करने की बजाए पट्टी के अस्पताल से इलाज करवाने को कहा।
जब वह पट्टी पहुंचा तो वहां भी बहाने बनाए गए। मंगलवार को वह उसे तरनतारन लाया लेकिन डॉक्टरों ने दाखिल करने से मना कर दिया।
रात दस बजे उसे अस्पताल से बाहर कर दिया गया। रातभर महिला कराहते हुए गेट पर पड़ी रही।
समाज सेवी हरि कृष्ण लाल अरोड़ा ने बताया कि रात को उन्होंने ने एसएमओ से बातचीत की लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ।
बुधवार को हरि कृष्ण लाल अरोड़ा ने चीफ जुडीशियल मजिस्ट्रेट तरनतारन विपनदीप कौर की अदालत में मामला उठाया।
अदालत के आदेश पर महिला को अस्पताल में भर्ती कर लिया गया।
उन्होंने मांग की कि मामले की बारीकी से जांच करवाकर आरोपी डॉक्टर और स्टाफ के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
सिविल सर्जन डा. गुरपाल सिंह सीमार का कहना है कि मामला उनके संज्ञान में नहीं आया। उन्हें अब सारी जानकारी मिली है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed