चार माह तक दर्द से जूझती रही महिला, अल्ट्रासाउंड में सामने आई वजह तो उड़े होश
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पंजाब के अमृतसर के सिविल अस्पताल में घोर लापरवाही का मामला सामने आया है। अस्पताल के डॉक्टरों ने जुलाई में लॉकडाउन के दौरान एक महिला का आपरेशन किया और उसके पेट में रुई और पट्टियां छोड़ दी। चार माह तक महिला दर्द से तड़पती रही। अल्ट्रासाउंड से मामले का खुलासा हुआ तो हड़कंप मच गया। अब अस्पताल प्रशासन ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं।
सुरजीत कौर ने बताया कि उसके पित्ते में पथरी थी। चार माह पहले जुलाई में सिविल अस्पताल में उसने ऑपरेशन करवाया। ऑपरेशन के एक सप्ताह बाद पेट में अचानक दर्द उठा तो दर्द निवारक दवा ले ली। इसके बाद हर दस से पंद्रह दिन बाद दर्द होने लगा। वह सिविल अस्पताल के सर्जरी विभाग के डॉक्टर से मिली और परेशानी बताई।
डॉक्टर ने सब कुछ सामान्य होने की बात कहकर लौटा दिया। अक्तूबर में फिर दर्द बढ़ गया तो उसने फिर सर्जरी विभाग के डॉक्टर को दिखाया। इस बार डॉक्टर ने कुछ दर्द निवारक दवाएं दीं और घर भेज दिया लेकिन लगातार दवा खाने से हालत बिगड़ने लगी।
गुरुवार को सुबह सुरजीत कौर के पेट में असहनीय दर्द उठा। इसके बाद सिविल अस्पताल पहुंची तो सर्जरी विभाग के डॉक्टर ने अल्ट्रासाउंड करवाया। अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट में पता चला कि पेट में रुई और पट्टियां हैं। आरोप है कि जब सर्जरी विभाग के डॉक्टर को रिपोर्ट के बारे में पता चला तो उसने रिपोर्ट गायब करवा दी।
यह वही डॉक्टर है, जिसने सुरजीत कौर की सर्जरी की थी। सुरजीत कौर के अनुसार चार माह पहले उसके पति ने लोगों से पैसे उधार लेकर उसका ऑपरेशन करवाया था। डॉक्टर की लापरवाही के चलते उसकी यह हालत हो गई है। उसका पति दिहाड़ी करता है। वह मेरा उपचार करवाए या घर का खर्च चलाए।
मामला गंभीर है। जांच के लिए तीन डॉक्टरों की कमेटी बनाई गई है। अभी शिकायतकर्ता ने शिकायत नहीं दी है। मरीज और सर्जरी विभाग के डॉक्टर को बुलाकर स्टेटमेंट लेंगे। कमेटी एक सप्ताह के भीतर रिपोर्ट सौंपेगी। -डॉ. चरणजीत सिंह, एसएमओ, अमृतसर