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डॉक्टर पर टेक्नीशियन को पीटने का आरोप, ओटी में भारी हंगामा
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Wed, 18 Jan 2017 01:12 AM IST
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पीजीआई चंडीगढ़
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पीजीआई ट्रामा सेंटर के ओटी में तैनात एनेस्थीसिया डिपार्टमेंट के जूनियर रेजिडेंट पर ओटी टेक्नीशियन को पीटने का आरोप है। इसके विरोध में ओटी टेक्नीशियनों ने पीजीआई डायरेक्टर दफ्तर के बाहर धरना दिया। ओटी टेक्नीशियन एसोसिएशन की मांग है कि पीजीआई प्रशासन आरोपी जूनियर रेजिडेंट पर सख्त कार्रवाई करे। पीजीआई प्रशासन ने इस मामले में चार सदस्यीय कमेटी गठित कर दी है, जो तीन दिन के भीतर अपनी रिपोर्ट देगी। रिपोर्ट के आधार पर अगली कार्रवाई की जाएगी।
पहले बहस फिर हाथापाई
ओटी टेक्नीशियन बिक्रम और एनेस्थीसिया के जूनियर डॉक्टर आशीष एक ही टेबल पर थे। आरोप है कि बिक्रम का पैर एक मशीन के केबल में फंस गया। बिक्रम पैर निकालने लगा तो डॉ. आशीष ने कहा कि ये काम बाद में करना, पहले टेबल पर लेटे पेशेंट को सीधा करो। इस बात को लेकर बहस हो गई। ओटी टेक्नीशियनों का आरोप है डॉ. आशीष ने बिक्रम से हाथापाई कर दी। बताया गया है कि बिक्रम को कुछ महीने पहले ब्रेन हेमरेज हुआ था। वे एक महीने तक पीजीआई में एडमिट रहे थे।
इसलिए भड़का गुस्सा
एसोसिएशन के जनरल सेक्रेटरी मनोज कुमार ने बताया कि पिछले छह महीने के भीतर तीन ऐसे मामले हो चुके हैं, जिसमें जूनियर डॉक्टर ने ओटी टेक्नीशियन के साथ अभद्र व्यवहार किया और उनसे मारपीट की। हर बार पीजीआई प्रशासन कार्रवाई करने के बजाए दोनों पक्षों में समझौता करवा देता है। इससे रेजिडेंट डाक्टरों का व्यवहार टेक्नीशियन के प्रति खराब होता जा रहा है। छह महीने पहले एक डॉक्टर ने ओटी टेक्नीशियन को थप्पड़ मारा था।
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पहले बहस फिर हाथापाई
ओटी टेक्नीशियन बिक्रम और एनेस्थीसिया के जूनियर डॉक्टर आशीष एक ही टेबल पर थे। आरोप है कि बिक्रम का पैर एक मशीन के केबल में फंस गया। बिक्रम पैर निकालने लगा तो डॉ. आशीष ने कहा कि ये काम बाद में करना, पहले टेबल पर लेटे पेशेंट को सीधा करो। इस बात को लेकर बहस हो गई। ओटी टेक्नीशियनों का आरोप है डॉ. आशीष ने बिक्रम से हाथापाई कर दी। बताया गया है कि बिक्रम को कुछ महीने पहले ब्रेन हेमरेज हुआ था। वे एक महीने तक पीजीआई में एडमिट रहे थे।
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इसलिए भड़का गुस्सा
एसोसिएशन के जनरल सेक्रेटरी मनोज कुमार ने बताया कि पिछले छह महीने के भीतर तीन ऐसे मामले हो चुके हैं, जिसमें जूनियर डॉक्टर ने ओटी टेक्नीशियन के साथ अभद्र व्यवहार किया और उनसे मारपीट की। हर बार पीजीआई प्रशासन कार्रवाई करने के बजाए दोनों पक्षों में समझौता करवा देता है। इससे रेजिडेंट डाक्टरों का व्यवहार टेक्नीशियन के प्रति खराब होता जा रहा है। छह महीने पहले एक डॉक्टर ने ओटी टेक्नीशियन को थप्पड़ मारा था।
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