हरियाणा: अब स्टाफ नर्स भर्ती में गड़बड़ी की आशंका, 77 संदिग्ध अभ्यर्थियों की सूची मिली, एचएसएससी ने स्वास्थ्य विभाग को लिखा पत्र
हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग ने 2019 में स्वास्थ्य विभाग में 1608 स्टाफ नर्स पदों के लिए आवेदन मांगे थे। अप्रैल 2022 को आयोग ने इसका फाइनल परिणाम जारी किया है।
विस्तार
हरियाणा में पुलिस, क्लर्क के बाद अब स्टाफ नर्स भर्ती में भी गड़बड़ी की आशंका जताई जा रही है। आरोप है कि इसमें 77 अभ्यर्थियों ने खुद पीजीआई रोहतक में नौकरी या घर में नौकरी होते हुए भी गलत तरीके से आर्थिक सामाजिक आधार के अंक हासिल किए हैं। इनमें कुछ ऐसे भी अभ्यर्थी हैं, जिन्होंने आवेदन के समय आर्थिक सामाजिक आधार के अंकों के लिए कोई दावा नहीं किया था, फिर भी उनको अंक दे दिए गए हैं।
शिकायत मिलने के बाद आयोग ने इस की जांच शुरू कर दी है। वहीं, हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग ने स्वास्थ्य विभाग को संदिग्ध अभ्यर्थियों की सूची भेजकर इनके बारे में जानकारी मांगी है, क्या ये पहले ही नौकरी में हैं या नहीं।
वर्ष 2019 में हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग ने स्वास्थ्य विभाग में 1608 स्टाफ नर्स पदों के लिए आवेदन मांगे थे। 10 अप्रैल 2022 को आयोग ने इसका फाइनल परिणाम जारी किया है। इसके बाद भर्ती से बाहर रहे अभ्यर्थियों ने भर्ती में गड़बड़ी के आरोप लगाए हुए 77 अभ्यर्थियों की सूची एचएसएससी के चेयरमैन भोपाल सिंह खदरी को सौंपी है। सूची में अभ्यर्थियों की श्रेणी समेत किस प्रकार से अतिरिक्त अंक हासिल किए हैं, इसकी जानकारी दी गई है।
गड़बड़ी वालों को किया जाए चयन सूची से बाहर करने की मांग
चेयरमैन से मिलकर संदिग्धों की नाम और रोल नंबर समेत पूरी सूची तैयार करके देने वाले भिवानी के मनीष, लवदीप, हिसार के संदीप, रोहतक से पिंकी का कहना है कि उन्होंने पूरी छानबीन करके ये सूची तैयार की है। इसमें 25 अभ्यर्थी ऐसे हैं, जो पहले से ही पीजीआई रोहतक में नौकरी पर हैं, जबकि अन्य ऐसे हैं, जिनके घरों में सरकारी नौकरी है या फिर ईडब्ल्यूएस के तहत गलत तरीके से कोटा हासिल किया है। इन सभी की जांच होनी चाहिए और जांच के बाद इनको भर्ती से बाहर किया जाए।
स्टाफ नर्स भर्ती के बारे में पहले से पीजीआई रोहतक में नौकरी लगे होने व आर्थिक सामाजिक आधार के अंक गलत तरीके से लेने को लेकर शिकायत मिली है। स्वास्थ्य विभाग को सूची भेजकर जांच के लिए कहा गया है। वहीं, चयनित 1608 स्टाफ नर्स के 23 से 28 मई तक बायोमीट्रिक निशान लिए जाए रहे हैं, बाद में इनका मिलान किया जाएगा, जिनका मिलान नहीं होगा, उनको बाहर किया जाएगा। -भोपाल सिंह खदरी, चेयरमैन, एचएसएससी।