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आंदोलन तेज करेंगे बिजली कर्मचारी, सरकार बोली, कोई फर्क नहीं पड़ता
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Thu, 30 Jun 2016 05:48 PM IST
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हरियाणा में बिजली कर्मचारियों की हड़ताल
- फोटो : amar ujala
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हरियाणा में अपनी मांगों को लेकर हड़ताल पर बैठे बिजली कर्मचारियों और सरकार के बीच तनातनी कम नहीं हो रही है। बुधवार को हड़ताल का एक दिन पूरा होने के साथ ही बिजली कर्मचारियों ने आंदोलन तेज करने की धमकी दी। हालांकि सरकार का दावा है कि कर्मियों के इस रुख के बावजूद बिजली आपूर्ति व्यवस्था प्रभावित नहीं होने दी गई है।
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यूनियन का आरोप, कर्मियों के खिलाफ दर्ज कराए झूठे केस : 23 सब डिविजनों को निजी कंपनियों को सौंपने के निर्णय के खिलाफ बुधवार को पूरे प्रदेश में हजारों कर्मी हड़ताल पर रहे। जबकि स्थिति को देखते हुए सरकार की ओर से सूबे में पहले से ही एस्मा लागू है। यूनियन के सदस्यों का आरोप है कि इस दौरान बहादुरगढ़ और हिसार में बिजली आपूर्ति में बाधा उत्पन्न होने पर कर्मियों के खिलाफ झूठा मामला दर्ज कराया गया। उन्होंने कहा कि वीरवार शाम तक अगर सरकार ने बातचीत के लिए ठोस पहल नहीं की तो कमेटी की मीटिंग के बाद अगले आंदोलन की घोषणा कर दी जाएगी।
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हड़ताल को लेकर कर्मियों और सरकार के दावे में फर्क : दूसरी ओर हरियाणा ज्वाइंट एक्शन कमेटी (पावर) के सदस्य देवेंद्र सिंह हुड्डा, कंवर सिंह यादव, सुभाष लांबा, बाल कुमार शर्मा, नरेश कुमार व वेद प्रकाश शर्मा ने हड़ताल के पूरी तरह सफल होने का दावा किया है। कहा है कि निगमों के 80 प्रतिशत कर्मी हड़ताल पर रहे। जबकि इसे सरकार की ओर से कम बताकर गुमराह किया जा रहा है। उधर, बुधवार को हरियाणा के मुख्य सचिव डीएस ढेसी ने बताया कि हड़ताल में महज 36 फीसदी कर्मी ही शामिल हुए। उन्होंने कहा कि हड़ताल के बावजूद दोपहर 12 बजे तक 8000 मेगावॉट बिजली प्राप्त हो रही थी, जबकि पिछले सप्ताह औसतन 7200 मेगावॉट बिजली की आपूर्ति की गई।
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आपूर्ति बाधित करने वालों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश : ढेसी ने बताया कि पूरे प्रदेश में हड़ताल के दौरान 36 प्रतिशत कर्मचारी अनुपस्थित रहे। जबकि शेष कर्मचारियों की मदद से बिजली आपूर्ति बहाल रखी गई। आम लोगों को किसी तरह की असुविधा न हो, इसके लिए विभाग के सभी अधिकारी 24 घंटे ड्यूटी पर हैं। जबकि शिकायतों का त्वरित निपटान करने के लिए विशेष आपातकालीन दल भी कार्यरत है। मुख्य सचिव ने क्षेत्र में जिला मजिस्ट्रेट और अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि बिजली आपूर्ति बाधित न हो और इसमें बाधा उत्पन्न करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।
आंदोलन को अनुचित बताया : ढेसी ने कहा कि सरकार ऐसा कोई कदम नहीं उठाएगी, जिससे कर्मचारियों पर गलत प्रभाव पड़े। राज्य सरकार प्रतिबद्ध है कि हरियाणा बिजली निगमों के कर्मचारियों के हित के साथ उपभोक्ताओं को भी किसी तरह की दिक्कत का सामना न करना पड़े। बिजली विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव राजन गुप्ता ने एक प्रश्न के उत्तर में कहा कि विवाद के निपटान के लिए श्रम ट्रिब्यूनल को इस बारे में एक संदर्भ भेजा गया है। उन्होंने कहा है कि कर्मचारियों के एक वर्ग की ओर से किया जा रहा आंदोलन पूरी तरह से अनुचित है।