दिल्ली में चुनाव सिर पर, चंडीगढ़ भाजपा में 'बवाल'
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एक तरफ तो दिल्ली में विधानसभा चुनाव सिर पर हैं, वहीं, चंडीगढ़ भाजपा में आपसी फूट खुलकर बाहर आने लगी है। प्रदेश अध्यक्ष संजय टंडन के बाद नगर निगम में नेता विपक्ष अरुण सूद के खिलाफ अब विरोध के स्वर उठे हैं।
नगर निगम सदन की बैठक में भी अरुण सूद जब किसी मुद्दे पर बहस कर रहे थे तो चार भाजपा पार्षद उनका साथ देने की बजाय बैठक को बीच में ही छोड़कर निकल गए। ये चार पार्षद थे सतिंदर सिंह, हीरा नेगी, देवेश मौदगिल और सौरभ जोशी।
सूत्रों का कहना है कि ये चारों नेता सूद को नेता विपक्ष नहीं मान रहे हैं और उन्हें हटाने के लिए पार्टी हाईकमान से गुहार भी लगा चुके हैं।
इससे पहले बीते वीरवार को पंजाब भाजपा कार्यालय सेक्टर-37 में भी एक बैठक हुई थी, जिसमें पूर्व डिप्टी मेयर सतीश कैंथ को भाजपा में शामिल करवाया गया था। इन चारों पार्षदों ने इस कार्यक्रम का भी बहिष्कार किया था।
मेयर चुनाव की हार से शुरू हुआ था विरोध
भाजपा के नेता विपक्ष अरुण सूद का विरोध मेयर चुनाव की हार के बाद से शुरू हो गया था। पार्टी के आधे पार्षद टंडन और सूद के खिलाफ हो गए थे। कई पार्षदों का कहना था कि सूद ने ही पार्टी में क्रॉस वोट का खेल खेलकर हीरा नेगी को चुनाव में हरवाया।
रुको साथियों, सूद साहब अभी बोल रहे हैं
चारों पार्षद जब हाउस से बाहर जाने लगे तो कांग्रेस के सुभाष चावला ने चुटकी लेते हुए कहा ‘रुक जाओ साथियों, सूद साहब अभी कुछ बोल रहे हैं।’ दरअसल, सूद की बात अभी खत्म नहीं हुई थी और चारों उठकर जाने लगे थे। कांग्रेस को भी भाजपा की आपसी फूट का पता लग चुका है। इसलिए कांग्रेसी भी इस मौके को भुनाने की ताक में है।
बोलने से किया इंकार
इस मामले में कोई भी पार्षद बोलने से इंकार कर रहे हैं। सतिंदर सिंह, सौरभ जोशी और हीरा ने कहा कि पार्टी के इंटरनल मैटर्स पर वे कुछ बोलना नहीं चाहते। वहीं देवेश मौदगिल ने कहा कि उन्हें किसी जरूरी काम से जाना था, जिस कारण वे हाउस से जल्दी उठकर आ गए।