फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   decree on reservation in promotions for railway staff

रेलवे में नौकरी कर रहे लोगों के लिए कैट का बड़ा फरमान

Wed, 29 Jul 2015 07:51 AM IST
ब्यूरो/अमरउजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमरउजाला, चंडीगढ़ Updated Wed, 29 Jul 2015 07:51 AM IST
विज्ञापन
decree on reservation in promotions for railway staff

केंद्रीय प्रशासनिक ट्रिब्यूनल (कैट) ने रेलवे में तकनीकी कैडर के पुनर्गठन में आरक्षित वर्ग को प्रमोशन देने के मामले में आरक्षण को दरकिनार कर केवल वरिष्ठता के आधार पर प्रमोशन देने की बात कही है। ट्रिब्यूनल ने कहा कि प्रमोशन में कोई रिजर्वेशन लागू न हो।

विज्ञापन


कैट की एक खंडपीठ ने मंगलवार को रेलवे के डीजल लोकोमोटिव वर्क्स में डीजल टेक्नीशियन ग्रेड-1 के पद पर कार्यरत 39 कर्मचारियों की ओर से दायर एक याचिका के संबंध में यह फैसला सुनाया। उन्होंने रेलवे के उस फैसले को कैट में चुनौती दी थी, जिसमें कैडर का पुनर्गठन करते हुए एससी/एसटी कोटे के कर्मचारियों को प्रमोशन में लाभ पहुंचाया गया था।
विज्ञापन


इन कर्मियों ने रिजर्व कैटेगरी के कर्मचारियों को प्रमोट कर दिए जा रहे लाभ को चुनौती देते हुए याचिका दायर की थी। इसमें कहा गया था कि यह कैडर में 50 प्रतिशत से ज्यादा की रिजर्वेशन पा रहे हैं। याचिकाकर्ताओं के मुताबिक रेलवे के पास ऐसा कोई डाटा नहीं है, जिसके मुताबिक सही रूप से रिजर्व कैटेगरी को प्रमोशन का लाभ मिले।
विज्ञापन
विज्ञापन


रेलवे के गुरपिंदर सिंह समेत अन्य टेक्नीशियनों ने भारत सरकार, डीजल लोकोमोटिव वर्क्स पटियाला के सीएओ के खिलाफ अर्जी दायर की थी।

'तकनीकी कैडर के पुनर्गठन में आरक्षण को दरकिनार किया जाए'

decree on reservation in promotions for railway staff

याचिकाकर्ताओं के अनुसार उन्होंने वर्ष 1990-92 में डीजल टेक्नीशियन ग्रेड-1 के तौर पर रेलवे में नौकरी शुरू की थी। इसके बाद वह वर्ष 1995 से 2000 के बीच ग्रेड-टू व ग्रेड-1 में प्रमोट हुए। अक्तूबर 2013 में रेलवे ने फैसला किया कि 1 नवंबर 2013 को कुछ कैडर का पुनर्गठन करेगा।

इसके अनुसार सीनियर टेक्नीशियन के 31 पद रिक्त पाते हुए इन पर डीजल टेक्नीशियन ग्रेड-1 के रूप में कार्यरत कर्मियों के जरिए भरने की बात कही। मई 2014 में कैट ने पुनर्गठन में रिजर्वेशन के माध्यम से अतिरिक्त लाभ पहुंचाने पर रोक लगा दी थी।

खंडपीठ ने याचिका दायर करने वालों की दलीलें सुनने और सभी पहलुओं पर गौर करते हुए याचिका को स्वीकार कर लिया। अपने फैसले में खंडपीठ ने कहा कि रिकार्ड में ऐसा कुछ सामने नहीं आया है कि रेलवे ने एससी/एसटी की रिप्रेजेंटेशन पर कोई स्टडी की हो। साथ ही कैट ने कहा कि यदि कैडर में संबंधित पदों को लेकर पुनर्गठन में रिजर्वेशन जारी किया गया तो सीनियर टेक्नीशियन के पद पर आरक्षित कैडर तय सीमा से आगे बढ़ जाएगा।

खंडपीठ ने कैट डीएलडब्ल्यू पटियाला को आदेश देते हुए कहा कि तकनीकी कैडर के पुनर्गठन में आरक्षण को दरकिनार किया जाए और प्रमोशन में केवल वरिष्ठता को आधार बनाया जाए। साथ ही सभी योग्य ग्रेड-एक के टेक्नीशियंस को सीनियर टेक्नीशियंस के ग्रेड के पदों पर समायोजित किया जाए।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed