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सीटीयू ने 40 इलेक्ट्रिक बसों के लिए जारी किया टेंडर, केंद्र सरकार देगी पैसा

Tue, 24 Nov 2020 09:47 PM IST
Panchkula Bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Tue, 24 Nov 2020 09:47 PM IST
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CTU issues tender for 40 electric buses, central government will give money
माई सिटी रिपोर्टर
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चंडीगढ़। केंद्र सरकार से 80 इलेक्ट्रिक बसों की सौगात मिलने के बाद प्रशासन अब उन्हें सड़कों पर दौड़ाने की तैयारी में है। प्रशासन ने 40 इलेक्ट्रिक बसों को चलाने के लिए टेंडर जारी कर दिया है। टेंडर में जो भी कंपनी तय की जाएगी, वह शहर में किलोमीटर के अनुसार शहर में बस चलाएगी।
टेंडर की शर्तों के अनुसार, जो भी कंपनी प्रशासन द्वारा तय की जाएगी, उसके द्वारा ही बस चार्जिंग स्टेशन भी बनाया जाएगा। कंपनी 10 साल तक शहर में बसें चलाएगी। जो भी कंपनी प्रति किलोमीटर के लिए सबसे कम रुपये चार्ज करेगी, प्रशासन द्वारा उसे ही बस संचालन का काम सौंप दिया जाएगा। 18 दिसंबर को टेंडर की बिड खोली जाएगी।
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प्रशासन को इन बसों के लिए केंद्र सरकार से सब्सिडी मिलनी है। यही कारण है कि नीति आयोग के मॉडल कन्सेशन एग्रीमेंट का पालन किया गया है, जिसे रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल के साथ भी लगाया गया है। प्रशासन द्वारा तय नियमों के तहत प्रत्येक बस के चलने की क्षमता न्यूनतम 64,195 किमी (वार्षिक) होनी चाहिए। गौरतलब है कि केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने फास्टर एडॉप्शन एंड मैन्युफैक्चरिंग ऑफ हाइब्रिड एंड इलेक्ट्रिक व्हीकल यानी फेम इंडिया स्कीम फेस-दो के तहत चंडीगढ़ को 80 इलेक्ट्रिक बसों की सौगात दी थी।
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पहले खुद बसें खरीदने वाला था प्रशासन, टेंडर भी किया था जारी
यूटी प्रशासन ने पहले खुद 40 बसें खरीदने की योजना बनाई गई थी। 40 ई-बसें चलाने के लिए चंडीगढ़ परिवहन विभाग की तरफ से लॉकडाउन से पहले भी टेंडर किया गया था। दो कंपनियों ने आवेदन भी किया। एक कंपनी ने 64 रुपये प्रति किमी तो दूसरे ने 67 रुपये प्रति किमी में बस चलाने के लिए प्रस्ताव दिया था। हालांकि सीटीयू को यह रेट पसंद नहीं आए, इसलिए दोबारा टेंडर करने का फैसला लिया गया। इस बीच लॉकडाउन लग गया और विभाग को हुए घाटे के चलते ई-बसों को खरीदने का प्रस्ताव टाल दिया गया। हालांकि कुछ महीनों बाद केंद्र ने ही 80 बसें देने की घोषणा कर दी। दरअसल, सरकार की योजना 'फेम इंडिया' के तहत साल 2022 तक देश को प्रदूषण मुक्त बनाने की है। योजना का मकसद ग्राहकों को सस्ते दाम पर हाईब्रिड व इलेक्ट्रिकल वाहन उपलब्ध कराना है। इसके तहत डीजल और पेट्रोल की जगह हाइब्रिड और इलेक्ट्रिकल दोपहिया वाहन, कार, तीन पहिया वाहन और हल्के व भारी व्यावसायिक वाहनों के लिए देशभर में इन्फ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जाएगा।
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