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अब इन रूटों पर नहीं जाएगी सीटीयू बस
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Fri, 28 Mar 2014 09:24 AM IST
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लोकल रूट मजबूत करने के लिए सीटीयू ने एक बार फिर कई लॉंग रूट की बसें बंद कर दी। इन बसों के बंद होने से न सिर्फ यात्रियों के लिए मुसीबतें बढ़ी हैं, बल्कि सीटीयू को भी काफी नुकसान झेलना पड़ेगा।
कुल 19 बसें बंद की गईं, जिनमें डिपो नंबर-1 की 12 और डिपो नंबर-3 की 7 की बसें शामिल हैं। इनमें दिल्ली, अमृतसर, रोहतक, पटियाला, लुधियाना, होशियारपुर, बैजनाथ, हिसार और सिरसा आदि शहरों के रूट थे।
लॉंग रूट बंद करने का यह पहला मामला नहीं है। पहले भी कई बार सीटीयू प्रबंधन ने लंबी दूरी की बसों को बंद किया है। इसके बावजूद शहर में लोकल रूट मजबूत नहीं हो सका है।
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बसों की फ्रीक्वैंसी पर कोई ज्यादा असर नहीं पड़ा है और लोगों को अब भी बसों के लिए काफी इंतजार करना पड़ रहा है। इस बारे में सीटीयू के जनरल मैनेजर एसपी परमार ने कोई भी टिप्पणी करने से इंकार कर दिया।
नहीं खरीदी गई बसें
सीटीयू के बेड़े में अभी तक नई बसें शामिल नहीं हो सकी हैं। पब्लिक ट्रांसपोर्ट को मजबूत करने के लिए 400 नई बसें खरीदी जानी थी। पिछले काफी समय से खरीद की प्रक्रिया तो चल रही है, लेकिन बसें अभी तक नहीं आई।
बसों की खरीद में देरी के कारण बजट भी लैप्स हो चुका है। अब मजबूरी में सीटीयू को लॉन्ग रूट बंद करने पड़ रहे हैं। इन रूट्स पर ही सीटीयू को सबसे ज्यादा आय होती है।
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कुल 19 बसें बंद की गईं, जिनमें डिपो नंबर-1 की 12 और डिपो नंबर-3 की 7 की बसें शामिल हैं। इनमें दिल्ली, अमृतसर, रोहतक, पटियाला, लुधियाना, होशियारपुर, बैजनाथ, हिसार और सिरसा आदि शहरों के रूट थे।
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लॉंग रूट बंद करने का यह पहला मामला नहीं है। पहले भी कई बार सीटीयू प्रबंधन ने लंबी दूरी की बसों को बंद किया है। इसके बावजूद शहर में लोकल रूट मजबूत नहीं हो सका है।
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बसों की फ्रीक्वैंसी पर कोई ज्यादा असर नहीं पड़ा है और लोगों को अब भी बसों के लिए काफी इंतजार करना पड़ रहा है। इस बारे में सीटीयू के जनरल मैनेजर एसपी परमार ने कोई भी टिप्पणी करने से इंकार कर दिया।
नहीं खरीदी गई बसें
सीटीयू के बेड़े में अभी तक नई बसें शामिल नहीं हो सकी हैं। पब्लिक ट्रांसपोर्ट को मजबूत करने के लिए 400 नई बसें खरीदी जानी थी। पिछले काफी समय से खरीद की प्रक्रिया तो चल रही है, लेकिन बसें अभी तक नहीं आई।
बसों की खरीद में देरी के कारण बजट भी लैप्स हो चुका है। अब मजबूरी में सीटीयू को लॉन्ग रूट बंद करने पड़ रहे हैं। इन रूट्स पर ही सीटीयू को सबसे ज्यादा आय होती है।