गाय की पूजा करने गौशाला गई दलित महिला से रेप
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पहरावर गौशाला में गाय की पूजा करने गई महिला से गौशाला के पूर्व कमेटी सदस्य ने ही दुष्कर्म कर डाला। आरोपी ने पहले तो धोखे से महिला को एक कमरे में भेजा और बाद में खुद घुस गया। यहां जान से मारने की धमकी देकर उसे हवस का शिकार बनाया।
मामला हरियाणा के रोहतक का है। इस संबंध में माता दरवाजा निवासी दलित महिला की शिकायत पर सदर थाना पुलिस ने कमेटी के पूर्व सदस्य जयभगवान के खिलाफ दुष्कर्म, एससी/एसटी एक्ट सहित बंधक बनाने की धाराओं में केस दर्ज किया है।
हैरत की बात यह है कि मामले की जांच अधिकारी एएसआई देवी रानी को बनाया गया है। जबकि तय दिशा-निर्देशों के अनुसार एफआईआर में एससी/एसटी एक्ट शामिल होने पर डीएसपी स्तर के अधिकारी को जांच अधिकारी बनाने के विशेष निर्देश हैं। इसके बावजूद पुलिस प्रशासन की ओर से कोई ध्यान नहीं दिया गया।
वहीं मामले में गौशाला के संस्थापक नरेश शर्मा का कहना है कि जयभगवान गौशाला कमेटी का सक्रिय सदस्य नहीं है। उन्होंने कहा, जब महिला आई थी, तो जय भगवान ने बताया कि झूठे केस के मामले में फंसाने के लिए तीन लाख रुपये मांग रही थी। इस मामले में सेक्टर एक पुलिस चौकी में शिकायत दी गई थी।
जान से मारने की धमकी देकर बनाया हवस का शिकार
पुलिस को दी शिकायत में मूलरूप से खरखौदा निवासी पीड़िता ने बताया कि वह मजदूरी करके परिवार का गुजारा करती है। महिला का उसके पति से तलाक का केस अदालत में विचाराधीन है।
पीड़िता ने बताया कि वह रविवार शाम को पहरावर स्थित गौशाला में गाय की परिक्रमा करने गई थी। गौशाला में जयभगवान पहले से ही मौजूद था। आरोपी ने महिला से कमरे से कुछ सामान लाने के लिए कहा। इस पर महिला कमरे में गई तो पीछे से आरोपी जयभगवान भी घुस गया। यहां उसने छेड़खानी शुरू कर दी।
महिला के विरोध के बाद भी आरोपी ने उससे दुष्कर्म किया। इसके बाद आरोपी ने महिला को जान से मारने की धमकी भी दी। पीड़िता ने मामले की शिकायत पुलिस को दी है। जांच अधिकारी देवी रानी ने बताया कि पीड़िता की शिकायत के आधार पर जयभगवान के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुष्पा खत्री, डीएसपी ने बताया कि मामले में ये भी शिकायत सामने आई है कि महिला ने झूठे केस में फंसाने के एवज में तीन लाख रुपये मांगे थे। इसकी भी जांच की जा रही है।