सतलोक में ऐसे रामपाल के वश में आती थीं महिलाएं
सतलोक आश्रम में महिलाओं को प्रोत्साहित करने का काम रामपाल की खास सेविकाएं करती थीं। इनमें से बबीता, सावित्री और पूनम सहित तीन को गिरफ्तार किया चुका है, लेकिन तीन अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इन महिलाओं की पहचान हो चुकी है। इनमें से एक महिला तो ट्रस्टी है। एसपी सतेंद्र गुप्ता ने बताया कि रामपाल के इर्द-गिर्द रहने वाली पांच-छह महिलाएं ही थीं।
ये रामपाल की खास सेविकाएं थीं। इन सेविकाओं का काम महिला अनुयायियों को मोटीवेट करना, आश्रम में अन्य महिलाओं को जोड़ना था। आश्रम में आने वाली हर महिला को ये सार नाम लेने के लिए इस तरह से राजी करती थीं कि उनका ब्रेन वाश कर सतलोक तक पहुंचाने का वादा किया जाता था।
अचरज भरी बातें बताकर जोड़ती थीं आश्रम से
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि ये महिलाएं आश्रम में आने वाली महिलाओं को मानसिक रूप से ऐसे तैयार करतीं थी कि उन्हें रामपाल से जुड़ी सभी बातें सच लगती थी।
महिलाओं को रामपाल की खास राजदार यह कहती थी कि उसकी तो एक बार मौत हो गई थी, गुरु जी यमदूत से उसकी आत्मा तक को वापस ले आए। आज वह जीवित है तो सिर्फ गुरु जी के कारण। इस तरह की बातों को आगे से आगे चेन सिस्टम की तरह फैलाया जाता था। अचरज और हैरानी भरी बातें लोगों को जोड़ने में मदद करती थी।
रामपाल की पत्नी को नहीं किया जांच में शामिल
एसपी सतेंद्र गुप्ता ने बताया है कि जिन महिला सेविकाओं की पुलिस को तलाश है, उनमें शशि प्रभा, टीना, गीता उर्फ सविता हैं। एसपी ने बताया है कि इन महिलाओं की तलाश की जा रही है।
एसपी गुप्ता ने बताया कि अभी तक उनकी जांच में रामपाल की पत्नी का कहीं कोई रोल नजर नहीं आया है। अगर उन्हें ऐसा लगता है कि रामपाल की पत्नी कहीं मामले में शामिल रही है तो उनसे भी पूछताछ जरूर की जाती।