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हाई प्रोफाइल रूलदा मर्डर केस में पांचों आरोपी बरी
ब्यूरो/अमर उजाला, पटियाला(पंजाब)
Updated Sat, 28 Feb 2015 01:05 AM IST
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हाई प्रोफाइल रूलदा सिंह मर्डर केस के पांचों आरोपियों को कोर्ट ने शुक्रवार को बरी कर दिया। उन्हें पुलिस ने बब्बर खालसा के आतंकी जगतार सिंह तारा के साथी बताते हुए आरएसएस की विंग राष्ट्रीय सिख संगत के प्रेसिडेंट रूलदा सिंह के मर्डर केस में धारा 302, आर्म्स एक्ट और 15, 16, 17 अनलाफुल एक्टिविटी एक्ट में गिरफ्तार किया था।
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आरोपियों के वकील बरजिंदर सिंह सोढ़ी ने बताया कि बस्सीपठाना के गांव मुकारोपुर निवासी दर्शन सिंह, बस्सीपठाना के जगमोहन सिंह, खेड़ी शीश गरां जिला कुरुक्षेत्र (हरियाणा) के गुरजंट सिंह, अरोली (मुंबई) के दलजीत सिंह और सेक्टर-56 चंडीगढ़ के अमरजीत सिंह को पुलिस ने रूलदा मर्डर केस में करीब पांच साल पहले गिरफ्तार किया था। तब से सभी जेल में बंद थे। कोर्ट में उन्होंने तीन तथ्यों को प्रमुख तौर पर उठाया, जिसके आधार पर आरोपियों को रूलदा मर्डर केस से बरी किया गया।
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गौरतलब है कि 28 जुलाई 2009 की रात को रूलदा सिंह पर उनके घर के बाहर हमलावरों ने गोलियां दागीं थीं। उस समय वे किसी एनआरआई महिला से मिलकर लौटे थे, जिससे उनका प्रॉपर्टी को लेकर विवाद चल रहा था। यह भी रूलदा सिंह के कत्ल की एक वजह हो सकती थी। लेकिन, पुलिस ने इस थ्योरी पर काम करते हुए न तो एनआरआई महिला का पता लगाया और न ही जांच की।
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केस के गवाहों ने जिन आरोपियों के नाम लिए थे, उन्हें पुलिस ने गिरफ्तार करके रिमांड पर लिया और फिर छोड़ दिया। यह पांच आरोपी दर्शन सिंह, जगमोहन सिंह, गुरजंट सिंह, दलजीत सिंह और अमरजीत सिंह के नाम तो गवाहों ने लिए ही नहीं थे, जिसे उन्होंने कोर्ट में साबित कर दिया।
रूलदा सिंह के दामाद गुरमीत सिंह निवासी भवानीगढ़ (संगरूर) ने कोर्ट में बयान दिया था कि जिस समय गोलियां लगने के बाद वे ससुर को राजिंदरा अस्पताल ले गए थे, तो वहां रूलदा सिंह ने कान में उन्हें अपने कातिलों के नाम बताए थे। ये नाम उन्होंने एक पर्ची पर लिखे थे, जिसे बाद में पुलिस को दिया था।
इस पर्ची पर दर्शन सिंह, जगमोहन सिंह, इंग्लैंड में रहने वाले चार सिखों, रमनदीप सिंह गोल्डी, जगतार तारा के नाम लिखे थे। लेकिन, जब कोर्ट में आरोपियों के वकील बरजिंदर सोढ़ी ने रूलदा के बेटे एवं मर्डर केस के शिकायतकर्ता राजिंदर सिंह से पूछा, तो उन्होंने माना कि जिस दिन उनके पिता को गोलियां लगीं, जीजा गुरमीत सिंह पटियाला में नहीं थे। इन तथ्यों को ध्यान में रखकर कोर्ट ने पांच आरोपियों को बरी कर दिया।
क्या था पूरा मामला
28 जुलाई 2009 की रात करीब 10 बजे रूलदा सिंह किसी से मिलकर कार से लौटे थे और सरहंद रोड पर नई अनाज मंडी में अपनी दुकान के ऊपर बने घर के बाहर गैराज में कार लगा रहे थे। इसी बीच कार में कुछ अज्ञात हमलावर आए और उन्होंने रूलदा सिंह पर गोलियां चला दीं। रूलदा सिंह के पेट व सिर में पांच गोलियां लगी थीं। उन्हें तुरंत पटियाला के राजिंदरा अस्पताल ले जाया गया जहां से उन्हें पीजीआई चंडीगढ़ रेफर कर दिया गया। वहां 15 अगस्त 2009 को रूलदा सिंह की मौत हो गई थी। संबंधित त्रिपड़ी थाना पुलिस ने रूलदा सिंह के लड़के राजिंदर सिंह के बयान पर अज्ञात हमलावरों के खिलाफ केस दर्ज किया था।
आतंकी गोल्डी और तारा पर चलेगा केस
रूलदा मर्डर केस में अभी खालिस्तान टाइगर फोर्स के आतंकी रमनदीप सिंह गोल्डी और बब्बर खालसा के आतंकी जगतार सिंह तारा के खिलाफ केस चलेगा। गोल्डी के खिलाफ रूलदा मर्डर केस में कोर्ट में चालान पेश हो चुका है। इस केस में सुनवाई 9 मार्च से शुरू होगी। तारा के खिलाफ जल्द चालान पेश होगा और फिर सुनवाई शुरू होगी।