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सिलेंडर ब्लास्ट मामला: आग में झुलसे तीसरे व्यक्ति की मौत
ब्यूरो/अमर उजाला, पंचकूला
Updated Wed, 12 Oct 2016 01:03 AM IST
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Panchkula Cylinder Blast
- फोटो : File Photo
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पंचकूला के अभयपुर में गैस सिलेंडर में आग लगने से झुलसे पांच लोगों में से तीसरे व्यक्ति की भी उपचार के दौरान पीजीआई में मौत हो गई। जबकि दो लोग अभी उपचाराधीन हैं। गौरतलब है कि 5 अक्तूबर को सुबह चार बजे घर में आग लगी थी। इसमें पांच लोग झुलस गए थे। आग की चपेट में आए 43 वर्षीय आनंद करीब 50 फीसदी झुलस गए थे।
इलाज के दौरान रविवार को करीब ढाई बजे उनकी मौत हो गई। वह ठीक से सांस नहीं ले पा रहे थे। डॉक्टरों का कहना है कि फेफड़ों में इंफेक्शन कारण आनंद की मौत हुई। जबकि सात अक्तूबर को दो लोगों की मौत हो गई थी। एमएलसी नहीं मिलने के दौरान पीजीआई में पोस्टमार्टम नहीं हो पाया था। मंगलवार को एमएलसी मिलने पर शव का पोस्टमार्टम किया गया।
बता दें कि जली हालत में आनंद ही ऑटो से फायर ब्रिगेड की गाड़ी बुलाने गए थे। जब पुलिस कंट्रोल रूम, फायर ब्रिगेड के आपातकालीन नंबरों पर किसी ने कॉल रिसीव नहीं की थी। इसके बाद आनंद अपने पड़ोसी डॉ. दुलाल विश्वास के साथ पहले पंचकूला सेक्टर-19 के पुलिस स्टेशन पहुंचे, वहां से फायर स्टेशन गए थे। दुलाल ने बताया कि आनंद ने अपने घर का पता बता कर फायर कर्मियों से कहा कि आप लोग घर पर पहुंचों मेरी स्थिति ठीक नहीं है। मैं अपने पड़ोसी के साथ पंचकूला सेक्टर-6 के अस्पताल में इलाज के लिए जा रहा हूं।
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लेकिन, उसकी फायर कर्मियों ने एक नहीं सुनी। वह कहने लगे पहले चलकर घर का पता बताओ उसके बाद इलाज के लिए अस्पताल जाना। आनंद के पड़ोसी अरुण ने बताया कि जब आपातकालीन नंबरों पर कोई रिस्पांस नहीं मिला तो पंचकूला सेक्टर-19 के पुलिस चौकी के लैंडलाइन नंबर पर भी कॉल की गई। लेकिन चौकी में भी किसी ने फोन नहीं उठाया। इसके बाद शिवलाल, शांति व आनंद जिस कमरे में गैस लीक होने की वजह से आग लगी थी, उसे देखने गए। जैसे ही दरवाजा खोला शिवलाल, आनंद, शांति सहित पांच लोग आग की चपेट में आ गए थे।
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इलाज के दौरान रविवार को करीब ढाई बजे उनकी मौत हो गई। वह ठीक से सांस नहीं ले पा रहे थे। डॉक्टरों का कहना है कि फेफड़ों में इंफेक्शन कारण आनंद की मौत हुई। जबकि सात अक्तूबर को दो लोगों की मौत हो गई थी। एमएलसी नहीं मिलने के दौरान पीजीआई में पोस्टमार्टम नहीं हो पाया था। मंगलवार को एमएलसी मिलने पर शव का पोस्टमार्टम किया गया।
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बता दें कि जली हालत में आनंद ही ऑटो से फायर ब्रिगेड की गाड़ी बुलाने गए थे। जब पुलिस कंट्रोल रूम, फायर ब्रिगेड के आपातकालीन नंबरों पर किसी ने कॉल रिसीव नहीं की थी। इसके बाद आनंद अपने पड़ोसी डॉ. दुलाल विश्वास के साथ पहले पंचकूला सेक्टर-19 के पुलिस स्टेशन पहुंचे, वहां से फायर स्टेशन गए थे। दुलाल ने बताया कि आनंद ने अपने घर का पता बता कर फायर कर्मियों से कहा कि आप लोग घर पर पहुंचों मेरी स्थिति ठीक नहीं है। मैं अपने पड़ोसी के साथ पंचकूला सेक्टर-6 के अस्पताल में इलाज के लिए जा रहा हूं।
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लेकिन, उसकी फायर कर्मियों ने एक नहीं सुनी। वह कहने लगे पहले चलकर घर का पता बताओ उसके बाद इलाज के लिए अस्पताल जाना। आनंद के पड़ोसी अरुण ने बताया कि जब आपातकालीन नंबरों पर कोई रिस्पांस नहीं मिला तो पंचकूला सेक्टर-19 के पुलिस चौकी के लैंडलाइन नंबर पर भी कॉल की गई। लेकिन चौकी में भी किसी ने फोन नहीं उठाया। इसके बाद शिवलाल, शांति व आनंद जिस कमरे में गैस लीक होने की वजह से आग लगी थी, उसे देखने गए। जैसे ही दरवाजा खोला शिवलाल, आनंद, शांति सहित पांच लोग आग की चपेट में आ गए थे।