रची खौफनाक साजिश, छह माह पहले चाकू चुराया फिर उसी से NRI पति-पत्नी को मारा
फगवाड़ा पुलिस ने ओंकार नगर में अकेले रह रहे एनआरआई दंपती के कत्ल के मामले का खुलासा कर बताया कि वारदात में किराएदार समेत तीन आरोपी शामिल रहे। एक आरोपी को फगवाड़ा से और दो को हरियाणा से काबू कर लाया जा रहा है। एसएसपी कपूरथला सतिंदर सिंह ने बताया कि मुख्य आरोपी के फगवाड़ा आने के बाद पूछताछ के बाद ही कत्ल के कारणों का पता चलेगा।
जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपी ने बुजुर्ग की जिस चाकू से हत्या की, उसे वह छह महीने पहले ही एक कोठी से चोरी कर लाया था। सोमवार को नगर निगम के कॉन्फ्रेंस हाल में आयोजित प्रेसवार्ता में एसएसपी सतिंदर सिंह ने एसपी फगवाड़ा मनविंदर सिंह, डीएसपी सुरिंदर चांद की उपस्थिति में बताया कि मृतक दंपती कृपाल सिंह मिन्हास व उसकी पत्नी दविंदर कौर मिन्हास कनाडा से नवंबर में लौटे थे।
यह भी पढ़ें- Unlock 1: पंजाब में आज से दुकानें, सैलून, ब्यूटी पार्लर, स्पा सुबह 7 से शाम 7 बजे तक खुलेंगे
हत्या से पहले दूसरे साथी को घर लाया
मिन्हास दंपती के कत्ल का मास्टरमाइंड किराएदार अनिल कुमार उर्फ जगदेव सिंह उर्फ जस्सी पुत्र गुरमेल सिंह निवासी पिंड साध निवास, थाना जाखल (हरियाणा) निकला। 28 मई को जगदेव सिंह जस्सी अपने गांव से दूसरे आरोपी रणजीत सिंह पुत्र नाजर सिंह निवासी गली नंबर 6 साध निवास थाना जाखल (हरियाणा) को साथ लाया और अपने परिवार को कहीं शिफ्ट कर दिया।
इसके बाद तीसरे आरोपी सूरज कुमार पुत्र चंदरजीत निवासी गली नंबर-1 फ्रेंडस कालोनी फगवाड़ा को भी रंजिश में शामिल कर 29 मई को दिन में करीब तीन सवा तीन बजे मिन्हास दंपती के घर आने को कहा। खुद जस्सी व रणजीत अपने ऊपर वाले कमरे में छिप गए। 29 मई को सूरज आया और तीनों नीचे उतरकर घर में दाखिल हो गए। जहां कृपाल सिंह अकेले थे, उन्हें दबोचकर सूरज ने मुंह पर कपड़ा बांध दिया। इसके बाद जस्सी व रणजीत ने चाकुओं से वार कर बेड पर ही उनका कत्ल कर दिया।
कृपाल सिंह पर चाकू से किए 12 वार
एसएसपी सिंह ने बताया कि उनके शरीर पर करीब 12 वार किए गए। इतने में दविंदर सिंह सैर कर वापस आई तो तीनों ने मिलकर कपड़े से गला घोंटकर उनको भी मार डाला। कत्ल के बाद तीनों ने वहां से 12 हजार रुपये और दो मोबाइल उठाए और अपने कमरे में बैठकर रात होने का इंतजार करने लगे। 30 मई को सुबह करीब तीन बजे तीनों बाहर निकले और घर के पास ही खून से सने कपड़े जलाकर चाकू फेंककर जमालपुर चले गए। जमालपुर से सूरज वापस आ गया तथा दोनों फरार हो गए। पुलिस को मामले की सूचना 30 मई को देर शाम मिली।
पुलिस ने सुराग के आधार पर पहले सूरज को गिरफ्तार कर जलाए कपड़े और वारदात में प्रयुक्त चाकू बरामद कर दूसरे आरोपियों को पकड़ने के लिए रवाना हुई। इसके बाद रणजीत सिंह और मुख्य आरोपी जगदेव सिंह उर्फ जस्सी की भी हरियाणा में गिरफ्तारी हो गई। लेकिन अभी उसे लाया जा रहा है।
सूरज को नहीं पता था हत्या के लिए बुलाया है
मुख्य आरोपी जस्सी इतना शातिर था कि अपने कमरे में पहचान संबंधी सारे सबूत जला दिए। इतना ही नही किराएनामा ढूंढने के लिए आरोपी ने दंपती के कमरे में काफी छानबीन की। सूरज जिस कोठी में देखभाल के लिए रहता था वहां से जस्सी करीब 6 महीने पहले चाकू चोरी कर लाया था। इसी से कृपाल सिंह मिन्हास की हत्या की गई।
कत्ल के बाद मुख्य आरोपी ने दंपती का एटीएम कार्ड वाला बैग भी उठा लिया था, जिसको पुलिस ने बरामद कर लिया है। हत्या के बाद सूरज ने देखा तो चाकू उसकी कोठी का निकला। पूछताछ में सूरज ने बताया कि जस्सी ने उसे सिर्फ कृपाल सिंह का मुंह दबोचने को कहा था। उसे नहीं मालूम था कि वह उसकी हत्या कर देगा।
जस्सी ने आश्वासन दिया था कि रुपये लूटकर उसका दो से ढाई लाख का कर्ज उतार देगा। इसीलिए वह वारदात में शामिल हुआ। सूत्रों के मुताबिक 6 महीने के किराए को लेकर तकरार सामने आ रही है लेकिन यह गले नहीं उतरती। क्योंकि जस्सी ने 6 महीने पहले ही मर्डर की प्लानिंग चाकू चुराकर कर ली थी। लूटपाट का एंगल भी साफ नहीं है। क्योंकि मृतक दंपती के शरीर पर सोने के गहने और घर में कीमती समान मौजूद है। एसएसपी सिंह ने बताया कि मामले का खुलासा मुख्य आरोपी की पूछताछ की बाद ही होगा।