चलती ओला कैब पर तेजधार हथियार से हमला कर ड्राइवर की हत्या
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मोहाली के फेज-5 में रविवार देर रात चलती ओला कैब के ड्राइवर की गर्दन पर किसी ने तेज हथियार से हमला कर दिया। लहूलुहान हालत में ड्राइवर ने बचने की काफी कोशिश की। वह तेजी से कार लेकर फेज-5 की मार्केट में पहुंचा। अस्पताल ले जाते समय उसकी मौत हो गई। मृतक की पहचान मनोज कुमार (43) निवासी राजपुरा टाउन के रूप में हुई। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया है।
वहीं, मृतक के जीजा पलसौरा निवासी जवाहर के बयान पर पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही आरोपियों को काबू कर लिया जाएगा। फिलहाल, पुलिस हमले की वजह रंजिश मानकर चल रही है। वहीं, पुलिस ने मनोज की इंडिका कार अपने कब्जे में ले ली है। पुलिस के मुताबिक, मनोज के 19, 11 और 16 साल के तीन लड़के हैं।
कटे गले के बावजूद ड्राइव की गाड़ी जानकारी के मुताबिक, घटना रात करीब ढाई बजे की है। पुलिस के मुताबिक ड्राइवर मनोज पर किसी ने फेज-4 वाली साइड में हमला किया था। इसके बाद वह बचाव में फेज-5 की मार्केट पहुंचा। इस दौरान उसने वहां खड़े चौकीदार से कहा कि उसे बचा लो। साथ ही पुलिस के कंट्रोल रूम पर फोन किया। सूचना मिलते ही पीसीआर पार्टी ने मौके पर पहुंचकर उसे अस्पताल ले गई। सिविल अस्पताल ले जाते समय उसकी मौत हो गई।
चार इंच गहरा था जख्म पीसीआर कर्मियों के मुताबिक, मनोज की गर्दन पर चार इंच गहरा जख्म था। जब वह गाड़ी में उसे ले जाकर जा रहे थे तो उसकी गर्दन पर हाथ रखा हुआ था। जैसे ही हाथ हटाते थे तो खून बहना शुरू हो जाता था। इससे पीसीआर की गाड़ी भी खून से पूरी तरह लाल हो गई थी। मृतक की सांस और खून की नली कट गई थी।
हमलावर सवारी बन बैठे थे, संख्या हो सकती है दो
पुलिस संदेह जता रही है कि जिन लोगों ने हमला किया है। उनकी संख्या दो हो सकती है। हो सकता है कि वह जबरदस्ती गाड़ी को रोककर सवार हो गए हों। इसके बाद जब पेेमेंट मांगी हो तो उसकी हत्या कर दी गई हो। हालांकि, पता चला है कि उस समय कैब चालक को कंपनी की तरफ से किसी पैसेंजर को रिसीव करने की जानकारी नहीं दी गई थी।
छह महीने पहले ज्वाइन की थी ओला कैब
पता चला है कि मनोज ने छह महीने पहले ही ओला कैब ज्वाइन की थी। इससे पहले वह अपना काम करता था। नौकरी ज्वाइन करने बाद कभी वह अपनी बहन के पास पलसोरा और सनेटा में रिश्तेदारी में रहता था। कई बार रात कार में ही गुजार देता था।
फोन काल का लिया डाटा
घटना के बाद मौके पर सीआईए के एक्सपर्ट भी पहुंच गए थे। उन्होंने पहले फोन कॉल का डंप डाटा लिया। इसके बाद कार व अन्य जगह से सैंपल लिए। इसे जांच के लिए भेज दिया गया है।
लाइसेंस से हुई पहचान
पुलिस के मुताबिक, मृतक की पहचान उसकी जेब से मिले लाइसेंस से हुई थी। इस पर मनोज नाम लिखा हुआ था। जबकि, उसके घरवालों का नंबर उसके मोबाइल में होम के नाम से सेव था। इसके बाद पुलिस ने तुरंत इस बारे में उसके परिजनों को सूचित किया।
चंडीगढ़ में छोड़ा था महिला को
सूत्रों से पता चला है कि मनोज ने सेक्टर-34 चंडीगढ़ में रविवार रात करीब 10 बजे एक महिला को छोड़कर आया था। इसके बाद वह सेक्टर-22 से फेज-4 में युवकों को छोड़ने आया था। उन्हें छोड़कर वह अपने घर जा रहा था। इस दौरान फेज-4 और 5 की डिवाइडिंग रोड पर हमला किया गया। पुलिस ने सभी से पूछताछ की है। लेकिन, अभी तक पुलिस के हाथ कोई सुराग नहीं लगा है।