वैलेंटाइन डे पर थी शादी, 15 दिन पहले ही युवक को ले गई 'मौत', मां-बाप और भाई सदमे में
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पंजाब में तेजी से फैल रही स्वाइन फ्लू की बीमारी से होने वाली मौतों का सिलसिला थम नहीं रहा है। इस बीमारी ने जालंधर के रहने वाले एक 26 वर्षीय नौजवान की जिदंगी निगल ली। शहीद ऊधम सिंह नगर में पकौड़े वाले का बेटा गौरव उर्फ गोरू करीब दो हफ्ते से बीमार था। उसे स्वाइन फ्लू था। उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया है। अंतिम संस्कार में गौरव के करीबी दोस्त ही गए थे। डॉक्टरों ने परिवार व रिश्तेदारों को संस्कार में जाने से मना कर दिया था।
गौरव की मौत के बारे में उसके दोस्तों का कहना है कि लगभग एक सप्ताह से ज्यादा समय से गौरव बीमार चल रहा था। उसे इलाज के लिए सिक्का अस्पताल में दाखिल कराया गया, लेकिन वहां गौरव की हालत में सुधार न होने के कारण उसे पटेल अस्पताल में दाखिल कराया गया। जब पटेल अस्पताल में भी गौरव की हालत में सुधार न हुआ तो डॉक्टरों ने उसे डीएमसी ले जाने को कह दिया।
डीएमसी ले जाने के बाद गौरव को जगह न मिलने के कारण दाखिला नहीं मिल सका। इस बात से निराश गौरव के घरवालों ने एक बार फिर से उसे पटेल अस्पताल में भर्ती करवा दिया। लेकिन हालत ज्यादा बिगड़ने के कारण उसे फिर से डीएमसी लुधियाना ले जाया गया। इस बार किसी न किसी तरह डीएमसी में गौरव को दाखिला तो मिल गया, लेकिन वहां पहुंचते ही गौरव ने दम तोड़ दिया। इस तरह अस्पतालों के चक्कर काटते-काटते ही गौरव ने अपनी जिदंगी गवां दी। स्वाइन फ्लू से जालंधर में यह तीसरी मौत है।
14 फरवरी को थी गौरव की शादी
स्वाइन फ्लू से मरने वाले गौरव की दो हफ्ते बाद शादी थी। गौरव की कुछ महीने पहले रिंग सेरेमनी हुई थी व 14 फरवरी को वेलेनटाइन-डे वाले दिन उसकी शादी तय हुई थी। परिवार वाले शादी की तैयारियों में जुटे थे, लेकिन कुदरत को कुछ और ही मंजूर था। घर पर मातम छाया हुआ है व पूरे शहीद ऊधम सिंह नगर में भी शोक की लहर है। गोरू के माता-पिता व छोटे भाई का रो रोकर बुरा हाल है। दादा (अंकल पकौड़े वाले) की पहले मौत हो चुकी है।
मात्र इलाज का दावा ही करता है सिविल अस्पताल प्रबंधन
गौरव के दोस्तों ने बताया कि स्वाइन फ्लू को रोकने के लिए सिविल अस्पताल चाहे लाख दावे करे, लेकिन सच्चाई यह है कि सिविल अस्पताल में स्वाइन फ्लू से निपटने का कोई इंतजाम नहीं है। गौरव के दोस्तों का कहना है कि वह सिविल अस्पताल में पूछकर आए थे कि क्या मरीज को यहां लेकर आ सकते हैं तो उन्होंने कहा कि अगर मरीज को स्वाइन फ्लू पॉजिटिव है तो वह मरीज को लुधियाना ही ले जाएं। गोरू के दोस्तों का आरोप है कि स्वाइन फ्लू को लेकर पंजाब सरकार पूरी तरह से फेल साबित हो रही है।