{"_id":"56e308284f1c1b8a1d8b4568","slug":"credit-wise-on-syl-land-de-acquired-issue-between-congress-and-sad","type":"story","status":"publish","title_hn":"एसवाईएल की जमीन डी-एक्वायर करने के मुद्दे पर छिड़ी क्रेडिट-वार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एसवाईएल की जमीन डी-एक्वायर करने के मुद्दे पर छिड़ी क्रेडिट-वार
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sat, 12 Mar 2016 05:52 PM IST
विज्ञापन
पंजाब कांग्रेस का विरोध
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एसवाईएल की जमीन डी-एक्वायर करने के मुद्दे पर कांग्रेस और अकालियों में क्रेडिट-वार छिड़ गई। शून्य काल के दौरान सत्ताधारियों और विपक्षियों के बीच इस मुद्दे को लेकर काफी नोक-झोंक हुई। आखिर कांग्रेस ने वाकआउट कर दिया। सीएलपी लीडर चरनजीत सिंह चन्नी ने कहा कि वीरवार को विधानसभा केइतिहास में काला दिन था। विपक्ष को बोलने नहीं दिया, बाहर निकाल दिया। हम संशोधन लाए थे कि किसानों को जमीन वापस की जाए।
विज्ञापन
इतने में अकालियों ने खड़े होकर विरोध शुरू कर दिया। चन्नी ने कहा कि विपक्ष को सिर्फ इसलिए बाहर निकाला गया ताकि बहस में शामिल न हो सकें। अकालियों केपास यह आइडिया नहीं था। हमारे संशोधन में जमीन किसानों को देने का प्रस्ताव था। अगर इन्हें लाना होता तो नौ साल में कभी भी ले आते। चलो, हमारी मांग मान ली, धन्यवाद, इस मुद्दे पर बिल लाएं और किसानों को बचाएं। बिक्रम मजीठिया ने कहा कि बायकॉट कर कांग्रेस पंजाबियों को मुंह दिखाने के लायक नहीं रही।
विज्ञापन
अपने मुद्दे रखते, बहस करते। सारे पंजाबियों ने आलोचना की तो अब कह रहे हैं। अजीत इंदर सिंह मोफर ने श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी का मुद्दा उठाया। स्पीकर चरनजीत सिंह अटवाल ने कहा कि दो आयोग बैठ चुके हैं। डिप्टी सीएम सुखबीर बादल ने कहा कि सीबीआई जांच चल रही है। इसकेबाद कांग्रेसियों और अकालियों ने खड़े होकर एक-दूसरे के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। विरसा सिंह वल्टोहा ने कहा कि राजनीति केलिए यह मुद्दा उठाया जा रहा है, लेकिन सिख 1984 को कभी नहीं भूल सकते।
विज्ञापन
इसके बाद कांग्रेस ने वाकआउट कर दिया। शिक्षामंत्री डॉ. दलजीत चीमा ने कहा कि मोफर ने एक चैनल पर कहा कि हरियाणा का राइपेरियन हक बनता है। 1955 में राजस्थान को पानी देने को भी इन्होंने जायज ठहराया। तभी बलविंदर बैंस ने अकालियों पर बरसते हुए कहा कि अपने गुनाहों पर पर्दा मत डालो। वल्टोहा ने इसका विरोध किया। फिर अकालियों और बैंस ब्रदर्स के बीच तीखी नोक-झोंक हुई।
जाखड़ ने उठाया धोखाधड़ी का मुद्दा
सुनील जाखड़ ने अबोहर की कंपनी नेचर हाइट्स की ओर से दस हजार लोगों केसाथ ठगी का मामला उठाया। उन्होंने कहा कि पीड़ितों की ओर से अबोहर में रोष प्रदर्शन के बाद कंपनी मालिक पर 18 एफआईआर दर्ज की गई, लेकिन गिरफ्तारी नहीं हुई। वह अस्पताल में दाखिल है और सेहतमंत्री सुरजीत ज्याणी ने उससे मुलाकात की। जाखड़ ने आरोप लगाया कि नेचर हाइट्स ने अपनी सारी संपत्ति रॉयल सिटी को ट्रांसफर कर दी। इस कंपनी का दफ्तर उसी फार्म हाउस में है, जहां दलित युवक भीम टांक की हत्या की गई थी। वहां पैसे लेने को जाने वालों को धमकाया जाता है। डिप्टी सीएम सुखबीर बादल ने कहा कि इस मामले में कार्रवाई होगी। अश्वनी सेखड़ी ने कहा कि बटाला में हलका इंचार्ज के कहने पर ग्रांट गलत जगह इस्तेमाल की जा रही है।