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सजा काट चुके तोता को पुलिस ने फर्जी उठाया, कोर्ट ने छोड़ा
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पंद्रह साल पहले सजा काट चुके अनिल चौहान उर्फ तोता ने शनिवार को जिला अदालत में अपना ज्यूडिशियल रिकॉर्ड पेश किया। डॉक्यूमेंट और जेल रिकॉर्ड देखने के बाद कोर्ट ने पाया कि पुलिस ने तीन दिसंबर को अनिल चौहान को फर्जी तरीके से घर से उठाया। साथ ही कोर्ट ने केस का निपटारा भी कर दिया।
दरअसल, बीते 3 दिसंबर को एसआईटी ने अनिल चौहान उर्फ तोता को उसके घर से गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया था। उसी दिन कोर्ट में तोता के बयानों पर उसे जमानत मिल गई थी। उसने कोर्ट में बताया कि 2004 में उस पर आर्म्स एक्ट की धारा 25 के तहत मामला दर्ज किया गया था। 2009 में उसको कोर्ट ने तीन साल की सजा सुनाकर अंडरगोन कर दिया था। इसके बाद से वह आम लोगों की तरह अपना जीवन व्यतीत कर रहा था, लेकिन पुलिस ने 15 साल बाद उसे अवैध रूप से उठा लिया है। तोता के बयान दर्ज कर कोर्ट ने उसे जमानत दे दी थी। साथ ही तोता को उसके केस से संबधित रिकॉर्ड शनिवार को पेश करने को कहा था।
अनिल चौहान के वकील संदीप कटोच ने कोर्ट में दलील दी कि उनके मुवक्किल को पुलिस ने गैरकानूनी तरीके से उठाया है। जिस तरह से पुलिस ने उनके मुवक्किल को गिरफ्तार किया, उससे अनिल चौहान और उनके परिवार की मानहानि हुई है। गिरफ्तारी के समय उसने पुलिस को बताने की कोशिश की वह अपनी सजा पहले ही काट चुका है, लेकिन उसकी बात सुने बिना ही उसको पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।
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दरअसल, बीते 3 दिसंबर को एसआईटी ने अनिल चौहान उर्फ तोता को उसके घर से गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया था। उसी दिन कोर्ट में तोता के बयानों पर उसे जमानत मिल गई थी। उसने कोर्ट में बताया कि 2004 में उस पर आर्म्स एक्ट की धारा 25 के तहत मामला दर्ज किया गया था। 2009 में उसको कोर्ट ने तीन साल की सजा सुनाकर अंडरगोन कर दिया था। इसके बाद से वह आम लोगों की तरह अपना जीवन व्यतीत कर रहा था, लेकिन पुलिस ने 15 साल बाद उसे अवैध रूप से उठा लिया है। तोता के बयान दर्ज कर कोर्ट ने उसे जमानत दे दी थी। साथ ही तोता को उसके केस से संबधित रिकॉर्ड शनिवार को पेश करने को कहा था।
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अनिल चौहान के वकील संदीप कटोच ने कोर्ट में दलील दी कि उनके मुवक्किल को पुलिस ने गैरकानूनी तरीके से उठाया है। जिस तरह से पुलिस ने उनके मुवक्किल को गिरफ्तार किया, उससे अनिल चौहान और उनके परिवार की मानहानि हुई है। गिरफ्तारी के समय उसने पुलिस को बताने की कोशिश की वह अपनी सजा पहले ही काट चुका है, लेकिन उसकी बात सुने बिना ही उसको पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।
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