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कर्फ्यू/लॉकडाउन में पंजाब के छह जिलों में तीन मई तक कोई छूट नहीं, बाकी में लागू होंगे ये नियम

Mon, 20 Apr 2020 02:10 PM IST
खुशबू गोयल अमर उजाला, चंडीगढ़
अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: खुशबू गोयल Updated Mon, 20 Apr 2020 02:10 PM IST
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Coronavirus, No Relaxation in Lockdown and Curfew in Hotspots of Punjab
लॉकडाउन और कर्फ्यू - फोटो : फाइल फोटो
केंद्र सरकार ने 20 अप्रैल से लॉकडाउन में सशर्त छूट देने का एलान किया है, लेकिन पंजाब के छह जिलों में यह छूट नहीं दी जाएगी। तीन मई तक इन सभी जिलों में लॉकडाउन और कर्फ्यू जारी रहेगा, जिसका सख्ती से पालन भी कराया जाएगा। क्योंकि इन जिलों को हॉटस्पॉट घोषित किया गया है और कंटेनमेंट जोन (संक्रमित क्षेत्र) में रखा गया है। ऐसे में यहां प्रत्येक सार्वजनिक गतिविधि पर सख्ती से प्रतिबंध जारी रहेगा। मोहाली, नवांशहर, जालंधर, पटियाला, लुधियाना और पठानकोट का नाम इस सूची में है।
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न कर्फ्यू में ढील और न रमजान के लिए विशेष छूट: कैप्टन
मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने राज्य में लागू कर्फ्यू में 3 मई तक किसी भी तरह की ढील देने से साफ इंकार कर दिया है। उन्होंने यह भी साफ कर दिया है कि 3 मई को स्थिति का एक बार फिर जायजा लिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने डिप्टी कमिश्नरों को सभी जिलों में कर्फ्यू का सख्ती से पालना करवाने के आदेश दिए।
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इस सप्ताह शुरू हो रहे रमजान पर्व के दौरान भी किसी किस्म की ढील या छूट देने से उन्होंने इंकार किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि रमज़ान के लिए लोगों को कोई भी विशेष कर्फ्यू पास जारी नहीं किए जाने चाहिएं। मुख्यमंत्री ने सिविल और पुलिस प्रशासन के सीनियर अधिकारियों के साथ मौजूदा स्थिति का जायजा लेने के बाद यह फैसला लिया।
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मुख्यमंत्री कोई ढील देने के पक्ष में नहीं हैं
सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि यह फैसला केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा देश में नॉन कंटेंनमेंट जोन घोषित किए इलाकों में 20 अप्रैल से लॉकडाउन में ढील देने के तहत लिया गया है। हालांकि जमीनी हकीकत पर विचार-विमर्श करने के बारे मुख्यमंत्री का यह दृढ़ विचार है कि उनकी सरकार द्वारा गेहूं की कटाई और खरीद कार्यों के साथ-साथ विभिन्न औद्योगिक /भट्टे व निर्माण गतिविधियां, जहां प्रवासी मजदूरों के रहने की व्यवस्था है, के बारे में पहले से लिए गए फैसलों को छोड़कर कोई ढील नहीं दी जानी चाहिए।

सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि मुख्यमंत्री ने साफ कर दिया कि इस समय सभी कोशिशें जिंदगी बचाने पर केंद्रित की जानी चाहिएं। आने वाले समय के लिए कोई भी फैसला 3 मई के बाद लिया जाएगा, जो उस समय की स्थिति को ध्यान में रखते हुए विशेषज्ञों की कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर होगा। यह कमेटी अपनी रिपोर्ट अगले हफ्ते देगी।

डिप्टी कमिश्नरों को कर्फ्यू का सख्ती के पालन कराने के निर्देश

मुख्यमंत्री ने डिप्टी कमिश्नरों को आदेश दिए कि इस समय के दौरान किराना और अन्य जरूरी वस्तुओं की दुकानों पर भीड़ एकत्रित न हो दें। इसके अलावा सोशल डिस्टेंस के नियमों का सख्ती से पालन करवाने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।

डिप्टी कमिश्नरों ने अलग से जारी किए नोटिफिकेशन
इसी दौरान मुख्यमंत्री के दिशा-निर्देशों पर अमल करते हुए राज्य के सभी डिप्टी कमिश्नरों द्वारा अपने-अपने ज़िलों में कर्फ्यू को सख्ती से लागू करने के लिए अलग नोटीफिकेशन जारी किए जा रहे हैं। इन नोटिफिकेशनों के अनुसार, आदेशों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आपदा प्रबंधन कानून 2005 और आईपीसी 1860 की संबंधित धाराओं के अंतर्गत आपराधिक केस दर्ज किए जाएंगे।

कंटेंनमेंट जोन कितना होगा, यह जिला अधिकारी करेंगे निर्धारित
किसी क्षेत्र को कंटेनमेंट जोन घोषित करने का फैसला, संबंधित क्षेत्र में कोविड-19 के दो या इससे अधिक पॉजिटिव मामलों के सामने आने पर किया जाएगा। इन कंटेनमेंट जोन को जिला अधिकारियों (डीसी, एसएसपी और सीएस) द्वारा निर्धारित किया जाएगा। इसका आधार उस क्षेत्र में कोरोना मामलों की संख्या, उनका भौगोलिक विस्तार और क्षेत्र को सील करने की व्यवहारिकता पर निर्भर करेगा।

एक कंटेनमेंट जोन एक इलाके से एक कॉलोनी, सेक्टर-गांव, एक या इससे अधिक वार्ड या पूरा शहर हो सकता है। प्रवक्ता ने बताया कि केंद्र के दिशा-निर्देश कंटेनमेंट जोन के बाहर ही लागू होंगे ताकि हॉटस्पॉट (रेड जोन) आदि के प्रति कोई उलझन न पैदा हो।

मंडियों के स्वास्थ्य ऑडिट के आदेश

मंडियों में सफाई की स्थिति पर चिंता जाहिर करते हुए मुख्यमंत्री ने इन खरीद केंद्रों के सेहत ऑडिट करने के आदेश दिए, जहां जून माह में खरीद पूरी होने तक 1.85 लाख टन गेहूं आने की संभावना है। इस पर करीब 35,000 करोड़ रुपये का खर्च आएगा, जिसमें राज्य को केंद्र द्वारा सीसीएल भुगतान के लिए मिले 26,000 करोड़ रुपये शामिल हैं। इससे कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई प्रभावशाली ढंग से लड़ने में बड़ी मदद मिलेगी।

समय निर्धारित करके खोले जाएंगे प्रतिष्ठान
जहां दो या दो से अधिक मामले सामने आए हैं, ऐसे इलाके को पंजाब सरकार ने कंटेनमेंट जोन घोषित किया है। पंजाब सरकार ने जिला मजिस्ट्रेटों को स्थानीय जरूरतों और सोशल डिस्टेंस बनाए रखते हुए अपने क्षेत्रों में विभिन्न प्रतिष्ठानों, जिनमें उद्योग और अन्य व्यवसायिक गतिविधियां शामिल हैं, का समय निर्धारित करने के अधिकार दिए हैं। यह भी फैसला लिया गया है कि 3 मई तक राज्य पूर्ण कर्फ्यू का पालन करेगा और इस दौरान आवाजाही के लिए कर्फ्यू पास की जरूरत होगी।

फैक्टरी कामगारों के भी बनेंगे कर्फ्यू पास
राज्य सरकार ने 10 या इससे अधिक कामगारों वाले उद्योगों को काम शुरू करने की अनुमति दे दी है। इसमें यह शर्त है कि इनके संचालकों को श्रमिकों की फैक्टरी में रहने की उचित व्यवस्था या परिवहन के उचित प्रबंध करने होंगे। इसके लिए भी संचालकों को अपने श्रमिकों के कर्फ्यू पास बनवाने होंगे। गृह विभाग के प्रवक्ता ने बताया कि यह निर्देश 20 अप्रैल से जारी किए जाने वाले केंद्र सरकार के संशोधित दिशा-निर्देशों के अधीन जारी किए गए हैं।

रेत-बजरी खनन की अनुमति

पंजाब के गृह विभाग द्वारा सभी उपायुक्तों को जारी निर्देशों के अनुसार स्टोन क्रशर, रेत और बजरी खनन जैसी निर्माण संबंधी गतिविधियों की इजाजत दी गई है। हालांकि केंद्र सरकार के निर्देशों में इसका विशेष रूप से उल्लेख नहीं किया गया है, फिर भी यह निहित है कि स्टोन क्रशर, रेत-बजरी खनन और इसके परिवहन, सीमेंट, स्टील आदि के बिक्री आउटलेट संबंधी गतिविधियों को भी अनुमति दी जा रही है। इसके अलावा, राज्यों को अपने संशोधित निर्देशों में केंद्र सरकार ने नगरपालिका सीमा के भीतर सड़कों, सिंचाई परियोजनाओं, भवन निर्माण, जल आपूर्ति और स्वच्छता, नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं जैसी निर्माण परियोजनाओं में काम जारी रखने की अनुमति दी है।

स्टेट टोल प्लाजा पर 3 मई तक वसूली नहीं : सिंगला
पंजाब के लोक निर्माण मंत्री विजय इंदर सिंगला ने कहा है कि पंजाब सरकार की ओर से सभी स्टेट टोल प्लाजा पर वसूली के निलंबन की समय सीमा में 3 मई तक का विस्तार किया गया है। उन्होंने बताया कि 27 मार्च को वसूली प्रक्रिया को लॉकडाउन के चलते तय समय सीमा तक के लिए रोक दिया गया था, लेकिन अब टोल प्लाजा 3 मई तक बंद रहेंगे, क्योंकि कोरोना वायरस के फैलाव को रोकने के लिए देशव्यापी लॉकडाउन को बढ़ा दिया गया है।

सिंगला ने कहा कि पंजाब में राज्य सरकार के अधीन 23 टोल प्लाजा चल रहे हैं। हालांकि, केंद्र सरकार के आदेशों के बाद एनएचएआई के अधीन आते टोल प्लाजा पर 20 अप्रैल से वसूली शुरू कर दी जाएगी। लोक निर्माण मंत्री ने कहा कि मुफ्त चुंगी मुहैया कराने के साथ-साथ राज्य सरकार के अधीन चल रहे टोल प्लाजा 3 मई तक चालकों को लंगर (मुफ्त भोजन) देते रहेंगे। उन्होंने आगे कहा कि तालाबंदी के कारण सड़क के साथ लगते ढाबे और रेस्टोरेंट बंद हो थे, लेकिन राज्य सरकार इमरजेंसी सप्लाई करने वाले वाहनों के चालकों को पका हुआ भोजन मुहैया करवा रही है।  

सिंगला ने बताया कि लोक निर्माण विभाग ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि कोविड-19 के फैलने के कारण देश के लिए यह एक नाजुक समय है और यह फैसला राज्य में इमरजेंसी वाहनों की निर्विघ्न यातायात को यकीनी बनाएगा। कैबिनेट मंत्री ने बताया कि राज्य सरकार वायरस के फैलाव को रोकने के लिए सभी जरूरी सेवाएं मुहैया करवा रही है। उन्होंने कहा कि पंजाब में लोगों को घर-घर एमरजैंसी सेवाएं दी जा रही हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि वह कोरोन वायरस से सुरक्षित रहने के लिए घर के अंदर ही रहें।
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