कोरोना : चंडीगढ़ में बिगड़ रहे हालात, 341 नए संक्रमित आए सामने, एक की जान गई
- चंडीगढ़ के कुछ सेक्टरों में हालात ज्यादा खराब
- सेक्टर-44 में सर्वाधिक 22 केस आए, पिछले साल 16 सितंबर को आए थे कोरोना के 366 केस
- एकांतवास में रखे गए 352 लोगों को ठीक होने पर मिली अस्पतालों से छुट्टी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
चंडीगढ़ में रविवार को कोरोना के 341 नए संक्रमित मिले, जबकि एक व्यक्ति की मौत हो गई। शहर के कुछ सेक्टरों में हालात ज्यादा खराब हो रहे हैं। सेक्टर-44 में सर्वाधिक 22 केस आए हैं। पिछले साल 16 सितंबर को कोरोना के 366 केस आए थे। वहीं, एकांतवास में रखे गए 352 लोगों के ठीक होने पर उन्हें अस्पतालों से छुट्टी दे दी गई।
कोरोना से सेक्टर-19 निवासी 52 वर्षीय महिला की मौत हो गई। सर्वाधिक संक्रमितों में सेक्टर-44 में 22, मनीमाजरा में 14, सेक्टर-19 में 13, सेक्टर-27 में 13, सेक्टर-21 में 12, सेक्टर-38 में 12, सेक्टर-45 में 12, सेक्टर-41 में 10 केस आए हैं। इनके अलावा सेक्टर-4 में 6, सेक्टर-15 में 8, सेक्टर-22 में 9, सेक्टर-32 में 7 संक्रमित पाए गए हैं।
बहलाना, दड़वा, धनास, हल्लोमाजरा, मलोया, किशनगढ़, पलसौरा, रामदरबार में भी लोग कोरोना की चपेट में आए हैं। पिछले 24 घंटे में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने 2738 नमूने लिए। बता दें कि कोरोना से अब तक 383 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 28194 लोग संक्रमित हो चुके हैं।
आज यहां रहेंगी मोबाइल टीमें, करा लें कोरोना जांच
कोरोना जांच के लिए मोबाइल टीमें सोमवार को चंडीगढ़ बस स्टैंड सेक्टर-17, गवर्नमेंट होम साइंस कॉलेज सेक्टर-11, जीएमएसएच सेक्टर-22 सी, इंदिरा कॉलोनी, रेलवे स्टेशन, जीएमएसएसएस सेक्टर-15, जीएमएचएस सेक्टर-11, एचडब्ल्यूसी सेक्टर-8 में नमूने लेंगी।
पंचकूला-मोहाली के हाल
वहीं मोहाली में रविवार को कोरोना से चार लोगों की मौत हो गई, जबकि 329 लोग नए संक्रमित पाए गए हैं। इसके साथ ही अब जिले में कोरोना से मरने वालों की संख्या 446 हो गई है। लगातार हो रही कोरोना संक्रमितों की मौत जिला प्रशासन के लिए सिरदर्दी बनी हुई।
इस स्थिति से निपटने के लिए जिला प्रशासन पहले ही निजी अस्पतालों को आदेश दे चुका है कि उनके यहां कोई भी कोरोना मरीज गंभीर हालत में है तो इस बारे में तुरंत उन्हें सूचित करें। साथ ही जरूरत पड़ने पर वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से सेहत विभाग के विशेषज्ञों से इस बारे में संपर्क करें, जिससे लोगों की हो रही मौतों के आंकड़े को कम किया जा सके।