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प्रशासन ने लीज टू फ्री होल्ड के लिए तय किए कन्वर्जन रेट, जेब पर 40 गुना बोझ
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Thu, 14 Sep 2017 09:18 AM IST
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नगर निगम, चंडीगढ़
- फोटो : demo pics
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कलेक्टर रेट तय होने के साथ ही बुधवार को यूटी प्रशासन ने लीज टू फ्री होल्ड के कन्वर्जन रेट भी तय कर दिए हैं। प्रशासन ने कलेक्टर रेट को आधार बनाते हुए कन्वर्जन रेट तय किए हैं। प्रशासन के अधिकारियों की मानें तो अब फ्री होल्ड कराने के लिए लोगों पहले लग रही राशि से तीस से चालीस गुना अधिक देना पड़ सकता है।
प्रशासन के इस फैसले लोगों की जेब पर खासा असर पड़ेगा। वहीं, प्रापर्टी कंसल्टेंट्स का कहना है कि पंचकूला और मोहाली के मुकाबले चंडीगढ़ में अब भी कलेक्टर रेट 30 से 40 प्रतिशत तक अधिक है। कन्वर्जन रेट को लेकर तैयार किए ड्राफ्ट पर अब केवल प्रशासक की मंजूरी बाकी है।
गौरतलब है कि प्रशासन ने बीते मंगलवार को रेजिडेंशियल प्रापर्टी में 5 और कामर्शियल प्रापर्टी के कलेक्टर रेट में 10 प्रतिशत की छूट दे दी है। नए कलेक्टर रेट के मुताबिक इस बार एग्रीकल्चर और ग्रामीण एरिया में प्रापर्टी के कलेक्टर रेट में कोई बदलाव नहीं किए गए हैं। बूथों के कलेक्टर रेट में 5 प्रतिशत तक की छूट दी गई है। शहर के प्रापर्टी कंसल्टेंट्स का कहना है कि 5 से 10 प्रतिशत तक कलेक्टर रेट कम करने से प्रापर्टी बाजार पर इसका कोई खास असर नहीं पड़ेगा।
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प्रशासन के इस फैसले लोगों की जेब पर खासा असर पड़ेगा। वहीं, प्रापर्टी कंसल्टेंट्स का कहना है कि पंचकूला और मोहाली के मुकाबले चंडीगढ़ में अब भी कलेक्टर रेट 30 से 40 प्रतिशत तक अधिक है। कन्वर्जन रेट को लेकर तैयार किए ड्राफ्ट पर अब केवल प्रशासक की मंजूरी बाकी है।
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गौरतलब है कि प्रशासन ने बीते मंगलवार को रेजिडेंशियल प्रापर्टी में 5 और कामर्शियल प्रापर्टी के कलेक्टर रेट में 10 प्रतिशत की छूट दे दी है। नए कलेक्टर रेट के मुताबिक इस बार एग्रीकल्चर और ग्रामीण एरिया में प्रापर्टी के कलेक्टर रेट में कोई बदलाव नहीं किए गए हैं। बूथों के कलेक्टर रेट में 5 प्रतिशत तक की छूट दी गई है। शहर के प्रापर्टी कंसल्टेंट्स का कहना है कि 5 से 10 प्रतिशत तक कलेक्टर रेट कम करने से प्रापर्टी बाजार पर इसका कोई खास असर नहीं पड़ेगा।
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प्रशासन द्वारा जारी किए गए नए कलेक्टर रेट
Kirron Kher
- फोटो : File Photo
प्रशासन द्वारा जारी किए गए नए कलेक्टर रेट
रेजिडेंशियल प्रापर्टी (अर्बन) में 5 प्रतिशत रेट में कटौती
सेक्टर पुराने कलेक्टर रेट प्रति स्क्वायर गज नए कलेक्टर रेट प्रति स्क्वायर गज
1 से 12 82,368 रुपये 78,250 रुपये
14 से 37 78,250 रुपये 74,338 रुपये
सेक्टर-38 से उपर 74131 रुपये 70,425 रुपये
हाउसिंग बोर्ड व अन्य फ्लैट 82,368 रुपये (इंडिंपेंडेंट) 78,250 रुपये
कोऑपरेटिव सोसाइटी 30,888 रुपये (ग्राउंड फ्लोर) 29,344 रुपये
24,024 रुपये (फर्स्ट फ्लोर) 22,823 रुपये
17,160 रुपये (सैकेंड फ्लोर) 16,300 रुपये
10,296 रुपये (थर्ड फ्लोर) 9,780 रुपये
रेजिडेंशियल प्रापर्टी (अर्बन) में 5 प्रतिशत रेट में कटौती
सेक्टर पुराने कलेक्टर रेट प्रति स्क्वायर गज नए कलेक्टर रेट प्रति स्क्वायर गज
1 से 12 82,368 रुपये 78,250 रुपये
14 से 37 78,250 रुपये 74,338 रुपये
सेक्टर-38 से उपर 74131 रुपये 70,425 रुपये
हाउसिंग बोर्ड व अन्य फ्लैट 82,368 रुपये (इंडिंपेंडेंट) 78,250 रुपये
कोऑपरेटिव सोसाइटी 30,888 रुपये (ग्राउंड फ्लोर) 29,344 रुपये
24,024 रुपये (फर्स्ट फ्लोर) 22,823 रुपये
17,160 रुपये (सैकेंड फ्लोर) 16,300 रुपये
10,296 रुपये (थर्ड फ्लोर) 9,780 रुपये
इस तरह करें कन्वर्जन रेट की गणना
chandigarh housing board
इस तरह करें कन्वर्जन रेट की गणना
एरिया रेट
50 वर्ग गज तक कोई चार्ज नहीं
50 से 150 वर्ग गज तक 0.075× कलेक्टर रेट × एरिया
150 से 250 वर्ग गज तक 7.5× कलेक्टर रेट जमा 0.1 × कलेक्टर रेट ×एरिया
250 से 350 वर्ग गज तक 17.5× कलेक्टर रेट जमा 0.15 × कलेक्टर रेट ×एरिया
350 से 500 वर्ग गज तक 32.5× कलेक्टर रेट जमा 0.2 × कलेक्टर रेट ×एरिया
एरिया रेट
50 वर्ग गज तक कोई चार्ज नहीं
50 से 150 वर्ग गज तक 0.075× कलेक्टर रेट × एरिया
150 से 250 वर्ग गज तक 7.5× कलेक्टर रेट जमा 0.1 × कलेक्टर रेट ×एरिया
250 से 350 वर्ग गज तक 17.5× कलेक्टर रेट जमा 0.15 × कलेक्टर रेट ×एरिया
350 से 500 वर्ग गज तक 32.5× कलेक्टर रेट जमा 0.2 × कलेक्टर रेट ×एरिया
यूटी ने जनवरी 2017 में एमएचए को जो भेजा था प्रस्ताव
Pawan Kumar Bansal
- फोटो : File Photo
1996 से 2013 तक कन्वर्जन चार्ज 1710 रुपये प्रति स्क्वायर यार्ड थे। प्रशासन के नए कलेक्टर रेट के मुताबिक कन्वर्जन चार्ज में 30 से 40 गुना का इजाफा है। ऐसे में लाखों और करोड़ों रुपये देकर लोगों को प्रापर्टी का मालिकाना हक हासिल करना होगा। यह शहर के लोगों के साथ नाइंसाफी हैं, प्रशासन को ज्यादा से ज्यादा 2 हजार रुपये प्रति स्क्वायर गज कन्वर्जन चार्ज रखना चाहिए।
- पवन कुमार बंसल, पूर्व सांसद
शहर में हाउसिंग बोर्ड, हाउसिंग सोसाइटियों के फ्लैट्स सहित 50 हजार से अधिक लीज होल्ड रेजिडेंशियल प्रॉपर्टीज है। प्रशासन ने एमएचए को पत्र भेजकर स्पष्ट किया था कि लंबे समय से नया रेट फिक्स नहीं हो सका है। चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड और इस्टेट आफिस वर्ष 2013 तक रेजिडेंशियल प्रापर्टी को फ्री होल्ड कर रहे थे। हाउसिंग बोर्ड के 95 परसेंट फ्लैट्स शहर में लीज होल्ड है।
लीज होल्ड प्रापर्टी को फ्री होल्ड करने के लिए 1710 रुपए प्रति वर्ग गज के हिसाब से कन्वर्जन फीस ली जा रही थी। लीज मनी 99 साल के लिए देनी होती है। पहले 33 सालों के लिए 2.5 प्रतिशत, आगामी 33 सालों के लिए 3.75 प्रतिशत तथा उसके बाद के 33 सालों के लिए 5 प्रतिशत लीज मनी देनी पड़ती है। शहर में 10 करोड़ में खरीदी गई कमर्शियल प्रापर्टी पर 2.5 प्रतिशत के हिसाब से हर साल 25 लाख रुपए लीज मनी देनी पड़ती है। ऐसे में दो लाख रुपए महीना खरीददार का खर्च बढ़ जाता है।
यूटी ने जनवरी 2017 में एमएचए को जो भेजा था प्रस्ताव
वर्ग गज कलेक्टर रेट पर प्रतिशत
51 से 100 7.5
151 से 250 10
251 से 350 15
351 से 500 20
- पवन कुमार बंसल, पूर्व सांसद
शहर में हाउसिंग बोर्ड, हाउसिंग सोसाइटियों के फ्लैट्स सहित 50 हजार से अधिक लीज होल्ड रेजिडेंशियल प्रॉपर्टीज है। प्रशासन ने एमएचए को पत्र भेजकर स्पष्ट किया था कि लंबे समय से नया रेट फिक्स नहीं हो सका है। चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड और इस्टेट आफिस वर्ष 2013 तक रेजिडेंशियल प्रापर्टी को फ्री होल्ड कर रहे थे। हाउसिंग बोर्ड के 95 परसेंट फ्लैट्स शहर में लीज होल्ड है।
लीज होल्ड प्रापर्टी को फ्री होल्ड करने के लिए 1710 रुपए प्रति वर्ग गज के हिसाब से कन्वर्जन फीस ली जा रही थी। लीज मनी 99 साल के लिए देनी होती है। पहले 33 सालों के लिए 2.5 प्रतिशत, आगामी 33 सालों के लिए 3.75 प्रतिशत तथा उसके बाद के 33 सालों के लिए 5 प्रतिशत लीज मनी देनी पड़ती है। शहर में 10 करोड़ में खरीदी गई कमर्शियल प्रापर्टी पर 2.5 प्रतिशत के हिसाब से हर साल 25 लाख रुपए लीज मनी देनी पड़ती है। ऐसे में दो लाख रुपए महीना खरीददार का खर्च बढ़ जाता है।
यूटी ने जनवरी 2017 में एमएचए को जो भेजा था प्रस्ताव
वर्ग गज कलेक्टर रेट पर प्रतिशत
51 से 100 7.5
151 से 250 10
251 से 350 15
351 से 500 20