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साक्षी मलिक के कोच पर विवाद गहराया, 4 लोगों ने दावा ठोका
अंकित चौहान/अमर उजाला, रोहतक(हरियाणा)
Updated Wed, 28 Sep 2016 08:55 AM IST
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ओलंपिक मेडल विजेता पहलवान साक्षी मलिक
- फोटो : फाइल फोटो
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ओलंपिक मेडलिस्ट पहलवान साक्षी मलिक के कोच को लेकर विवाद गहरा गया है। चार लोगों ने ईनाम के लिए दावेदारी ठोकी है। वहीं, विवाद ऐसा छिड़ा कि कोच पर होने वाली सरकार की धनवर्षा को शुरू होने से पहले ही रोक दिया गया। साक्षी का कोच होने का चार लोगों ने दावा ठोंका है और सरकार असमंजस में फंस गई है कि आखिर किसको कोच माना जाए।
अब कहा जा रहा है कि साक्षी मलिक जिस पर अपनी सहमति देंगी उसको ही कोच माना जाएगा और उसने ही इनामी राशि दी जाएगी। रियो ओलंपिक में कांस्य पदक जीतने वाली साक्षी मलिक ने कुश्ती की शुरुआत साल 2004 में सर छोटूराम स्टेडियम से कीथी। उस समय वहां के कोच ईश्वर दहिया थे। उन्होंने साक्षी को कुश्ती के शुरुआती दांव पेंच सिखाए।
दहिया छह साल तक साक्षी के कोच रहे। उनके बाद वर्ष 2011 में सर छोटूराम स्टेडियम में सरकार ने कुश्ती की एकेडमी शुरू की तो झज्जर के जिला खेल अधिकारी और कई महीने तक रोहतक के कार्यवाहक खेल अधिकारी रहे राजबीर सिंह बतौर कुश्ती कोच तैनात रहे।
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अब कहा जा रहा है कि साक्षी मलिक जिस पर अपनी सहमति देंगी उसको ही कोच माना जाएगा और उसने ही इनामी राशि दी जाएगी। रियो ओलंपिक में कांस्य पदक जीतने वाली साक्षी मलिक ने कुश्ती की शुरुआत साल 2004 में सर छोटूराम स्टेडियम से कीथी। उस समय वहां के कोच ईश्वर दहिया थे। उन्होंने साक्षी को कुश्ती के शुरुआती दांव पेंच सिखाए।
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दहिया छह साल तक साक्षी के कोच रहे। उनके बाद वर्ष 2011 में सर छोटूराम स्टेडियम में सरकार ने कुश्ती की एकेडमी शुरू की तो झज्जर के जिला खेल अधिकारी और कई महीने तक रोहतक के कार्यवाहक खेल अधिकारी रहे राजबीर सिंह बतौर कुश्ती कोच तैनात रहे।
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4 लोगों ने दावा किया, हरियाणा सरकार पशोपेश में
ओलंपिक मेडल विजेता पहलवान साक्षी मलिक
- फोटो : फाइल फोटो
साल 2011-2015 की शुरुआत तक राजबीर सिंह ने साक्षी को पहलवानी का प्रशिक्षण दिया। इस बीच साक्षी ने कामनवेल्थ में मेडल जीता। साल 2015 से अब तक मनदीप साक्षी के कोच हैं। जबकि कुलदीप मलिक रेलवे के कुश्ती कोच हैं और साक्षी के साथ ओलंपिक में वे ही गए थे।
इस तरह साक्षी का कोच होने का चार ने दावा ठोंका हुआ है, जिसने हरियाणा सरकार को पशोपेश में डाल दिया है कि आखिर वह किसको साक्षी का कोच माने। सरकार ने साक्षी के कोच को दस लाख का नकद पुरस्कार और पदोन्नति देने की घोषणा की है।
हालांकि साक्षी के कोच को लेकर छिड़े विवाद के कारण इनामी राशि रोक ली गई है। इस मामले में फिलहाल कोई भी विभागीय अधिकारी कुछ बोलने को तैयार नहीं है। लेकिन कहा जा रहा है कि साक्षी मलिक जिस कोच के नाम का शपथ पत्र सरकार को देगी, उसे ही कोच माना जाएगा।
इस तरह साक्षी का कोच होने का चार ने दावा ठोंका हुआ है, जिसने हरियाणा सरकार को पशोपेश में डाल दिया है कि आखिर वह किसको साक्षी का कोच माने। सरकार ने साक्षी के कोच को दस लाख का नकद पुरस्कार और पदोन्नति देने की घोषणा की है।
हालांकि साक्षी के कोच को लेकर छिड़े विवाद के कारण इनामी राशि रोक ली गई है। इस मामले में फिलहाल कोई भी विभागीय अधिकारी कुछ बोलने को तैयार नहीं है। लेकिन कहा जा रहा है कि साक्षी मलिक जिस कोच के नाम का शपथ पत्र सरकार को देगी, उसे ही कोच माना जाएगा।