सांसद खेर बनी दिलेर, यूटी अफसरों की 'उपर' शिकायत
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सलाहकार समिति की बैठक की तारीख को लेकर चंडीगढ़ की सांसद किरण खेर और अफसरों में ठना विवाद और तूल पकड़ गया है। किरण खेर ने केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह को पत्र लिखकर शिकायत दी है कि प्रशासन ने उनसे पूछे बिना ही सलाहकार समिति की बैठक रख दी।
चंडीगढ़ की सांसद होने के नाते उनसे पूछ कर बैठक की तिथि को तय करना चाहिए था। तय कार्यक्रम के अनुसार यह बैठक 19 जून को होनी है। सलाहकार समिति की बैठक में चंडीगढ़ के मास्टर प्लान के ड्राफ्ट पर चर्चा होनी है। इसलिए इस बैठक में सांसद का रहना जरूरी है।
नई सलाहकार समिति का गठन 11 नवंबर, 2013 को हुआ था और इसके बाद से अभी तक बैठक नहीं हो पाई है। खबरों के अनुसार किरण खेर इस समय शूटिंग में व्यस्त हैं और 19 जून की बैठक में शामिल होने पर अपनी असमर्थता जता चुकी हैं। प्रशासन पहले यह बैठक 16 जून को करने वाला था।
प्रशासन से जवाब-तलब कर सकता है गृहमंत्रालय
किरण खेर के अनुसार जब उन्हें पता चला कि 16 जून को सलाहकार समिति की बैठक होनी है तो उन्होंने इस पर आपत्ति जताई थी कि वह 16 को शहर में नहीं होंगी।
वह 25 जून को ही आ सकती हैं। यह सूचना देने के बावजूद प्रशासन ने बैठक की नई तिथि 19 जून रख दी। सूत्रों के अनुसार गृहमंत्रालय ने सांसद की शिकायत को गंभीरता से लिया है और प्रशासन से जवाब-तलब हो सकता है।
भाजपा नेता भी इस मुद्दे पर मुखर हैं। पूर्व सांसद सत्यपाल जैन और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष संजय टंडन ने बैठक कर प्रशासन के रवैये पर आपत्ति जताई
प्रशासन को बैठक की जल्दी क्यों?
सूत्रों के अनुसार यह माना जा रहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विदेश दौरे से आने के बाद नए राज्यपालों की नियुक्ति हो सकती है। शिवराज पाटिल प्रशासक के पद से हटने से पहले मास्टर प्लान के ड्राफ्ट को मंजूर करना चाहते हैं।
वह चाहते हैं कि सलाहकार समिति की बैठक जल्द से जल्द हो जाए। इसलिए 16 जून को रखी बैठक के स्थगित होने के बाद अगली बैठक 19 जून को रख दी गई।