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Chandigarh: पैसे लेकर भी नहीं दिया था फ्लैट का कब्जा, उपभोक्ता आयोग ने बिल्डर पर लगाया एक लाख का जुर्माना

Tue, 20 Jun 2023 02:05 AM IST
चंडीगढ़ ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: चंडीगढ़ ब्यूरो Updated Tue, 20 Jun 2023 02:05 AM IST
सार

हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले के फगली की रहने वाली 66 साल की सुमन ने आयोग में दी शिकायत में बताया कि इमर्जिंग वैली प्राइवेट लिमिटेड कंपनी ने लांडरां-बनूड़ हाईवे पर प्रीमियम ट्रिनिटी होम्स नाम से एक प्रोजेक्ट शुरू किया।

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Consumer Commission imposed a fine of one lakh on the builder for not giving possession of the flat
कंज्यूमर फोरम - फोटो : फाइल फोटो

विस्तार

समय पर फ्लैट का कब्जा न देने पर उपभोक्ता आयोग ने इमर्जिंग वैली प्राइवेट लिमिटेड पर एक लाख रुपये का हर्जाना लगाया है। साथ ही याचिकाकर्ता को केस खर्च के 10 हजार रुपये और कंपनी को दी गई रकम 9 प्रतिशत प्रतिवर्ष की ब्याज दर से भुगतान करने के आदेश है। 
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दायर याचिका के तहत शिकायतकर्ता ने कंपनी के लांडरां-बनूर हाईवे पर स्थित प्रीमियम ट्रिनिटी होम्स नाम के प्रोजेक्ट में दो आवासीय फ्लैट बुक कराए थे। बुकिंग अमाउंट देने पर पता चला कि कंपनी की ओर से संबंधित विभागों से बिना अनुमति निर्माण कार्य चलाया जा रहा था। याचिकाकर्ता के विरोध करने पर कंपनी ने उन्हें मोहाली के सेक्टर-115 में अपने नए प्रोजेक्ट इमर्जिंग हाइट्स-3 में फ्लैट देने की पेशकश की। कोई विकल्प न होने के चलते शिकायतकर्ता सुमन तैयार हो गईं और कंपनी को अलग अलग तारीखों में कुल 43 लाख रुपये दे दिए, लेकिन इसके बाद भी उन्हें न तो फ्लैट मिले और न ही रकम।
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हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले के फगली की रहने वाली 66 साल की सुमन ने आयोग में दी शिकायत में बताया कि इमर्जिंग वैली प्राइवेट लिमिटेड कंपनी ने लांडरां-बनूड़ हाईवे पर प्रीमियम ट्रिनिटी होम्स नाम से एक प्रोजेक्ट शुरू किया। कंपनी ने प्रोजेक्ट में कामर्शियल, रेजिडेंशियल, अपार्टमेंट व विला आदि की पेशकश की थी। शिकायतकर्ता ने चार जून 2013 को 720 वर्ग फुट के दो फ्लैट के लिए आवेदन किया था। प्रति फ्लैट की कीमत 17,25,000 रुपये थी। 


बाद में शिकायतकर्ता को पता चला कि कंपनी के पास उक्त प्रोजेक्ट के लिए आवश्यक अनुमतियां और अनुमोदन नहीं थे और उसने शिकायतकर्ता को मोहाली के सेक्टर-115 में अपने नए प्रोजेक्ट इमर्जिंग हाइट्स-3 में तीन फ्लैट देने की पेशकश की। शिकायतकर्ता के पास और कोई विकल्प नहीं था। इसलिए उन्होंने कंपनी को अलग अलग तारीखों में कुल 43 लाख रुपये दे दिए। इसके अलावा 60 हजार रुपये का स्टांप शुल्क और 33,500 रुपये का अतिरिक्त भुगतान भी किया था। इस तरह कंपनी को कुल 44,01,600 रुपये का भुगतान किया गया। 

कंपनी ने अक्तूबर 2017 तक फ्लैट का कब्जा देने की बात कही। कंपनी ने यह भी आश्वासन दिया था कि निर्धारित अवधि के भीतर कब्जा देने में विफल रहती है तो यह शिकायतकर्ता को किराए के तौर पर हर माह 10 हजार रुपये का भुगतान करेगी। हालांकि आज तक कंपनी की तरफ से शिकायतकर्ता को संबंधित फ्लैट का कब्जा नहीं दिया गया।
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