Punjab Election 2022: राहुल गांधी संभालेंगे कांग्रेस के प्रचार की कमान, तीन जनवरी से करेंगे प्रदेश का दौरा
अगले साल मार्च में पंजाब में विधानसभा चुनाव होने की संभावना है। पंजाब कांग्रेस अभी तक अंदरूनी कलह से जूझ रही है। ऐसे में राहुल गांधी का दौरा पार्टी को एकजुट कर सकता है।
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अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी आगामी तीन जनवरी को पंजाब विधानसभा चुनाव-2022 के लिए पार्टी के चुनाव अभियान की शुरुआत करने पंजाब आएंगे। जानकारी के अनुसार राहुल गांधी तीन जनवरी को मोगा में एक रैली को संबोधित कर प्रदेश में कांग्रेस की चुनाव मुहिम का आगाज करेंगे। हालांकि प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय ने राहुल गांधी के पंजाब दौरे का कार्यक्रम सार्वजनिक करने से फिलहाल इनकार कर दिया है।
पार्टी की तरफ से यही संकेत दिए गए हैं कि मोगा रैली के अलावा राहुल गांधी दो अन्य कार्यक्रमों में भी हिस्सा लेंगे, जो प्रदेश कांग्रेस द्वारा उनके आगमन को देखते हुए तय किए जा रहे हैं। यह भी बताया गया है कि मोगा रैली के लिए पूरे प्रदेश से लोगों के पहुंचने की व्यवस्था की जाएगी और इस काम का जिम्मा संबंधित हलकों के कांग्रेस विधायक और नेता संभालेंगे।
उल्लेखनीय है कि मोगा प्रदेश के मालवा इलाके का प्रमुख जिला है। मालवा में ही सबसे ज्यादा विधानसभा सीटें हैं, जो किसी भी पार्टी के लिए सत्ता का रास्ता खोलती रहीं हैं। कांग्रेस की ओर से भी अपना चुनाव अभियान शुरू करने के लिए इस बार मालवा के जिले को चुना गया है। इस सीट पर चुनाव नतीजों पर नजर डालें तो जिले की 15 विधानसभा सीटों में से 10 पर कांग्रेस का कब्जा रहा है। खास बात यह भी है कि इस जिले में हिंदू वोटरों की संख्या सबसे अधिक है और अब तक यहां से जीतने वाले ज्यादातर प्रत्याशी भी हिंदू ही रहे हैं। 2017 के चुनाव में इस सीट से कांग्रेस के डॉ. हरजोत कमल जीते थे। उनसे पहले 2007 और 2012 में जोगिंदरपाल जैन इस सीट से विजयी रहे थे।
Congress leader Rahul Gandhi is set to launch poll campaign in Punjab from 3rd January, for the upcoming state Assembly polls: Sources
(File pic) pic.twitter.com/yM66TJMPEh — ANI (@ANI) December 26, 2021
बिना सीएम चेहरे चुनाव में उतरेगी कांग्रेस
पंजाब विधानसभा चुनाव में सत्ताधारी कांग्रेस पार्टी बिना सीएम चेहरे के चुनाव उतरने का मन बना रही है। पंजाब कांग्रेस के नेताओं ने पार्टी के अंदरूनी हालात और पंजाब के वर्तमान हालात से पार्टी नेतृत्व को अवगत करवा दिया है। इसके पीछे यह कारण भी माना जा रहा है कि हाईकमान इस पद के प्रबल दावेदारों में शामिल प्रदेश कांग्रेस प्रधान नवजोत सिंह सिद्धू को नाराज नहीं करना चाह रहा। सिद्धू के अलावा इस पद के दावेदारों में सुखजिंदर सिंह रंधावा और प्रताप सिंह बाजवा के नाम चर्चा में हैं।
सिद्धू कई बार जाहिर कर चुके हैं सीएम नहीं बन पाने की मायूसी
पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के कांग्रेस को अलविदा कहने के तुरंत बाद कांग्रेस हाईकमान ने घोषणा की थी कि 2022 के चुनाव में चरणजीत चन्नी ही पार्टी का मुख्यमंत्री चेहरा होंगे और पार्टी उनके नेतृत्व में ही चुनाव में उतरेगी। लेकिन नवजोत सिद्धू के तेवरों को देखते हुए हाईकमान को अपने फैसले से पीछे हटना पड़ा है। सिद्धू द्वारा प्रदेश प्रधान होने के बावजूद अपनी ही पार्टी की सरकार के कामकाज की सार्वजनिक तौर पर आलोचना की जाती रही है। इसका बचाव सिद्धू के बेबाक-बोल बताकर किया जाता रहा है लेकिन कई मौकों पर सिद्धू की मुख्यमंत्री नहीं बन पाने की मायूसी उभर कर सामने आती रही है। चन्नी सरकार में भी सिद्धू का इतना दखल है कि सभी अहम फैसले सिद्धू की पसंद के हिसाब से ही हो रहे हैं।