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कड़े मुकाबले में फंसे मास्टर स्ट्रेटेजिस्ट, दाखा सीट पर लगीं कांग्रेस की निगाहें 

Mon, 30 Sep 2019 02:48 AM IST
Trainee Trainee अखिल तलवार, अमर उजाला, चंडीगढ़
अखिल तलवार, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: Trainee Trainee Updated Mon, 30 Sep 2019 02:48 AM IST
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congress eyes on dakha seat of Punjab in by elections
कांग्रेस (फाइल फोटो) - फोटो : Social Media
कांग्रेस के लिए चारों उप चुनाव प्रतिष्ठा का सवाल बने हुए हैं। लेकिन सबसे दिलचस्प चुनावी जंग दाखा में होने की उम्मीद है। कुछ खास वजहों से सारी कांग्रेस की नजरें इसी सीट पर लगी हैं।
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दाखा से सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह के सचिव कैप्टन संदीप संधू मैदान में हैं, जिनका मुकाबला शिअद के पूर्व विधायक मनप्रीत अयाली से है। संदीप को कांग्रेस का मास्टर स्ट्रेटेजिस्ट माना जाता है। गुरदासपुर लोकसभा और शाहकोट विधानसभा उप चुनाव उनकी अगुवाई में ही बड़े अंतर से जीते गए थे। लेकिन इस बार मास्टर स्ट्रेटेजिस्ट खुद कड़े मुकाबले में फंस गए हैं।
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पिछली बार एक बाहरी उम्मीदवार आप के एचएस फूलका यहां से जीते थे, जिन्होंने सियासत ही छोड़ दी। इस बार संदीप के लिए सबसे बड़ी चुनौती बाहरी का टैग है। क्योंकि उनके प्रतिद्वंद्वी अयाली स्थानीय हैं और हलके में लगातार एक्टिव रहे हैं।
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यह सिख बाहुल्य सीट है, इसे देखते हुए संदीप केसरिया पटका पहन कर ही प्रचार कर रहे हैं, जिस पर खंडा अंकित है। कांग्रेस की गुटबाजी संदीप के लिए दूसरी अहम समस्या है। स्थानीय नेताओं में मलकीत दाखा और मेजर सिंह भैणी तो उनके साथ चल रहे हैं।

लेकिन सीएम के ओएसडी और टिकट के दावेदार दमनजीत मोही और गालिब नहीं चले हैं। इस हलके में एक और बेहद महत्वपूर्ण डेवलपमेंट हुआ है, जो कांग्रेसी हलकों में चर्चा का विषय है। संदीप के चुनाव प्रचार की कमान सांसद रवनीत बिट्टू और कैबिनेट मंत्री भारत भूषण आशू ने संभाल रखी है।

ये दोनों ही सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह के विरोधियों में गिने जाते हैं। जबकि, संदीप को सीएम का करीबी माना जाता है। कांग्रेस मान कर चल रही है कि लोक इंसाफ पार्टी यहां शिअद को नुकसान पहुंचाया, जिसका फायदा उसे होगा। फगवाड़ा में जोगिंदर मान के मानने से कांग्रेस की कैंपेन तेज हुई है।

लेकिन भाजपा द्वारा रविदास बिरादरी के गढ़ में इसी बिरादरी के राजेश बाघा को टिकट देने से मुकाबला दिलचस्प हो गया है। गौरतलब है कि कांग्रेस उम्मीदवार बलविंदर धालीवाल मजहबी सिख बिरादरी से हैं। जलालाबाद में बागी गोल्डी ने आजाद नामांकन भर दिया है, उनका दावा है कि पार्टी टिकट बदलेगी, इससे वर्कर कनफ्यूज हैं।

प्रदेश प्रधान सुनील जाखड़ ने खुद कमान संभाल ली है। उधर, सुखबीर बादल की प्रतिष्ठा भी दांव पर है। मुकेरियां में कांग्रेस उम्मीदवार इंदु बाला इमोशनल कार्ड खेल रही हैं। वह सभाओं में रो कर लोगों को भावुक करने की कोशिश कर रही हैं।

भाजपा ने जताया महाजन, बाघा पर भरोसा

भाजपा ने रविवार को अपने कोटे की दोनों सीटों पर उम्मीदवारों का एलान कर दिया। पार्टी ने फगवाड़ा से पंजाब एससी आयोग के पूर्व चेयरमैन राजेश बाघा को टिकट दिया है। यहां से केंद्रीय राज्यमंत्री सोम प्रकाश अपनी पत्नी और पूर्व मंत्री विजय सांपला अपने बेटे के लिए टिकट मांग रहे थे। 


उधर, मुकेरियां से जंगी लाल महाजन को उम्मीदवार बनाया गया है। 2017 में वह बागी होकर लड़े थे, करीब 17 हजार वोट ले गए थे। बाद में फिर पार्टी में वापस आए। यहां से पूर्व विधायक अरुणेश शाकर और संग्राम सिंह दावेदार थे।
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