कांग्रेस ने की बड़ी मांग, राष्ट्रपति शासन में जल्द कराए जाएं विधानसभा चुनाव
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कांग्रेस ने मांग की है कि राष्ट्रपति शासन में विधानसभा चुनाव जल्द कराए जाएं। साथ ही निष्पक्ष चुनाव के लिए जल्द से जल्द चुनाव आचार संहिता लागू की जाए। प्रदेश कांग्रेस प्रधान कैप्टन अमरिंदर सिंह की अगुवाई में एक दल ने मुख्य चुनाव आयुक्त डॉ. नसीम जैदी को इस संबंध में ज्ञापन सौंपा।
कांग्रेस ने पंजाब में गिरती कानून-व्यवस्था पर चिंता जताते हुए कहा कि शिअद-भाजपा के राज में निष्पक्ष चुनाव संभव नहीं हैं। मीटिंग के बाद कैप्टन ने कहा कि डॉ. जैदी ने आश्वासन दिया है कि पंजाब में निष्पक्ष चुनाव यकीनी बनाने को हरसंभव कदम उठाया जाएगा।
उन्होंने पार्टी की दूसरे राज्यों से ईवीएम मंगवाने की मांग भी मान ली है। मीटिंग के दौरान उप प्रधान सुनील जाखड़ ने राज्य में जल्द आचार संहिता लागू करने की मांग की, जिस पर डॉ. जैदी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के चलते ऐसा संभव नहीं है, क्योंकि इससे विकास कार्य रुक जाते हैं।
जाखड़ ने कहा कि यहां गंभीर परिस्थितियां हैं, जिनके लिए गंभीर कदम उठाने की जरूरत है। ताकि सीएम प्रकाश सिंह बादल और डिप्टी सीएम सुखबीर बादल को चुनाव में मनी व मसल पॉवर का इस्तेमाल करने से रोका जा सके।
उन्होंने सीईसी से कहा कि वह सुप्रीम कोर्ट को मौजूदा हालातों के बारे में बताएं। कैप्टन ने मांग की कि आयोग जल्द दखल दे ताकि राज्य में सियासी, प्रशासनिक और कानून-व्यवस्था की स्थिति और न बिगड़ सके।
जानिए क्या हैं ज्ञापन में उठाए कई मुद्दे
कांग्रेस ने यह भी मांग की चुनाव एक चरण में कराए जाएं ताकि सत्ताधारियों को मशीनरी के दुरुपयोग का मौका न मिल सके। कैप्टन ने कहा कि अगर अकालियों को चुनाव तक राज्य के प्रशासन पर नियंत्रण की इजाजत दी गई तो वे कानून-व्यवस्था की स्थिति बदतर कर देंगे।
साथ ही अपने काले धन को सफेद करने के लिए एसजीपीसी का दुरुपयोग भी करेंगे। इस मौके पर पंजाब इंचार्ज आशा कुमारी, राष्ट्रीय सचिव हरीश चौधरी, सांसद अंबिका सोनी, चौधरी संतोख व रवनीत बिट्टू, सीएलपी लीडर चरनजीत चन्नी, सीनियर वाइस प्रेसिडेंट लाल सिंह, रजिंदर कौर भट्ठल तृप्त रजिंदर बाजवा भी मौजूद थे।
ज्ञापन में उठाए कई मुद्दे
कांग्रेस ने मुख्य चुनाव आयुक्त को दिए ज्ञापन में कई मुद्दे उठाए हैं। ज्ञापन में कहा गया है कि राज्य में कानून-व्यवस्था बदहाल हो चुकी है, दिनदहाड़े कत्ल और डकैतियां हो रही हैं। इंडस्ट्री की ग्रोथ रुक गई है। शराब, ड्रग और रेत माफिया का राज है, झूठे परचे दर्ज किए जा रहे हैं।
श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी के आरोपी आज तक नहीं पकड़े गए। डीजीपी ने खुद स्वीकार किया है कि राज्य में 52 गैंग सक्त्रिस्य हैं। एसवाईएल पर सरकार राज्य के हितों की रक्षा करने में नाकाम रही, जिससे सामाजिक तनाव बढ़ रहा है।
कांग्रेस ने आशंका जताई कि चुनाव जीतने के लिए सत्ताधारी कुछ भी कर सकते हैं। वे लगातार अपने सियासी हितों के लिए सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग कर रहे हैं। वोटरों को रिश्वत देकर या धमका कर प्रभावित किया जा सकता है। कांग्रेस ने निष्पक्ष अफसरों को तैनात करने, दो साल से टिके मुलाजिमों को तब्दील करने और पोलिंग स्टेशन के पांच सौ मीटर के दायरे में अर्ध सैनिक बल तैनात करने की मांग की।