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ऐतिहासिक कुएं की मरम्मत पर शहीदों के वंशजों ने जताई चिंता, विधायक ने की अलोचना

Wed, 26 Jun 2019 06:55 PM IST
ajay kumar पीटीआई, अमृतसर
पीटीआई, अमृतसर Published by: ajay kumar Updated Wed, 26 Jun 2019 06:55 PM IST
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Concern over renovation of Martyrs' Well at Amritsar's Jallianwala Bagh
ऐतिहासिक कुआं - फोटो : फाइल फोटो

अमृतसर के जलियांवाला बाग स्थित ऐतिहासिक कुएं के जीर्णोद्धार को लेकर लोगों ने चिंता जाहिर की है। वरिष्ठ कांग्रेस नेता और अमृतसर पश्चिम से विधायक राजकुमार वेरका ने इसकी अलोचना की है।

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वहीं शहीदों के परिवार ने अधिकारियों को वास्तविक संरचना में किसी भी नुकसान को लेकर चेतावनी दी है। कांग्रेस विधायक राजकुमार वेरका ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि, जिस तरह से नवीनीकरण का काम हो रहा है उससे ऐतिहासिक कुएं का मुख्य भाग ध्वस्त हो गया है।
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बता दें कि, सौ साल पहले 13 अप्रैल 1919 को डायर के नेतृत्व में ब्रिटिश सैनिकों ने जलियांवाला बाग में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे लोगों पर गोलियां चला दी थीं। इस अंधाधुंध गोलीबारी में खुद को बचाने के लिए बड़ी संख्या में लोग कुएं में कूद गए थे। हालांकि उनकी जान चली गई थी।
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शहीदों के वंशजों ने कुएं के मूल संरचना से छेड़छाड़ के प्रति अगाह किया है। जलियांवाला बाग गोलीकांड में एक शहीद के वंशज कृष्ण चौहान ने कहा, “मेरे चाचा मेला राम 18 साल की उम्र में अंधाधुंध फायरिंग के दौरान जलियांवाला बाग में शहीद हो गए थे। ऐतिहासिक कुएं के मूल संरचना को नहीं बदलना चाहिए। ”

महेश बहल के दादा लाला हरिराम एक वकील थे। 36 साल की उम्र में वे इस नरसंहार में शहीद हुए थे। महेश बहल ने कहा कि "जलियांवाला बाग के परिसर में स्थित यह कुआं, बेकसूर लोगों की नृशंस हत्या का प्रमाण है। जो बचने के लिए इसमें कूदे थे। इसकी देखभाल की जानी चाहिए ताकि मूल संरचना में बदलाव न हो। "

हालांकि, पंजाब बीजेपी अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद श्वेत मलिक ने कहा कि रेनोवेशन में शामिल टीम को कहा गया था कि कुएं के हेरिटेज हिस्से को क्षति न पहुंचाई जाए। बता दें कि मलिक जलियांवाला बाग नेशनल मेमोरियल ट्रस्ट के ट्रस्टी भी हैं।

मलिक ने कहा, "कुछ साल पहले, ईंट का काम कुएं के आसपास किया गया था। अब यह जीर्ण-क्षीर्ण अवस्था में पड़ा है। इस वजह से कुएं का जीर्णोद्धार किया जा रहा है।" उन्होंने कहा कि किसी को भी पुराने ढांचे के मूल संरचना को बदलने की अनुमति नहीं दी जाएगी और इसके जीर्णोद्धार के दौरान देखभाल की जाएगी।

दूसरी ओर ट्रस्ट के सचिव एस के मुखर्जी ने कहा कि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण चल रहे नवीकरण कार्य का पर्यवेक्षण कर रहा है। नवीनीकरण के काम में लगे लोगों ने दावा किया कि ऐतिहासिक कुआं अपने मूल संरचना में क्षति के बिना एक आधुनिक रूप प्रदान करेगा।

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