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सीएनजी पाइपलाइन के अमृतसर तक नहीं पहुंचने पर हाईकोर्ट सख्त
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Thu, 26 May 2016 06:02 PM IST
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पंजाब के तीन प्रमुख शहरों में सीएनजी पाइपलाइन बिछाकर फिलिंग स्टेशन खोलने का प्रोजैक्ट अभी तक अधर में ही देखकर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने बुधवार को केंद्र सरकार, उसकी अफसरशाही और नेशनल गैस रेगुलेटरी बोर्ड (एनसीआरबी) को कड़ी फटकार लगाई। जस्टिस एसएस सारों और जस्टिस गुरमीत राम की खंडपीठ ने एनसीआरबी के किसी तकनीकी विशेषज्ञ को कोर्ट में पेश होने का निर्देश जारी करते हुए मामले की अगली सुनवाई 28 मई तय कर दी।
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एनसीआरबी ने इस साल जनवरी में हाईकोर्ट में हलफनामा दायर कर भरोसा दिलाया था कि मई महीने तक तीनों प्रमुख शहरों- अमृतसर, जालंधर और लुधियाना में सीएनजी पाइपलाइन बिछाने का काम पूरा कर लिया जाएगा। बुधवार को सुनवाई के समय जब यह बात सामने आई कि अब तक सीएनजी पाइपलाइन अमृतसर में ही नहीं बिछाई जा सकी। इस पर खंडपीठ ने एनसीआरबी को कड़ी फटकार लगाते हुए पूछा कि सीएनजी स्टेशन स्थापित करने में देरी कर रही कंपनी पर अब तक एफआईआर क्यों दर्ज नहीं कराई गई।
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बुधवार को कोर्ट में एनसीआरबी के वकील खंडपीठ द्वारा पूछे गए किसी सवाल का जवाब नहीं दे सके। खंडपीठ ने इस मामले में केंद्र सकार के रवैये पर भी कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि दिल्ली में बैठी अफसरशाही प्रदेशों के विकास में बाधक बन रही है। चाहे पंजाब में सीएनजी पाइपलाइन का काम हो या चंडीगढ़ इंटरनेशलन एयरपोर्ट का, दिल्ली में बैठी अफसरशाही कामों को पूरा नहीं होने दे रही। अफसरों का यह माइंडसेट विकास के कामों में तेजी नहीं आने दे रहा।
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