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हरियाणा: गुरुग्राम की तर्ज पर प्रदेश की सभी पालिकाओं में होगा सेप्टिक प्रबंधन
Mon, 22 Jul 2019 04:38 AM IST
Abhishek Singh
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: Abhishek Singh
Updated Mon, 22 Jul 2019 04:38 AM IST
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हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर
- फोटो : Social Media
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हरियाणा के शहरी क्षेत्र में घरों में बने हुए सेप्टिक टैंक को खाली करने से लेकर इसे उचित स्थान तक पहुंचाने के लिए सभी निकाय क्षेत्रों के लिए सेप्टिक प्रबंधन को मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर द्वारा मंजूरी प्रदान की गई है।
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गुरूग्राम की तर्ज पर प्रारंभ होने वाले सेप्टिक प्रबंधन में पालिका स्तर पर स्थानीय अनुकूलता के मुताबिक व्यवस्था बनाई जाएगी। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि किसी भी घर या संस्थान से निकला सेप्टिक वेस्ट खुले में न डलने पाए और बीमारी को दावत न दे।
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दरअसल, प्रदेश के शहरी क्षेत्र में सेप्टिक प्रबंधन को लेकर कोई नीति नहीं होने के कारण निजी सेप्टिक टैंकरों द्वारा घर अथवा व्यवसायिक प्रतिष्ठानों से निकाला गया सेप्टिक वेस्ट मौका देखकर कहीं खुले स्थान पर अथवा बरसाती पानी नाले में डालकर न केवल महामारी फैलने की संभावना को बढ़ावा दिया जा रहा है।
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वहीं पर्यावरण प्रदूषण में भी इजाफा किया जा रहा है। इसे लेकर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल द्वारा भी सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए गए थे।
शहरी स्थानीय निकाय मंत्री कविता जैन ने बताया कि मुख्यमंत्री ने प्रदेश के सभी शहरी क्षेत्र में सेप्टिक प्रबंधन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देशों को मंजूरी प्रदान की गई है। सभी पालिकाओं को निर्देश दिए गए हैं कि वह निकाय क्षेत्र के दायरे में उन टैंकरों का पंजीकरण करेंगे, जो क्षेत्र में घर और अन्य स्थानों से सेप्टिक वेस्ट निकालने का काम करना चाहते हैं। बिना पंजीकरण के चलने वाले सेप्टिक टैंकरों को भारी जुर्माने का सामना करना होगा।