'पंजाब में भाजपा ने रुकवाए करोड़ों के प्रोजेक्ट'
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सीएलपी लीडर सुनील जाखड़ ने आरोप लगाया कि भाजपा ने शिअद को नीचा दिखाने के लिए पंजाब के करोड़ों के प्रोजेक्ट रुकवा दिए। जेन्यूरम के तहत यूपीए की ओर से पास किए प्रोजेक्ट की ग्रांट एनडीए ने जारी नहीं की।
उधर, डिप्टी सीएम सुखबीर बादल इनके जल्द पूरा होने का दावा कर लोगों को गुमराह करते रहे। जाखड़ ने कहा कि पूरे पंजाब में सीवरेज, वाटर सप्लाई व अन्य कार्यों के 1261.35 करोड़ के 47 प्रोजेक्ट तैयार किए गए थे।
लोकसभा चुनाव के कोड से पहले डिप्टी सीएम ने 27-28 फरवरी 2014 को 25 प्रोजेक्ट के नींव पत्थर रखे थे। निकायों में निर्वाचित सदन न होने के बावजूद यूपीए ने पंजाब को विशेष छूट देते हुए ये प्रोजेक्ट पास किए। फिर कोड लग गया और सरकार बदल गई।
डिप्टी सीएम बादल करते रहे दावे
जाखड़ ने कहा कि इस दौरान डिप्टी सीएम लगातार दावा करते रहे कि ये प्रोजेक्ट जल्द मुकम्मल हो जाएंगे। 19 जून को उन्होंने केंद्रीय मंत्री वेंकैया नायडू से मुलाकात की।
16 जुलाई को पंजाब केबजट में भी जेन्यूरम के फंड का प्रावधान रखा गया, लेकिन 27 अक्तूबर को एक जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान निकाय विभाग के सचिव अशोक गुप्ता ने पंजाब व हरियाणा हाईकोर्ट में एफिडेविट दिया।
इसमें साफ कहा गया है कि केंद्र की अर्बन इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट स्कीम फॉर स्माल एंड मीडियम टाउन के तहत कोई भी प्रोजेक्ट पेंडिंग नहीं है। प्रयासों के बावजूद भी केंद्र सरकार ने कोई फंड जारी नहीं किए।
लोगों को गुमराह करती रही पंजाब सरकार
जाखड़ ने कहा कि इससे साफ है कि एनडीए ने सारे प्रोजेक्ट रोक लिए और सरकार लोगों को गुमराह करती रही। उन्होंने कहा कि शिअद-भाजपा के रिश्तों में आई कड़वाहट इस हद तक पहुंच गई है।
भाजपा, शिअद को नीचा दिखाना चाहती है, इसलिए उसने सारी ग्रांट रुकवा दी। इन प्रोजेक्ट के नींव पत्थर और विज्ञापनों पर भारी रकम खर्च की गई। उसकी रिकवरी के लिए कांग्रेस अदालत जाएगी, क्योंकि लोगों को गुमराह किया गया।
उन्होंने कहा कि अकाली दल हमेशा यूपीए पर सौतेली मां का आरोप लगाता था। अब उनके गठबंधन साझीदार ने ही उन्हें झटका दिया है। अगर सीएम को लगता है कि भाजपा ने यह गलत किया है तो वह भाजपा से रिश्ते तोड़ें।